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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा : यूपी सरकार बताए कितने स्कूलों में नहीं है एक भी छात्र
Sun, 19 Dec 2021 03:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 19 Dec 2021 03:16 AM IST
सार
कोर्ट ने परिषदीय विद्यालयों की खस्ता हालत और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर भी सरकार से जानकारी मांगी है। मामले की सुनवाई कर रही दो जजों की खंडपीठ ने यह आदेश नंदलाल की जनहित याचिका पर दिया है।
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Allahabad High Court
- फोटो : PTI
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि प्रदेश में कितने ऐसे प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जहां एक भी छात्र नहीं पढ़ रहा है। कोर्ट ने परिषदीय विद्यालयों की खस्ता हालत और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर भी सरकार से जानकारी मांगी है। मामले की सुनवाई कर रही दो जजों की खंडपीठ ने यह आदेश नंदलाल की जनहित याचिका पर दिया है।
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याचिका में प्रयागराज के दारागंज स्थित उच्च प्राथमिक और प्राथमिक विद्यालय सहित कई विद्यालयों की बदहाल स्थिति का हवाला दिया गया है। मामले में प्रतिपक्षी खंड शिक्षाधिकारी की एक जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कोर्ट को बताया गया है कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय में वर्तमान में एक भी छात्र नहीं है, ऐसा अध्यापकों व शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण है। इसी प्रकार अन्य विद्यालयों में शिक्षा का स्तर काफी खराब है। कई शिक्षकों को कक्षा चार के स्तर की अंग्रेजी भी नहीं आती है। हिंदी भी शुद्ध नहीं है। विज्ञान के फॉर्मूले मालूम नहीं हैं।
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याची की ओर से कहा गया कि विद्यालयों की दुर्दशा के कारण अभिभावक अपने बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में नहीं भेज रहे हैं जिससे छात्रों की संख्या शून्य हो गई है। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार से पूरे प्रदेश के विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या का रिकॉर्ड मांगा है।
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