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Allahabad High Court : घूस लेने के आरोपी सहायक आयुक्त सहकारिता राहत नहीं, नहीं रद्द होगी एफआईआर
Tue, 21 Feb 2023 11:36 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 21 Feb 2023 11:36 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट से घूस लेने केआरोपी सहायक आयुक्त/सहायक निबंधक सहकारिता को राहत नहीं मिली। कोर्ट ने सहायक आयुक्त के खिलाफ आजमगढ़ के कोतवाली थाने में दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट से घूस लेने केआरोपी सहायक आयुक्त/सहायक निबंधक सहकारिता को राहत नहीं मिली। कोर्ट ने सहायक आयुक्त के खिलाफ आजमगढ़ के कोतवाली थाने में दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची के खिलाफ साक्ष्य मौजूद हैं। लिहाजा, कोर्ट को कोई आधार नहीं बनता है कि वह याचिका को खारिज करने के अधिकार का प्रयोग करे। यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने सहायक आयुक्त/सहायक निबंधक सहकारिता राजेंद्र प्रसाद की अर्जी को खारिज करते हुए दिया है।
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याची के खिलाफ एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से ५० हजार रुपये घूस लेने का आरोप है। घूस लेने के बदले वह उसका चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी में पदोन्नति करेंगे। जबकि, कर्मचारी की पदोन्नति हो चुकी थी लेकिन सहायक आयुक्त ने उसे रोक रखा था। सहायक आयुक्त ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से पदोन्नति के बदले एक लाख रुपये की मांग की थी। कर्मचारी ने इसकी शिकायत की तो एक टीम के जरिए उन्हें रंगे हाथों घूस लेते हुए पकड़ लिया गया।
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उसके बाद कोतवाली थाने में भ्रष्टïाचार निरोध अधिनियम की धारा ७/१३/(१)डी, १३ (२) के अंतर्गत २०१७ में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। गोरखपुर की विशेष अदालत में याची के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की गई है। याची ने उसे हाईकोर्ट में चुनौती दी लेकिन यहां से उसे राहत नहीं मिली।
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