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इविवि ने ओवरआल में कराई थी इंट्री, टॉप 100 से बाहर
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Wed, 05 Apr 2017 12:55 AM IST
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इलाहाबाद
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एजेंसी एनआईआरएफ (नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फेमवर्क) की ओर से जारी शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग में इलाहाबाद विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालयों की श्रेणी में टॉप 100 संस्थानों में तो जगह मिल गई, लेकिन ओवरआल की श्रेणी से इविवि बाहर हो गया। इस श्रेणी में ट्रिपलआईटी, शुआट्स समेत कुल आठ शिक्षण संस्थानों ने इंट्री कराई थी, लेकिन किसी को भी इसमें जगह नहीं मिली। कॉलेज की श्रेणी में भी इलाहाबाद से दर्जन भर महाविद्यालयों की इंट्री थी, लेकिन सभी कॉलेज श्रेणी की रैंकिंग से बाहर कर दिए गए।
ओवरआल की श्रेणी में कुल 724 संस्थानों ने इंट्री कराई थी, जिनमें यहां से इलाहाबाद विश्वविद्यालय, ट्रिपलआईटी, एमएनएनआईटी, सैम हिग्गिन बॉटम इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंस (शुआट्स), गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान, इलाहाबाद डिग्री कॉलेज, सीएमपी डिग्री कॉलेज और हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज की थी इंट्री शामिल थी लेकिन किसी को भी इस श्रेणी के टॉप 100 संस्थानों में जगह नहीं मिली। इलाहाबाद विश्वविद्यालय को ओवरआल में तो जगह नहीं मिली, लेकिन विश्वविद्यालयों की श्रेणी में उसे 95वां स्थान मिला, जबकि पिछली बार इविवि इस रैंकिंग में 68वें स्थान पर था।
इविवि में ही देश का पहला प्रबंधन संस्थान मोनिरबा खुला था। यहां इंजीनियरिंग के लिए जेके इंस्टीट्यूट भी है। इसके बावजूद इविवि ओवरआल श्रेणी की रैंकिंग से बाहर हो गया। वहीं, एमएनएनआईटी ने ओवरआल के साथ इंजीनियरिंग की श्रेणी में भी इंट्री कराई थी। एमएनआईटी को भी ओवरआल में जगह नहीं मिली लेकिन इंजीनियरिंग की श्रेणी में 41वां स्थान मिला, जबकि पिछली बार 23वां स्थान था। ट्रिपलआईटी ने सिर्फ ओवरआल की श्रेणी में इंट्री कराई थी, लेकिन इस संस्थान को ओवरआल में कोई जगह नहीं मिली।
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कॉलेज की श्रेणी में 11 संस्थानों की थी इंट्री
एनआईआरएफ ने छह श्रेणियों में शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग की है। इनमें ओवरआल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, विश्वविद्यालय, कॉलेज एवं फार्मेसी की श्रेणी शामिल है। कॉलेज की श्रेणी में कुल 535 इंट्री आईं थीं, जिनमें इलाहाबाद से नौ इंट्री शामिल है। इलाहाबाद से आर्यकन्या डिग्री कॉलेज, इलाहाबाद डिग्री कॉलेज, सीएमपी डिग्री कॉलेज, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी डिग्री कॉलेज, गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान, हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज, ईश्वरण शरण डिग्री कॉलेज, जगत तारन गर्ल्स डिग्री कॉलेज, केपी ट्रेनिंग कॉलेज, एसएस खन्ना महिला महाविद्यालय और राजर्षि टंडन महिला महाविद्यालय ने इंट्री कराई थी। हालांकि, इनमें से किसी को भी रैंकिंग में स्थान नहीं मिला।
खस्ताहाल कॉलेज को रैंकिंग में चाहिए जगह
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध एक कॉलेज राजर्षि टंडन महिला महाविद्यालय भी है। चौक में स्थित यह महाविद्यालय काफी खस्ताहाल है। यहां संस्कृत का विषय तो पढ़ाया जाता है, लेकिन यह विषय पढ़ने के लिए कोई छात्रा नहीं है। राजनीति विज्ञान के विषय में महज नौ छात्राएं हैं। कॉलेज में छात्राओं की कुल संख्या 100 से भी कम थी। इस साल से कॉलेज में पीजी के भी दो पाठ्यक्रम शुरू किए गए तो छात्राओं की संख्या में इजाफा हुआ और संख्या तकरीबन 200 तक पहुंच गई। कॉलेज की एकेडेमिक व्यवस्था देखने की जिम्मेदारी इविवि प्रशासन की है। खुद बदहाली का दंश झेल रहे इविवि के लिए इस कॉलेज की स्थिति सुधार पाना नाकाम ही रहा। हालांकि, इस बदहाली के बावजूद महाविद्यालय ने रैंकिंग में जगह पाने के लिए कॉलेज की श्रेणी में अपनी इंट्री कराई थी।
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ओवरआल की श्रेणी में कुल 724 संस्थानों ने इंट्री कराई थी, जिनमें यहां से इलाहाबाद विश्वविद्यालय, ट्रिपलआईटी, एमएनएनआईटी, सैम हिग्गिन बॉटम इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंस (शुआट्स), गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान, इलाहाबाद डिग्री कॉलेज, सीएमपी डिग्री कॉलेज और हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज की थी इंट्री शामिल थी लेकिन किसी को भी इस श्रेणी के टॉप 100 संस्थानों में जगह नहीं मिली। इलाहाबाद विश्वविद्यालय को ओवरआल में तो जगह नहीं मिली, लेकिन विश्वविद्यालयों की श्रेणी में उसे 95वां स्थान मिला, जबकि पिछली बार इविवि इस रैंकिंग में 68वें स्थान पर था।
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इविवि में ही देश का पहला प्रबंधन संस्थान मोनिरबा खुला था। यहां इंजीनियरिंग के लिए जेके इंस्टीट्यूट भी है। इसके बावजूद इविवि ओवरआल श्रेणी की रैंकिंग से बाहर हो गया। वहीं, एमएनएनआईटी ने ओवरआल के साथ इंजीनियरिंग की श्रेणी में भी इंट्री कराई थी। एमएनआईटी को भी ओवरआल में जगह नहीं मिली लेकिन इंजीनियरिंग की श्रेणी में 41वां स्थान मिला, जबकि पिछली बार 23वां स्थान था। ट्रिपलआईटी ने सिर्फ ओवरआल की श्रेणी में इंट्री कराई थी, लेकिन इस संस्थान को ओवरआल में कोई जगह नहीं मिली।
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कॉलेज की श्रेणी में 11 संस्थानों की थी इंट्री
एनआईआरएफ ने छह श्रेणियों में शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग की है। इनमें ओवरआल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, विश्वविद्यालय, कॉलेज एवं फार्मेसी की श्रेणी शामिल है। कॉलेज की श्रेणी में कुल 535 इंट्री आईं थीं, जिनमें इलाहाबाद से नौ इंट्री शामिल है। इलाहाबाद से आर्यकन्या डिग्री कॉलेज, इलाहाबाद डिग्री कॉलेज, सीएमपी डिग्री कॉलेज, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी डिग्री कॉलेज, गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान, हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज, ईश्वरण शरण डिग्री कॉलेज, जगत तारन गर्ल्स डिग्री कॉलेज, केपी ट्रेनिंग कॉलेज, एसएस खन्ना महिला महाविद्यालय और राजर्षि टंडन महिला महाविद्यालय ने इंट्री कराई थी। हालांकि, इनमें से किसी को भी रैंकिंग में स्थान नहीं मिला।
खस्ताहाल कॉलेज को रैंकिंग में चाहिए जगह
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध एक कॉलेज राजर्षि टंडन महिला महाविद्यालय भी है। चौक में स्थित यह महाविद्यालय काफी खस्ताहाल है। यहां संस्कृत का विषय तो पढ़ाया जाता है, लेकिन यह विषय पढ़ने के लिए कोई छात्रा नहीं है। राजनीति विज्ञान के विषय में महज नौ छात्राएं हैं। कॉलेज में छात्राओं की कुल संख्या 100 से भी कम थी। इस साल से कॉलेज में पीजी के भी दो पाठ्यक्रम शुरू किए गए तो छात्राओं की संख्या में इजाफा हुआ और संख्या तकरीबन 200 तक पहुंच गई। कॉलेज की एकेडेमिक व्यवस्था देखने की जिम्मेदारी इविवि प्रशासन की है। खुद बदहाली का दंश झेल रहे इविवि के लिए इस कॉलेज की स्थिति सुधार पाना नाकाम ही रहा। हालांकि, इस बदहाली के बावजूद महाविद्यालय ने रैंकिंग में जगह पाने के लिए कॉलेज की श्रेणी में अपनी इंट्री कराई थी।