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Allahabad highcourt: सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल बाद मिली जमानत
Tue, 21 Jun 2022 08:00 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 21 Jun 2022 08:00 PM IST
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allahabad highcourt
- फोटो : social media
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीलीभीत के बिलसंडा थानांतर्गत हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल बाद जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याची को निजी मुचलके और दो प्रतिभूतियों के आधार पर रिहा किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने कलेक्टर व अन्य की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया।
कोर्ट ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा सौदान सिंह के मामले में दिए गए फैसले के आधार पर दिया है। याची की ओर से तर्क दिया गया कि याची पहले ही 20 साल, आठ महीने से अधिक कारावास की सजा काट चुका है। उसे मामले में गलत रूप से फंसाया गया है। कहा गया कि मामले में सहअभियुक्त को पहले ही जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
कोर्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को देखते हुए याची को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। याची केखिलाफ बिलसंडा थाने में धारा 363, 366, 376(2) और एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। निचली अदालत ने याची को दोषी करार दिया था। याची तबसे बरेली जेल में बंद है।
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कोर्ट ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा सौदान सिंह के मामले में दिए गए फैसले के आधार पर दिया है। याची की ओर से तर्क दिया गया कि याची पहले ही 20 साल, आठ महीने से अधिक कारावास की सजा काट चुका है। उसे मामले में गलत रूप से फंसाया गया है। कहा गया कि मामले में सहअभियुक्त को पहले ही जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
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कोर्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को देखते हुए याची को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। याची केखिलाफ बिलसंडा थाने में धारा 363, 366, 376(2) और एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। निचली अदालत ने याची को दोषी करार दिया था। याची तबसे बरेली जेल में बंद है।
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