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जीएसटी अधिकरण पर लखनऊ पीठ के फैसले को चुनौती देगी सरकार
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Allahabad Highcourt decison in GST Tribunal
केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को दी जानकारी
प्रयागराज। प्रदेश में जीएसटी अधिकरण की पीठ लखनऊ में गठित करने के लखनऊ खंडपीठ के आदेश को केंद्र सरकार सुप्रीमकोर्ट में चुनौती देगी। केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट इसी मामले में चल रही सुनवाई के दौरान यह जानकारी कोर्ट को दी। केंद्र सरकार के अधिवक्ता के आग्रह पर अदालत ने मामले को दो माह बाद सुनवाई के लिए पेश करने का निर्देश दिया है।
मेसर्स टार्क फार्मास्यूटिकल केस की सुनवाई न्यायमूर्ति भारती सप्रू तथा न्यायमूर्ति आरआर अग्रवाल की खंडपीठ कर रही है। अधिवक्ता राहुल अग्रवाल ने अन्तर्हस्तक्षेपी अर्जी दाखिल की। जिस पर वरिष्ठ अधिवक्ता नवीन सिन्हा ने पक्ष रखा। केन्द्र सरकार के अधिवक्ता कृष्ण जी शुक्ल नेे हलफनामा दाखिल किया ।
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को प्रयागराज में हाईकोर्ट की प्रधान पीठ होने के कारण जीएसटी राज्य अधिकरण प्रयागराज में गठित करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद राज्य सरकार ने जीएसटी काउंसिल को लखनऊ में अधिकरण गठित करने के प्रस्ताव को वापस ले कर प्रयागराज में पीठ गठित करने का प्रस्ताव भेजा। इसी बीच लखनऊ पीठ ने अवध बार एसोसिएशन केस में सरकार के इस प्रस्ताव को रद्द कर दिया है और लखनऊ में अधिकरण गठित करने का निर्देश दिया है ।
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एक ही मामले में हाईकोर्ट के दो अलग-अलग फैसलों से सरकार के सामने स्थिति जटिल हो गई। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधान पीठ ने लखनऊ पीठ के आदेश को अधिनियम की धारा 109 के विपरीत मानते हुए कानून की नजर में अपठनीय करार दिया है। इसके बावजूद सरकार अधिकरण गठित करने के कदम उठाने में देरी कर रही है। इस बीच सरकार ने लखनऊ पीठ के फैसले को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है।
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प्रयागराज। प्रदेश में जीएसटी अधिकरण की पीठ लखनऊ में गठित करने के लखनऊ खंडपीठ के आदेश को केंद्र सरकार सुप्रीमकोर्ट में चुनौती देगी। केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट इसी मामले में चल रही सुनवाई के दौरान यह जानकारी कोर्ट को दी। केंद्र सरकार के अधिवक्ता के आग्रह पर अदालत ने मामले को दो माह बाद सुनवाई के लिए पेश करने का निर्देश दिया है।
मेसर्स टार्क फार्मास्यूटिकल केस की सुनवाई न्यायमूर्ति भारती सप्रू तथा न्यायमूर्ति आरआर अग्रवाल की खंडपीठ कर रही है। अधिवक्ता राहुल अग्रवाल ने अन्तर्हस्तक्षेपी अर्जी दाखिल की। जिस पर वरिष्ठ अधिवक्ता नवीन सिन्हा ने पक्ष रखा। केन्द्र सरकार के अधिवक्ता कृष्ण जी शुक्ल नेे हलफनामा दाखिल किया ।
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हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को प्रयागराज में हाईकोर्ट की प्रधान पीठ होने के कारण जीएसटी राज्य अधिकरण प्रयागराज में गठित करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद राज्य सरकार ने जीएसटी काउंसिल को लखनऊ में अधिकरण गठित करने के प्रस्ताव को वापस ले कर प्रयागराज में पीठ गठित करने का प्रस्ताव भेजा। इसी बीच लखनऊ पीठ ने अवध बार एसोसिएशन केस में सरकार के इस प्रस्ताव को रद्द कर दिया है और लखनऊ में अधिकरण गठित करने का निर्देश दिया है ।
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एक ही मामले में हाईकोर्ट के दो अलग-अलग फैसलों से सरकार के सामने स्थिति जटिल हो गई। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधान पीठ ने लखनऊ पीठ के आदेश को अधिनियम की धारा 109 के विपरीत मानते हुए कानून की नजर में अपठनीय करार दिया है। इसके बावजूद सरकार अधिकरण गठित करने के कदम उठाने में देरी कर रही है। इस बीच सरकार ने लखनऊ पीठ के फैसले को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है।