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एआरओ को हटाया, नागरिक सुरक्षा प्रभारी को भी हिदायत
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Tue, 17 May 2016 02:30 AM IST
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खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत शहर में पात्र गृहस्थियों का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है। इसमें नागरिक सुरक्षा कोर के लोगों को भी लगाया गया है। पुराने शहर में कई जगह से शिकायत आने लगी कि सत्यापन की आड़ में पात्र गृहस्थितियों से 100-100 रुपये वसूले जा रहे हैं और आपूर्ति विभाग कोई निगरानी नहीं कर रहा। इस बाबत ‘अमर उजाला’ के 10 मई के अंक में खबर प्रकाशित की गई। मामले में संबंधित एआरओ को वहां से हटा दिया गया है। साथ ही क्षेत्र के नागरिक सुरक्षा प्रभारी को हिदायत दी गई है कि भविष्य में ऐसी शिकायतें नहीं आनी चाहिए।
जिले में दस लाख से अधिक पात्र गृहस्थियों का चयन किया गया है। चयनित पात्र गृहस्थितियों का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है ताकि जो अपात्र गलती से पात्रता सूची में शामिल कर लिए गए हैं, उन्हें सूची से बाहर किया जा सके और जो पात्र होने के बावजूद अपात्र घोषित कर दिए गए, उन्हें संशोधन के तहत सूची में शामिल कर लिया जाए। सत्यापन के लिए शहरी क्षेत्र में नागरिक सुरक्षा कोर के लोगों को जिम्मेदारी दी गई जबकि ग्रामीण इलाकों में यह काम विभागीय कर्मचारियों, लेखपालों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सौंपा गया। पुराने शहर से शिकायत आने लगी कि सत्यापन करने वाले पात्र गृहस्थियों से वसूली कर रहे हैं और धमकी दे रहे हैं कि नहीं माने तो अपात्र घोषित कर दिए जाएंगे। जहां से शिकायतें आईं, वो इलाका आपूर्ति विभाग के प्रखंड-दो में आता है। मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी एआरओ की होती है। मामले में एआरओ उमेश को प्रखंड दो से हटाकर कोरांव और मेजा के पर्यवेक्षणीय अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है जबकि प्रखंड दो का नया एआरओ पृथ्वीराज को बनाया गया है। सूत्रों के मुताबिक संबंधित क्षेत्र के नागरिक सुरक्षा के प्रभारी को भी अफसरों ने हिदायत दी है कि इस तरह की शिकायतें न आएं।
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जिले में दस लाख से अधिक पात्र गृहस्थियों का चयन किया गया है। चयनित पात्र गृहस्थितियों का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है ताकि जो अपात्र गलती से पात्रता सूची में शामिल कर लिए गए हैं, उन्हें सूची से बाहर किया जा सके और जो पात्र होने के बावजूद अपात्र घोषित कर दिए गए, उन्हें संशोधन के तहत सूची में शामिल कर लिया जाए। सत्यापन के लिए शहरी क्षेत्र में नागरिक सुरक्षा कोर के लोगों को जिम्मेदारी दी गई जबकि ग्रामीण इलाकों में यह काम विभागीय कर्मचारियों, लेखपालों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सौंपा गया। पुराने शहर से शिकायत आने लगी कि सत्यापन करने वाले पात्र गृहस्थियों से वसूली कर रहे हैं और धमकी दे रहे हैं कि नहीं माने तो अपात्र घोषित कर दिए जाएंगे। जहां से शिकायतें आईं, वो इलाका आपूर्ति विभाग के प्रखंड-दो में आता है। मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी एआरओ की होती है। मामले में एआरओ उमेश को प्रखंड दो से हटाकर कोरांव और मेजा के पर्यवेक्षणीय अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है जबकि प्रखंड दो का नया एआरओ पृथ्वीराज को बनाया गया है। सूत्रों के मुताबिक संबंधित क्षेत्र के नागरिक सुरक्षा के प्रभारी को भी अफसरों ने हिदायत दी है कि इस तरह की शिकायतें न आएं।
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