इलाहाबाद विश्वविद्यालय : ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने से परिसर में लौटी रौनक
कोरोना के कारण इलाहाबाद विश्वविद्यालय में महीनों से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा था। दिसंबर में सिर्फ एक दिन के लिए स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन किया गया था।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक महाविद्यालयों में सोमवार से रौनक लौट आई है। विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों में स्नातक की ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन भी शुरू कर दिया गया है और अब कक्षाओं में चहल-पहल बढ़ गई है। हालांकि विश्वविद्यालय खुलते ही हॉस्टलों और केंद्रीय लाइब्रेरी को पूर्ण रूप से खोले जाने की मांग उठने लगी है।
कोरोना के कारण इलाहाबाद विश्वविद्यालय में महीनों से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा था। दिसंबर में सिर्फ एक दिन के लिए स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन किया गया था।
कोराना के कारण विश्वद्यालय के साथ सभी हॉस्टल भी बंद कर दिए गए थे और विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी भी बंद थी। महीनों बाद 14 फरवरी से विश्वविद्यालय में स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू किया गया
वहीं, स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही प्रथम वर्ष की ऑफलाइन कक्षाएं भी शुरू कर दी जाएंगी। ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू होने के बाद विश्वविद्यालय आने वाले छात्र अब मांग कर रहे हैं कि सेंट्रल लाइब्रेरी को पूरी तरह से खोल दिया जाए।
छात्रों ने हॉस्टल और लाइब्रेरी खोलने की उठाई मांग
उनका कहना है कि ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान उनके पास पर्याप्त पाठ्य सामग्री उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में सभी छात्रों के लिए पूरी क्षमता के साथ लाइब्रेरी को खोले जाने की जरूरत है, ताकि छात्र परीक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें।
इसके साथ ही छात्र हॉस्टल आवंटित किए जाने की मांग कर रहे हैं। अब तक अपने घरों में रहकर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे दूसरे जिलों के छात्र विश्वविद्यालय में ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद प्रयागराज लौट आए हैं और अब उन्हें हॉस्टल की दरकार है।
छात्र चाहते हैं कि हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी छात्रों की मांगों को ध्यान में रखते हुए हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है और फरवरी के अंतिम सप्ताह तक छात्रों को हॉस्टल आवंटित किए जाने की उम्मीद है।