इलाहाबाद विश्वविद्यालय : छात्रों ने खुद पर छिड़का कैरोसिन, पुलिस ने की पानी की बौछार सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी से परिसर में मचा हड़कंप
स्नातक की परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में कराए जाने की मांग को लेकर छात्र कई दिनों से कुलपति कार्यालय के सामने बेमियादी धरने पर बैठे थे। बृहस्पतिवार को जब इविवि प्रशासन ने छात्रों की मांग को दरकिनार करते हुए ऑफलाइन मोड में परीक्षाएं कराए जाने का निर्णय लिया तो छात्र भड़क गए।
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ऑफलाइन परीक्षाओं के विरोध में इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के कुलपति कार्यालय का घेराव कर रहे छात्रों ने शुक्रवार को सामूहिक आत्मदाह की धमकी देते खुद पर कैरोसिन ऑयल छिड़क लिया। एक चिंगारी बड़े हादसे की वजह बन सकती थी। छात्रों को ऐसा करते देख अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। फायर ब्र्रिगेड की कई गाड़ियों बुला ली गई और छात्र-छात्राओं पर पानी की बौछार की गई।
स्नातक की परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में कराए जाने की मांग को लेकर छात्र कई दिनों से कुलपति कार्यालय के सामने बेमियादी धरने पर बैठे थे। बृहस्पतिवार को जब इविवि प्रशासन ने छात्रों की मांग को दरकिनार करते हुए ऑफलाइन मोड में परीक्षाएं कराए जाने का निर्णय लिया तो छात्र भड़क गए।
शुक्रवार सुबह हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं कुलपति कार्यालय के सामने इकट्ठा होने लगे। वहां मौजूद कुछ छात्रों ने दर्जनों बोतलों में भरा कैरोसिन ऑयल खुद पर और आसपास मौजूद छात्र-छात्राओं पर छिड़कना शुरू कर दिया। छात्र सामूहिक आत्मदाह की धमकी देने लगे। वहां मौजूद इविवि प्रशासन के अफसर पीछे हट गए और पुलिस ने पूरी तरह से मोर्चा संभाल लिया।
कई छात्र किरोसिन से हो गए तरबतर
इस दौरान छात्र बार-बार खुद पर कैरोसिन ऑयल छिड़क रहे थे और पुलिस को पानी की बौछार करनी पड़ रही थी। कई छात्र पूरी तरह से कैरोसिन ऑयल से तरबतर थे। पुलिस किसी भी तरह की सख्ती से बच रही थी। बड़ी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए दोपहर दो बजे के आसपास डीएम संजय कुमार खत्री और एसएसपी अजय कुमार मौके पर पहुंचे। दोनों छात्रों के बीच अपनी बात रखी और उन्हें आश्वस्त किया कि वह कुलपति से मिलने जा रहे हैं। छात्रों के हित में कोई न कोई निर्णय होगा। डीएम और एसएसपी के वहां से जाने के बाद भी छात्रों का धरना एवं नारेबाजी जारी रही।
डीएम और एसएसपी शाम को छात्रों के बीच दोबारा पहुंचे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बताया कि इविवि प्रशासन ने द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रमोट करने और तृतीय वर्ष की परीक्षा ऑनलाइन मोड में कराने का निर्णय लिया है।
डीएम और एसएसपी की इस घोषणा के बाद छात्रों ने तालियां बजाकर इविवि प्रशासन के निर्णय का स्वागत किया। साथ ही कई दिनों से कुलपति कार्यालय पर जारी धरना समाप्त कर दिया। छात्र नेता अजय सम्राट यादव, नवनीत, अभिषेक द्विवेदी, हरिओम यादव, सत्यम कुशवाहा, राहुल पटेल, आदर्श भदौरिया, पूजा बिंद, शुभांगी यादव, स्वाति मिश्रा, प्रज्ञा सिंह, दीपांजलि आदि ने इसे छात्र-छात्राओं की जीत बताया।
छात्रों ने उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट पर उठाए सवाल
छात्र ने उच्च स्तरीय कमेटी की उस रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं, जिसमें कमेटी ने ऑफलाइन मोड में परीक्षाएं कराने की सिफारिश की थी। छात्रों का दावा है कि इविवि और संघटक महाविद्यालयों के दस हजार से अधिक छात्रों ने ऑनलाइन परीक्षाओं के पक्ष में आवेदन जमा किए थे। इसके बावजूद कमेटी ने बहुमत को नजरअंदाज किया और ऑफलाइन परीक्षाएं कराने की सिफारिश की। छात्रों को आरोप है कि कमेटी ने इविवि प्रशासन के दबाव में आकर गलत सिफारिश की।