फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Amarmani Tripathi application rejected from allahabad high Court

हाईकोर्ट : अमरमणि त्रिपाठी सरेंडर करें, वरना होगी कुर्की, व्यापारी के बेटे के अपहरण मामले में याचिका खारिज

Fri, 22 Mar 2024 03:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 22 Mar 2024 03:44 PM IST
सार

फरार पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की होली बेरंग हो गई है। हाईकोर्ट ने कुर्की के खिलाफ दाखिल अर्जी खारिज कर दी है। एमपी एमएलए कोर्ट ने समर्पण करने का आदेश दिया था। जिसके खिलाफ पूर्व मंत्री ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

विज्ञापन
Amarmani Tripathi application rejected from allahabad high Court
अमरमणि त्रिपाठी। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपहरण मामले में फरार चल रहे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी को तगड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बस्ती की एमपी एमएलए कोर्ट की ओर से पूर्व मंत्री की संपत्ति कुर्क करने के आदेश के खिलाफ दाखिल अर्जी खारिज की दी है। अब अमरमणि को विशेष अदालत में सरेंडर करना होगा, वरना संपत्ति कुर्क होगी। सरेंडर के बाद उनकी जमानत अर्जी पर बस्ती की अदालत ही फैसला लेगी।

विज्ञापन


यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की अदालत ने शुक्रवार को सुनाया। इससे पहले कोर्ट ने पूर्व मंत्री की ओर से दाखिल दस्तावेजों, सरकार की ओर से पेश हलफनामे में तथ्यों की भिन्नता पाए जाने पर ट्रायल कोर्ट की ऑर्डर शीट बंद लिफाफे में तलब की थी।
विज्ञापन


अभियोजन की ओर से पेश दस्तावेजों में 36 आपराधिक मामलों का इतिहास हाेने की बात बताई, जबकि पूर्व मंत्री की ओर से केवल 20 मामलों का खुलासा किया गया था। हालांकि, सरकार की ओर से पेश आपराधिक इतिहास को काफी पुराना बता पूर्व मंत्री के वकील ने स्वीकार कर लिया था। इसके बाद कोर्ट ने 20 मार्च को फैसला सुरक्षित कर लिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्व मंत्री ने बस्ती के एमपी एमएलए कोर्ट की ओर से संपत्ति की कुर्की के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामला बस्ती के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। छह दिसंबर 2001 को व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल का अपहरण हो गया था। उसे अमरमणि के लखनऊ आवास से बरामद किया गया था। मामले में कोतवाली थाने में पूर्व मंत्री अमरमणि समेत नौ पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया था।

विवेचना के बाद पुलिस की ओर से दाखिल आरोप पत्र पर बस्ती के एमपी एमएलए कोर्ट ने ट्रायल शुरू किया। इसके बाद पूर्व मंत्री को तलब किया था, लेकिन वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया था। फिर भी पुलिस उन्हें अदालत में पेश नहीं कर सकी थी। इस पर नाराज स्पेशल कोर्ट ने यूपी के प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को पूर्व मंत्री की संपत्ति की कुर्की के साथ ही हर हाल में 20 मार्च को अदालत के सामने हाजिर करने का आदेश दिया था।

स्पेशल जज की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि फरार अभियुक्त अमरमणि दुर्दांत और प्रभावशाली व्यक्ति है। उसका लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ हत्या समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। स्थानीय पुलिस पूर्व मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed