इलाहाबाद विवि : कर्मचारी भर्ती परीक्षा रविवार को, शामिल होंगे 1700 अभ्यर्थी
ग्रुप ‘ए’ एवं ‘बी’ के कुल नौ प्रकार के 17 पदों पर भर्ती के लिए 1700 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। शंभूनाथ इंस्टीट्यूट को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इस परीक्षा के माध्यम से असिस्टेंट रजिस्ट्रार, हिंदी ऑफिसर, प्रोफेशनल असिस्टेंट लाइब्रेरी, असिस्टेंट इंजीनियर, नर्सिंग ऑफिसर, सिस्टम मैनेजर, कंप्यूटर ऑपरेटर, सेक्शन ऑफिसर एवं सिक्योरिटी ऑफिसर के पदों पर भर्ती की जाएगी।
विस्तार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में गैर शैक्षणिक कर्मचारी ग्रुप ‘ए’ एवं ‘बी’ के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा छह नवंबर को आयोजित की जाएगी। वहीं, गुप ‘सी’ एवं सीएमटीएस के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा दूसरे चरण में होगी, जिसकी तिथि बाद में घोषित की जाएगी। ग्रुप ‘ए’ एवं ‘बी’ के कुल नौ प्रकार के 17 पदों पर भर्ती के लिए 1700 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। शंभूनाथ इंस्टीट्यूट को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इस परीक्षा के माध्यम से असिस्टेंट रजिस्ट्रार, हिंदी ऑफिसर, प्रोफेशनल असिस्टेंट लाइब्रेरी, असिस्टेंट इंजीनियर, नर्सिंग ऑफिसर, सिस्टम मैनेजर, कंप्यूटर ऑपरेटर, सेक्शन ऑफिसर एवं सिक्योरिटी ऑफिसर के पदों पर भर्ती की जाएगी।
जिन अभ्यर्थियों ने एक पद के लिए आवेदन किया है, उनकी परीक्षा अपराह्न 12 से दो बजे तक होगी। वहीं, दो पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की परीक्षा अपराह्न 12 से 2.30 बजे तक और तीन पदों के लिए आवेदन करने वालों की परीक्षा अपराह्न 12 से तीन बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा की प्रश्न पुस्तिका में वर्णानात्मक प्रश्न और वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न होंगे।
पेपर में तीन खंड होंगे। प्रथम खंड में अंग्रेजी और हिंदी पर वर्णनात्मक प्रश्न होंगे। द्वितीय खंड एवं तृतीय खंड में वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। द्वितीय खंड में सामान्य ज्ञान एवं रिजनिंग के प्रश्न होंगे। वहीं, तृतीय खंड में विभिन्न पदों के अनुसार विशिष्ट स्किल टेस्ट होगा।
इविवि में शिक्षक भर्ती की स्क्रीनिंग प्रक्रिया पर सवाल
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के गांधी एवं शांति अध्ययन सस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए छह नवंबर को इंटरव्यू होने जा रहा है। इंटरव्यू से पहले हुई अवेदनों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया को लेकर एक अभ्यर्थी ने सवाल उठाते हुए धांधली के आरोप लगाए हैं। अभ्यर्थी डॉ. अंकित पाठक का आरोप है कि इंटरव्यू में ऐसे अभ्यर्थियों को शामिल किया जा रहा है, जिनका गांधी एवं शांति अध्ययन पर कोई शोध कार्य नहीं है। इसी तरह जो अभ्यर्थी गांधी एवं शांति अध्ययन विषय पर नेट या पीएचडी नहीं हैं, उन्हें भी साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। एपीआई स्कोर पर अभ्यर्थियों को आपत्ति का मौका भी नहीं दिया गया, जबकि अन्य विश्वविद्यालय इस प्रक्रिया का पालन करते हैं।
डॉ. अंकित ने मांग की है कि अभ्यर्थियों को आपत्ति का मौका दिया जाए और आवेदनों की स्क्रीनिंग पुन: कराई जाए। उधर, इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर का कहना है कि गांधी स्टडीज एक अंतरविषयक सेंटर है और कई विषय इसकी परिधि में आते हैं। आवेदक भी विभिन्न विषयों के होते हैं। जहां तक स्क्रीनिंग प्रक्रिया की बात है तो यह प्रक्रिया पूरी तरह से यूजीसी रेगुलेशन 2018 के अनुसार कराई जा रही है। इसमें पूरी पारदर्शिता रखी गई है। स्क्रीनिंग कमेटी में सदंर्भित विषय के विशेषज्ञ होते हैं जो नियमानुसार स्क्रीनिंग करते है। ऐसे में किसी प्रकार की धांधली का आरोप गलत एवं निराधार है।