{"_id":"61def1db36e579407768f285","slug":"allahabad-high-court-approved-the-bail-application-of-the-accused-of-possessing-drugs","type":"story","status":"publish","title_hn":"Allahabad High Court : नशीला पदार्थ रखने के आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Allahabad High Court : नशीला पदार्थ रखने के आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर
Wed, 12 Jan 2022 08:50 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 12 Jan 2022 08:50 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी को दो जमानतदारों के साथ निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया जाता है। मामले में अभियुक्ति के खिलाफ मुजफ्फरनगर जिले के खतौली थाने में 102.66 ग्राम अल्प्राजोल रखने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
विज्ञापन
मुकदमा
- फोटो : demo pic
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नशीला पदार्थ रखने के आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में गुण-दोष पर बिना कोई राय व्यक्त किए आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया जाता है। हालांकि, हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर करते हुए कुछ शर्तें भी लगाई हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने गौरव उर्फ गौरा की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी को दो जमानतदारों के साथ निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया जाता है। मामले में अभियुक्ति के खिलाफ मुजफ्फरनगर जिले के खतौली थाने में 102.66 ग्राम अल्प्राजोल रखने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि मामले में याची को झूठा फंसाया गया है। पुलिस ने जो नशीला पदार्थ याची केपास से बरामद करने का दावा किया जा रहा है। वह गलत है।
विज्ञापन
तर्क दिया कि रासायनिक विश्लेषण रिपोर्ट से भी यह साबित नहीं होता कि बरामद पदार्थ अल्प्राजोल या अन्य कोई नशीला पदार्थ है। इसके अलावा गिरफ्तारी के समय एनडीपीएस की धारा 50 का भी अनुपालन नहीं किया गया। पुलिस व्यवसायिक श्रेणी में लाने केलिए याची केपास से 102.66 ग्राम अल्प्राजोल की बरामदगी दिखा रही है। यह आपराधिक मामलों में याची को फंसाने का षड़यंत्र है।
विज्ञापन
याची केपिता ने पुलिस के खिलाफ कई बार जिला मजिस्ट्रेट से शिकायतें की है। जवाब में अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया। कहा कि आरोपी पर इसकेपहले 48 केस दर्ज है। हालांकि, याची के अधिवक्ता ने इसका विरोध किया। कहा कि अभियुक्त पांच मामले में बरी हो चुका है। 17 में जमानत पा चुका है जबकि 21 मामले समाप्त हो चुके है। कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुनने केबाद गणदोष पर विचार किए बिना आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया।