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नहीं रहे पूर्व चीफ जस्टिस आरएस धवन
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 06 Jan 2016 09:28 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज और पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे जस्टिस आरएस धवन का मंगलवार को उनके सिविल लाइंस स्थित आवास पर निधन हो गया। वह लगभग 73 वर्ष के थे। उनके निधन से न्याय जगत में गहरा दुख है। जस्टिस धवन को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में न्यायाधीश, वकील, नेता और समाज की तमाम जानी मानी हस्तियां उनके आवास पर पहुंचीं। मंगलवार शाम को ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
22 जुलाई 1942 को जन्मे जस्टिस धवन ने तीन जनवरी 1966 से इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत प्रारंभ की। वह सिविल, टैक्स और रिट मामलों के जानेमाने वकील और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिवक्ता रहे। नौ जनवरी 1986 को उन्होंने यहीं पर नियमित न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली तथा 25 जनवरी 2000 को पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाए गए। अपने कार्यकाल के दौरान जस्टिस धवन ने कई चर्चित फैसले दिए जो मील का पत्थर साबित हुए। मौजूदा चंद्रशेखर आजाद पार्क (कंपनी बाग) को बचाने में जस्टिस धवन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जस्टिस धवन के निर्णयों की वजह से ही स्थानीय निकायों नगर निगम, नगर पालिका, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत आदि को संविधान में स्थान मिल सका।
जस्टिस धवन के निधन की सूचना पाकर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डा. डीवाई चंद्रचूड सहित तमाम न्यायाधीश, अधिवक्ता और जानीमानी हस्तियां उनके अंतिम दर्शन को पहुंचीं। एक शोक सभा शहरी उत्तरी के विधायक अनुग्रह नारायण सिंह की अध्यक्षता में हुई, जिसमें कहा गया कि जस्टिस धवन का निधन से न्याय जगत ने एक महान पुरोधा खो दिया है। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता रवि किरन जैन, उमेश नारायण शर्मा, केके राय , शिवसेवक सिंह सहित तमाम लोक उपस्थित थे।
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22 जुलाई 1942 को जन्मे जस्टिस धवन ने तीन जनवरी 1966 से इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत प्रारंभ की। वह सिविल, टैक्स और रिट मामलों के जानेमाने वकील और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिवक्ता रहे। नौ जनवरी 1986 को उन्होंने यहीं पर नियमित न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली तथा 25 जनवरी 2000 को पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाए गए। अपने कार्यकाल के दौरान जस्टिस धवन ने कई चर्चित फैसले दिए जो मील का पत्थर साबित हुए। मौजूदा चंद्रशेखर आजाद पार्क (कंपनी बाग) को बचाने में जस्टिस धवन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जस्टिस धवन के निर्णयों की वजह से ही स्थानीय निकायों नगर निगम, नगर पालिका, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत आदि को संविधान में स्थान मिल सका।
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जस्टिस धवन के निधन की सूचना पाकर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डा. डीवाई चंद्रचूड सहित तमाम न्यायाधीश, अधिवक्ता और जानीमानी हस्तियां उनके अंतिम दर्शन को पहुंचीं। एक शोक सभा शहरी उत्तरी के विधायक अनुग्रह नारायण सिंह की अध्यक्षता में हुई, जिसमें कहा गया कि जस्टिस धवन का निधन से न्याय जगत ने एक महान पुरोधा खो दिया है। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता रवि किरन जैन, उमेश नारायण शर्मा, केके राय , शिवसेवक सिंह सहित तमाम लोक उपस्थित थे।
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