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हॉस्टलों, यूट्यूब पर दीक्षांत समारोह का सीधा प्रसारण
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समारोह से सीधे जुड़ेंगे इविवि के सभी छात्र-छात्राएं
सीनेट हॉल में सिर्फ 755 लोगों के बैठने के लिए हैं सीटें
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या तकरीबन 25 हजार है और सीनेट हॉल में सीटें महज 755 हैं। पांच सितंबर को दीक्षांत समारोह इसी हॉल में होगा। विश्वविद्यालय का हर छात्र इस समारोह को साक्षी बने सके, सो पांच को दीक्षांत समारोह का यूट्यूब पर सीधा प्रसारण होगा और हॉस्टलों में भी कॉमन हॉल में टीवी लगाकर इसका प्रसारण किया जाएगा। वहीं सोमवार को कुलपति प्रो. रतनलाल हांगलू ने आयोजन स्थल सीनेट हॉल का निरीक्षण किया और संबंधित अफसरों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
दीक्षांत समारोह पांच सितंबर को सुबह 10 बजे शुरू होगा और दोपहर 12.15 बजे इसका समापन होगा। सभी छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सुबह 9.30 बजे तक अपना स्थान ग्रहण कर लेना होगा। सुरक्षा के मद्देनजर समारोह में मेडल एवं डिग्री पाने वाले छात्रों और शिक्षकों एवं कर्मचारियों को विशेष कार्ड जारी किए जाएंगे, जो सीनेट परिसर में प्रवेश के लिए पास का काम करेगा। बाकी सभी का प्रवेश उस दिन सीनेट परिसर में प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे में अन्य छात्र दीक्षांत समारोह में शामिल नहीं हो सकेंगे।
दीक्षांत समारोह समिति के चेयरमैन प्रो. रामेंद्र सिंह के अनुसार ऐसे छात्रों के लिए समारोह के सीधे प्रसारण का खास इंतजाम किया गया है। हॉस्टलों के कामन रूम में लगे टीवी में सीधा प्रसारण होगा। ताराचंद और जीएनझा हॉस्टल में टीवी नहीं है, सो वहां अलग से टीवी सेट लगाए जाएंगे। हॉस्टलों में लगे टीवी सेट पुराने हो चुके हैं। ऐसे में सीधे प्रसारण के लिए टीवी सेटों में कनवर्टर भी लगवाया जा रहा है। इसके अलावा यूट्यूब पर भी समारोह का सीधा प्रसारण होगा, जिसका लिंक बुधवार से इविवि की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा। विश्वविद्यालय आईटी सेल के अधिकारी और फिल्म एवं थियेटर संकाय के शिक्षक इस पर हफ्ते भर से ही काम कर रहे हैं। दीक्षांत समारोह के सीधे प्रसारण से हर छात्र जुड़ाव महसूस करेगा।
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मुख्य अतिथि देंगे मेडल, वीसी बांटेंगे डिग्री
दीक्षांत समारोह के दौरान छह चांसलर मेडल एवं 113 विश्वविद्यालय मेडल दिए जाएंगे। इस तरह कुल 119 मेडल दिए जाएंगे। चांसलर मेडल पाने वालों में स्नातक के दो और परास्नातक के चार विद्यार्थी हैं। कई छात्रों को दो या उससे अधिक विश्वविद्यालय मेडल दिए जाने हैं, सो मेडल पाने वाले छात्रों की कुल संख्या 63 है। मुख्य अतिथि नोबेल पुरस्कार विजेता अपने हाथों से मेडल प्रदान करेंगे। डिग्री कुलपति की ओर से दिए जाने का प्रावधान है,, सो कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू 181 शोधार्थियों को डिग्री प्रदान करेंगे। कुलपति ही पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी एवं डीजीपी ओपी सिंह को मानद उपाधि प्रदान करेंगे। वीसी मेडल वितरण के दौरान भी कैलाश सत्यार्थी के साथ होंगे, क्योंकि मेडल पाने वालों को भी प्रमाणपत्र एवं डिग्री दी जानी है और मेडल पाने वाले छात्रों को भी कुलपति ही अपने हाथों से डिग्री देंगे।
रिहर्सल आज, पीली-फिरोजी टोपी में दिखेंगे छात्र
दीक्षांत समारोह के लिए रिहर्सल का आयोजन तीन सितंबर को सुबह 10 बजे से सीनेट हॉल में किया जाएगा। इसके लिए सभी छात्रों को सुबह दस बजे सीनेट हाल में पहुंचना है। इसी दौरान छात्र-छात्राओं को आमंत्रण कार्ड दिए जाएंगे, जिसे दिखाने के बाद ही उन्हें दीक्षांत समारोह के लिए परिसर में प्रवेश मिलेगा। रिहर्सल के दौरान ही छात्र-छात्राओं को टोपी और स्टोल दिए जाएंगे। पीएचडी की डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र पीली टोपी और मेडल पाने वाले विद्यार्थी फिरोजी रंग की टोपी पहनेंगे। स्टोल एक जैसा होगा।
इविवि निकालेगा पोस्ट कन्वोकेशन मैग्जीन
दीक्षांत समारोह के बाद इविवि प्रशासन की ओर से पोस्ट कन्वोकेशन मैग्जीन निकाली जाएगी। आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. रामेंद्र सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में वर्ष 1996 के बाद दीक्षांत समारोह होने जा रहा है। यह मैग्जीन अगले दीक्षांत समारोह के आयोजन में मददगार साबित होगी और आयोजन समिति को समारोह की तैयारी के लिए बहुत अधिक मशक्कत नहीं करनी होगी। इविवि में अभी इस तरह की मैग्जीन नहीं है, सो 23 साल बाद होने जा रहे दीक्षांत समारोह की तैयारी के लिए काफी मेहनत की गई है।
परिसर में दो गेटों से होगा प्रवेश
चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसवेक दुबे ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर दीक्षांत समारोह वाले दिन सीनेट परिसर में प्रवेश दो गेट से होगा। चार पहिया वाहन से आने वाले शिक्षकों को केंद्रीय पुस्तकालय गेट से प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें अलग से कार पार दिया गया है। वाहन पर पास चस्पा करना होगा। वहीं, मेडल एवं डिग्री पाने वाले छात्र-छात्राओं, दो पहिया वाहनों से आने वाले शिक्षकों-कर्मचारियों एवं मीडिया कर्मियों को केपीयूपी हॉस्टल के सामने वाले गेट से प्रवेश दिया जाएगा। उन्हें भी प्रवेश के लिए कार्ड दिए जाएंगे कार्ड के साथ पहचान पत्र भी दिखाना होगा। दोनों गेटों पर सुबह 7.30 बजे से कुलानुशासक मंडल के सदस्य मौजूद रहेंगे।
सीनेट परिसर में प्रवेश के लिए पांच द्वार
आयोजन स्थल सीनेट हॉल में प्रवेश के लिए कुल 10 गेट हैं लेकिन दीक्षांत समारोह वाले दिन पांच गेंट से सीनेट हॉल में प्रवेश के लिए पांच गेट खुले रहेंगे। इन सभी गेटों पर सुबह 7.30 बजे से ही कुलानुशासक मंडल के सदस्य मौजूद रहेंगे। अतिथियों, मीडिया कर्मियों, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के प्रवेश के लिए अलग-अलग गेट निर्धारित होंगे।
छात्रसंघ भवन के गेट से प्रवेश प्रतिबंधित
दीक्षांत समारोह वाले दिन छात्रसंघ भवन के गेट से सीनेट परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित होगा। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने बताया कि गेट के बाहर सड़क पर भी बैरिकेडिंग कराई जा रही है। केपीयूसी के सामने वाले गेट के बाहर भी बैरिकेडिंग होगी। चीफ प्रॉक्टर ने छात्रसंघ की बहाली के लिए आंदोलन कर रहे छात्र नेताओं से अपील की है कि पांच सितंबर तक वे अपना आंदोलन परिसर में स्थगित रखें ताकि परिसर में अनुशासन बना रहा और समारोह की तैयारियां प्रभावित न हों।
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सीनेट हॉल में सिर्फ 755 लोगों के बैठने के लिए हैं सीटें
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या तकरीबन 25 हजार है और सीनेट हॉल में सीटें महज 755 हैं। पांच सितंबर को दीक्षांत समारोह इसी हॉल में होगा। विश्वविद्यालय का हर छात्र इस समारोह को साक्षी बने सके, सो पांच को दीक्षांत समारोह का यूट्यूब पर सीधा प्रसारण होगा और हॉस्टलों में भी कॉमन हॉल में टीवी लगाकर इसका प्रसारण किया जाएगा। वहीं सोमवार को कुलपति प्रो. रतनलाल हांगलू ने आयोजन स्थल सीनेट हॉल का निरीक्षण किया और संबंधित अफसरों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
दीक्षांत समारोह पांच सितंबर को सुबह 10 बजे शुरू होगा और दोपहर 12.15 बजे इसका समापन होगा। सभी छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सुबह 9.30 बजे तक अपना स्थान ग्रहण कर लेना होगा। सुरक्षा के मद्देनजर समारोह में मेडल एवं डिग्री पाने वाले छात्रों और शिक्षकों एवं कर्मचारियों को विशेष कार्ड जारी किए जाएंगे, जो सीनेट परिसर में प्रवेश के लिए पास का काम करेगा। बाकी सभी का प्रवेश उस दिन सीनेट परिसर में प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे में अन्य छात्र दीक्षांत समारोह में शामिल नहीं हो सकेंगे।
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दीक्षांत समारोह समिति के चेयरमैन प्रो. रामेंद्र सिंह के अनुसार ऐसे छात्रों के लिए समारोह के सीधे प्रसारण का खास इंतजाम किया गया है। हॉस्टलों के कामन रूम में लगे टीवी में सीधा प्रसारण होगा। ताराचंद और जीएनझा हॉस्टल में टीवी नहीं है, सो वहां अलग से टीवी सेट लगाए जाएंगे। हॉस्टलों में लगे टीवी सेट पुराने हो चुके हैं। ऐसे में सीधे प्रसारण के लिए टीवी सेटों में कनवर्टर भी लगवाया जा रहा है। इसके अलावा यूट्यूब पर भी समारोह का सीधा प्रसारण होगा, जिसका लिंक बुधवार से इविवि की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा। विश्वविद्यालय आईटी सेल के अधिकारी और फिल्म एवं थियेटर संकाय के शिक्षक इस पर हफ्ते भर से ही काम कर रहे हैं। दीक्षांत समारोह के सीधे प्रसारण से हर छात्र जुड़ाव महसूस करेगा।
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मुख्य अतिथि देंगे मेडल, वीसी बांटेंगे डिग्री
दीक्षांत समारोह के दौरान छह चांसलर मेडल एवं 113 विश्वविद्यालय मेडल दिए जाएंगे। इस तरह कुल 119 मेडल दिए जाएंगे। चांसलर मेडल पाने वालों में स्नातक के दो और परास्नातक के चार विद्यार्थी हैं। कई छात्रों को दो या उससे अधिक विश्वविद्यालय मेडल दिए जाने हैं, सो मेडल पाने वाले छात्रों की कुल संख्या 63 है। मुख्य अतिथि नोबेल पुरस्कार विजेता अपने हाथों से मेडल प्रदान करेंगे। डिग्री कुलपति की ओर से दिए जाने का प्रावधान है,, सो कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू 181 शोधार्थियों को डिग्री प्रदान करेंगे। कुलपति ही पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी एवं डीजीपी ओपी सिंह को मानद उपाधि प्रदान करेंगे। वीसी मेडल वितरण के दौरान भी कैलाश सत्यार्थी के साथ होंगे, क्योंकि मेडल पाने वालों को भी प्रमाणपत्र एवं डिग्री दी जानी है और मेडल पाने वाले छात्रों को भी कुलपति ही अपने हाथों से डिग्री देंगे।
रिहर्सल आज, पीली-फिरोजी टोपी में दिखेंगे छात्र
दीक्षांत समारोह के लिए रिहर्सल का आयोजन तीन सितंबर को सुबह 10 बजे से सीनेट हॉल में किया जाएगा। इसके लिए सभी छात्रों को सुबह दस बजे सीनेट हाल में पहुंचना है। इसी दौरान छात्र-छात्राओं को आमंत्रण कार्ड दिए जाएंगे, जिसे दिखाने के बाद ही उन्हें दीक्षांत समारोह के लिए परिसर में प्रवेश मिलेगा। रिहर्सल के दौरान ही छात्र-छात्राओं को टोपी और स्टोल दिए जाएंगे। पीएचडी की डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र पीली टोपी और मेडल पाने वाले विद्यार्थी फिरोजी रंग की टोपी पहनेंगे। स्टोल एक जैसा होगा।
इविवि निकालेगा पोस्ट कन्वोकेशन मैग्जीन
दीक्षांत समारोह के बाद इविवि प्रशासन की ओर से पोस्ट कन्वोकेशन मैग्जीन निकाली जाएगी। आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. रामेंद्र सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में वर्ष 1996 के बाद दीक्षांत समारोह होने जा रहा है। यह मैग्जीन अगले दीक्षांत समारोह के आयोजन में मददगार साबित होगी और आयोजन समिति को समारोह की तैयारी के लिए बहुत अधिक मशक्कत नहीं करनी होगी। इविवि में अभी इस तरह की मैग्जीन नहीं है, सो 23 साल बाद होने जा रहे दीक्षांत समारोह की तैयारी के लिए काफी मेहनत की गई है।
परिसर में दो गेटों से होगा प्रवेश
चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसवेक दुबे ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर दीक्षांत समारोह वाले दिन सीनेट परिसर में प्रवेश दो गेट से होगा। चार पहिया वाहन से आने वाले शिक्षकों को केंद्रीय पुस्तकालय गेट से प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें अलग से कार पार दिया गया है। वाहन पर पास चस्पा करना होगा। वहीं, मेडल एवं डिग्री पाने वाले छात्र-छात्राओं, दो पहिया वाहनों से आने वाले शिक्षकों-कर्मचारियों एवं मीडिया कर्मियों को केपीयूपी हॉस्टल के सामने वाले गेट से प्रवेश दिया जाएगा। उन्हें भी प्रवेश के लिए कार्ड दिए जाएंगे कार्ड के साथ पहचान पत्र भी दिखाना होगा। दोनों गेटों पर सुबह 7.30 बजे से कुलानुशासक मंडल के सदस्य मौजूद रहेंगे।
सीनेट परिसर में प्रवेश के लिए पांच द्वार
आयोजन स्थल सीनेट हॉल में प्रवेश के लिए कुल 10 गेट हैं लेकिन दीक्षांत समारोह वाले दिन पांच गेंट से सीनेट हॉल में प्रवेश के लिए पांच गेट खुले रहेंगे। इन सभी गेटों पर सुबह 7.30 बजे से ही कुलानुशासक मंडल के सदस्य मौजूद रहेंगे। अतिथियों, मीडिया कर्मियों, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के प्रवेश के लिए अलग-अलग गेट निर्धारित होंगे।
छात्रसंघ भवन के गेट से प्रवेश प्रतिबंधित
दीक्षांत समारोह वाले दिन छात्रसंघ भवन के गेट से सीनेट परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित होगा। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने बताया कि गेट के बाहर सड़क पर भी बैरिकेडिंग कराई जा रही है। केपीयूसी के सामने वाले गेट के बाहर भी बैरिकेडिंग होगी। चीफ प्रॉक्टर ने छात्रसंघ की बहाली के लिए आंदोलन कर रहे छात्र नेताओं से अपील की है कि पांच सितंबर तक वे अपना आंदोलन परिसर में स्थगित रखें ताकि परिसर में अनुशासन बना रहा और समारोह की तैयारियां प्रभावित न हों।