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इविवि शिक्षकों को मिलेगा बढ़ा वेतन
amar ujala/allahabad
Updated Wed, 30 May 2018 01:55 AM IST
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लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों का सातवें वेतन आयोग का फायदा मिल गया। सातवें वेतन आयोग के तहत बढ़े वेतन और भत्तों की रकम कर्मचारियों और शिक्षकों के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। हालांकि इसमें एचआरए और टांसपोर्ट एलाउंस की रकम शामिल नहीं है। इन भत्तों का भुगतान छठवें वेतन आयोग के तहत ही किया जाएगा, क्योंकि इनमें बढ़ोतरी को लेकर सरकार ने अभी निर्णय नहीं है। इसके साथ ही कॉलेजों में भी दो जून तक भुगतान हो जाने की उम्मीद है। कॉलेज के शिक्षकों को भी मई के वेतन के साथ यह लाभ मिलेगा।
गत चार अप्रैल को कार्य परिषद की बैठक से पहले दिल्ली में फाइनेंस कमेटी की बैठक हुई थी। उसमें कर्मचारियों और शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिए जाने का प्रस्ताव पारित हुआ था। चार अप्रैल को हुई कार्य परिषद की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगा दी गई। इस बीच कुलपति छुट्टी पर चले गए। इलाहाबाद लौटने पर उन्होंने भुगतान का आदेश किया। इसके बाद सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन का निर्धारण शुरू हुआ और मंगलवार को वेतन एवं भत्तों में बढ़ोतरी की रकम मई के वेतन के साथ कर्मचारियों एवं शिक्षकों के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। इससे विश्वविद्यालय के 954 कर्मचारियों और 304 शिक्षकों को फायदा हुआ है। असिस्टेंट प्रोफसरों के वेतन में औसतन दस हजार रुपये, एसोसिएट प्रोफेसरों के वेतन में 15 हजार रुपये और प्रोफेसरों के वेतन में 20 से 32 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, कर्मचारियों के वेतन में औसतन तीन से दस हजार रुपये और अफसरों के वेतन में 15 हजार रुपये की वृद्धि हुई है।
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गत चार अप्रैल को कार्य परिषद की बैठक से पहले दिल्ली में फाइनेंस कमेटी की बैठक हुई थी। उसमें कर्मचारियों और शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिए जाने का प्रस्ताव पारित हुआ था। चार अप्रैल को हुई कार्य परिषद की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगा दी गई। इस बीच कुलपति छुट्टी पर चले गए। इलाहाबाद लौटने पर उन्होंने भुगतान का आदेश किया। इसके बाद सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन का निर्धारण शुरू हुआ और मंगलवार को वेतन एवं भत्तों में बढ़ोतरी की रकम मई के वेतन के साथ कर्मचारियों एवं शिक्षकों के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। इससे विश्वविद्यालय के 954 कर्मचारियों और 304 शिक्षकों को फायदा हुआ है। असिस्टेंट प्रोफसरों के वेतन में औसतन दस हजार रुपये, एसोसिएट प्रोफेसरों के वेतन में 15 हजार रुपये और प्रोफेसरों के वेतन में 20 से 32 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, कर्मचारियों के वेतन में औसतन तीन से दस हजार रुपये और अफसरों के वेतन में 15 हजार रुपये की वृद्धि हुई है।
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