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प्रतियोगियों ने पीसीएस में चयनितों से की गुजारिश, लिखकर दें कि न जांची जाएं उनकी कापियां
Mon, 25 Feb 2019 01:09 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 25 Feb 2019 01:09 AM IST
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पीसीएस-2016 का रिजल्ट आरओ/एआरओ-2017 की मुख्य परीक्षा से पहले आ जाता तो मुख्य परीक्षा में शामिल कम से कम डेढ़ सौ प्रतियोगी छात्रों को इसका लाभ मिल सकता था। पीसीएस-2016 के तहत महत्वपूर्ण पदों पर चयनित अभ्यर्थी नई नौकरी ज्वाइन करेंगे। इनमें से बहुतों ने आरओ/एआरओ मेंस भी दे रखा है। प्रतियोगियों ने चयनितों से अपील की है कि वह आयोग में लिखकर दें कि आरओ/एआरओ मेंस में उनकी कॉपियां न जांची जाएं।
डिप्टी कलेक्टर एवं डिप्टी एसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर चयनितों से यह अपील भी की गई है कि अगर वह ज्वाइन करने जा रहे हैं और अब पीसीएस-2017 की परीक्षा उनके लिए कोई मायने नहीं रखती है तो वे इस परीक्षा के लिए भी आयोग को लिखकर दे दें कि उनकी कॉपियां न जांची जाएं। इन दिनों आयोग में पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा की कॉपियां जांचे जाने काम चल रहा है। प्रतियोगी बार-बार आनंद प्रकाश तिवारी के नाम की चर्चा कर रहे हैं, जिन्होंने पीसीएस-2003 में आयोग को लिखकर दिया था कि उनकी कॉपियां न जांची जाएं, क्योंकि उनका चयन आईपीएस के पद पर हो गया है।
प्रतियोगियों का कहना है कि पीसीएस-2016 में महत्वपूर्ण पदों पर चयनित अभ्यर्थियों ने अगर आरओ/एआरओ-2017 की मुख्य परीक्षा या पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा दे रखी है और उनके लिए अगर ये दोनों परीक्षाएं अब मायने नहीं रखती हैं तो उनके लिखकर देने से अन्य बेरोजगार प्रतियोगियों के लिए अवसर बढ़ जाएंगे।
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डिप्टी कलेक्टर एवं डिप्टी एसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर चयनितों से यह अपील भी की गई है कि अगर वह ज्वाइन करने जा रहे हैं और अब पीसीएस-2017 की परीक्षा उनके लिए कोई मायने नहीं रखती है तो वे इस परीक्षा के लिए भी आयोग को लिखकर दे दें कि उनकी कॉपियां न जांची जाएं। इन दिनों आयोग में पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा की कॉपियां जांचे जाने काम चल रहा है। प्रतियोगी बार-बार आनंद प्रकाश तिवारी के नाम की चर्चा कर रहे हैं, जिन्होंने पीसीएस-2003 में आयोग को लिखकर दिया था कि उनकी कॉपियां न जांची जाएं, क्योंकि उनका चयन आईपीएस के पद पर हो गया है।
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प्रतियोगियों का कहना है कि पीसीएस-2016 में महत्वपूर्ण पदों पर चयनित अभ्यर्थियों ने अगर आरओ/एआरओ-2017 की मुख्य परीक्षा या पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा दे रखी है और उनके लिए अगर ये दोनों परीक्षाएं अब मायने नहीं रखती हैं तो उनके लिखकर देने से अन्य बेरोजगार प्रतियोगियों के लिए अवसर बढ़ जाएंगे।
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