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पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत: आउट ऑफ टर्न प्रमोशन रोकने के आदेश पर हाइकोर्ट ने लगाई रोक
Tue, 02 Apr 2019 05:56 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 02 Apr 2019 05:56 AM IST
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फाइल फोटो
हाईकोर्ट ने सपा सरकार में आउट ऑफ टर्न प्रमोशन पाने वाले पुलिस अधिकारियों को राहत देते हुए उनकी प्रोन्नति रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है। इस आदेश को विशेष अपील में चुनौती दी गई थी।
एकल न्यायपीठ ने इन अधिकारियों की प्रोन्नति रद्द कर नई प्रोन्नति सूची जारी करने का आदेश दिया है। इससे लगभग 900 पुलिस अधिकारियों को राहत मिली है, जिसमें 211 के करीब सीओ स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं।
लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की पीठ ने सुनवाई की। विनोद सिंह सिरोह और राजेश कुमार द्विवेदी सहित कई अन्य की विशेष अपीलों पर खंडपीठ ने एक साथ सुनवाई की।
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अपीलार्थियों के अधिवक्ताओं, वरिष्ठ अधिवक्ता एसके कालिया, अनूप त्रिवेदी, विभू राय आदि का कहना था कि एकलपीठ ने फैसला देते समय कानून के प्रावधानों की अनदेखी की है।
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एकल न्यायपीठ ने इन अधिकारियों की प्रोन्नति रद्द कर नई प्रोन्नति सूची जारी करने का आदेश दिया है। इससे लगभग 900 पुलिस अधिकारियों को राहत मिली है, जिसमें 211 के करीब सीओ स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं।
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लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की पीठ ने सुनवाई की। विनोद सिंह सिरोह और राजेश कुमार द्विवेदी सहित कई अन्य की विशेष अपीलों पर खंडपीठ ने एक साथ सुनवाई की।
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अपीलार्थियों के अधिवक्ताओं, वरिष्ठ अधिवक्ता एसके कालिया, अनूप त्रिवेदी, विभू राय आदि का कहना था कि एकलपीठ ने फैसला देते समय कानून के प्रावधानों की अनदेखी की है।
फैसले से करीब 900 पुलिसकर्मी प्रभावित होने जा रहे हैं और उनको एकलपीठ के समक्ष याचिका में पक्षकार भी नहीं बनाया गया था। इनकी प्रोन्नति तीन फरवरी 1994 के आदेश से की गई है और लंबे समय से याचीगण से वरिष्ठ पदों पर काम कर रहे हैं।
कोर्ट ने अपील पर सुनवाई हेतु स्वीकार करते हुए एकलपीठ के आदेश के उस हिस्से पर रोक लगा दी है, जिसमें आउट ऑफ टर्न प्रोन्नति को रद्द किया है। कोर्ट ने सभी पक्षकारों को पांच सप्ताह में अपना-अपना उत्तर और प्रति उत्तर दाखिल करने का समय दिया है।
उल्लेखनीय है कि पुलिस अधिकारियों की प्रोन्नति सूची को इस आधार पर चुनौती दी गई कि आउट ऑफ टर्न प्रमोशन पाने वाले एक्स कैडर के अधिकारियों को नियमित कैडर से वरिष्ठ मानकर उनको पहले प्रोन्नति दे दी गई
जबकि मूल कैडर में वरिष्ठता में उनसे ऊ पर रहे लोगों को प्रोन्नति नहीं मिल सकी है। इससे प्रोन्नति प्रक्रिया प्रदूषित हुई है। इस पर एकलपीठ ने प्रोन्नति सूची रद्द कर नई सूची बनाने का आदेश दिया था।
कोर्ट ने अपील पर सुनवाई हेतु स्वीकार करते हुए एकलपीठ के आदेश के उस हिस्से पर रोक लगा दी है, जिसमें आउट ऑफ टर्न प्रोन्नति को रद्द किया है। कोर्ट ने सभी पक्षकारों को पांच सप्ताह में अपना-अपना उत्तर और प्रति उत्तर दाखिल करने का समय दिया है।
उल्लेखनीय है कि पुलिस अधिकारियों की प्रोन्नति सूची को इस आधार पर चुनौती दी गई कि आउट ऑफ टर्न प्रमोशन पाने वाले एक्स कैडर के अधिकारियों को नियमित कैडर से वरिष्ठ मानकर उनको पहले प्रोन्नति दे दी गई
जबकि मूल कैडर में वरिष्ठता में उनसे ऊ पर रहे लोगों को प्रोन्नति नहीं मिल सकी है। इससे प्रोन्नति प्रक्रिया प्रदूषित हुई है। इस पर एकलपीठ ने प्रोन्नति सूची रद्द कर नई सूची बनाने का आदेश दिया था।