फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Allahabad High Court stays UP Government Decision to Include 17 OBC Castes in SC List

यूपी सरकार को झटका, 17 ओबीसी जातियों को एससी में शामिल करने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

Tue, 17 Sep 2019 02:28 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 17 Sep 2019 02:28 AM IST
विज्ञापन
Allahabad High Court stays UP Government Decision to Include 17 OBC Castes in SC List
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

उत्तर प्रदेश की 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के प्रदेश सरकार के एक और प्रयास को झटका लगा है। हाईकोर्ट ने सरकार के 24 जून 2019 के आदेश पर रोक लगा दी है। इससे पहले भी पांच जुलाई को इस मामले को याचिका के निर्णय की विषयवस्तु करार दिया था। 

विज्ञापन


गोरखपुर के सामाजिक कार्यकर्ता गोरखप्रसाद की याचिका पर न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति राजीव मिश्र की पीठ ने कहा है कि जातियों को अनुसूचित या पिछड़ा घोषित करने का अधिकार संसद को है। कोर्ट ने इस मामले में प्रदेश सरकार से तीन सप्ताह में जवाब भी मांगा है।
विज्ञापन


प्रदेश सरकार ने 21/22 दिसंबर 2016 को अधिसूचना जारी कर पिछड़ी जाति मल्लाह को अनूसूचित जाति मझवार का प्रमाणपत्र जारी करने का आदेश दिया था। 24 जनवरी 2017 को एक और शासनादेश जारी कर कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिंद, भर, राजभर, बाथम, तुरहा, गोड़िया, माझी और मडुआ को पिछड़ी जाति से अनुसूचित जाति में शामिल करने का निर्णय लिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे लेकर डॉ. भीमराव आंबेडकर संगठन की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई थी। याचिका पर हाईकोर्ट ने कहा था कि इन जातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी करने का मामला याचिका पर अंतिम निर्णय की विषयवस्तु होगा।

याची के अधिवक्ता राकेश गुप्ता के मुताबिक इस आदेश की गलत व्याख्या करते हुए प्रदेश सरकार ने 24 जून 2019 को तीन अधिसूचनाएं जारी कर दीं। इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। राज्य सरकार के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। 


कोर्ट ने 24 जून के आदेशों पर रोक लगाते हुए कहा है कि राज्य सरकार को जातियों के मामले में निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार संसद को है। कोर्ट ने सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed