प्रयागराज : पिता व चाचा की मौत की सूचना मिलते ही बौखला गया अली, चीख पड़ा उमर, रोते-रोते हुआ अचेत
माफिया अतीक अहमद व अशरफ की शनिवार रात हत्या की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन अलर्ट हो गया। रात में ही अधिकारी जेल पहुंचे और पूरी रात यहां जमे रहे। वह सर्किलों का निरीक्षण करने के साथ ही अधिकारियों को स्थिति की जानकारी देते रहे। नैनी जेल में बंद अली और लखनऊ जेल में बंद उमर को जब हत्या की सूचना मिली तो वह चीख पड़े। उमर तो बेहोश हो गया।
विस्तार
माफिया अतीक और अशरफ की हत्या की खबर सुनकर नैनी जेल में बंद उसका बेटा अली और लखनऊ जेल में बंद उमर चीख पड़े। उमर तो चीखने और रोने के बाद बेहोश हो गया। उसे पानी के छींटे मारकर होश में लाया गया। माफिया अतीक अहमद व अशरफ की शनिवार रात हत्या की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन अलर्ट हो गया। रात में ही अधिकारी जेल पहुंचे और पूरी रात यहां जमे रहे। वह सर्किलों का निरीक्षण करने के साथ ही अधिकारियों को स्थिति की जानकारी देते रहे। पिता व चाचा के हत्या की सूचना जेल की हाई सिक्योरिटी सेल में बंद अतीक के बेटे अली को रविवार सुबह मिली। सूचना मिलते ही वह बौखला गया।
जेल प्रशासन ने उसकी सेल के बाहर चार बंदी रक्षक व एक डिप्टी जेलर को तैनात कर दिया था। अली अखबार मांगता रहा और सूचना की पुष्टि के लिए परेशान रहा। सेल के बाहर मौजूूद बंदी रक्षकों को भी पहले से अलर्ट किया गया था कि वह अली के सवालों के जबाव न दें।
उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी व पांच लाख के इनामी असद को बृहस्पतिवार को पुलिस ने झांसी में एनकाउंटर में मार गिराया था। इसकी सूचना के बाद से ही अली काफी परेशान था। शुक्रवार को वह उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए परेशान रहा और अधिकारियों से मिन्नत करता रहा। अभी वह भाई की हत्या के सदमे से उबरा नहीं था कि रविवार सुबह उसे पिता अतीक अहमद व चाचा अशरफ की हत्या की जानकारी मिली। इसके बाद वह बौखला गया। वह बंदी रक्षकों से सच्चाई जानने के लिए सवाल करता, लेकिन किसी ने उसके सवालों को जबाव नहीं दिया।
बंदीरक्षकों को अली के सवालों का जवाब न देने की हिदायत
अतीक और अशरफ की हत्या के बाद जेल प्रशासन पहले से ही अलर्ट था। उसे पता था कि पिता व चाचा की हत्या की सूचना के बाद अली अहमद का व्यवहार बदल जाएगा। रविवार सुबह अली को जेल व उसके सेल के बाहर अचानक बदले माहौल से इसकी जानकारी हो गई। वह इसकी पुष्टि के लिए अखबार मांगता रहा, लेकिन उसे प्रशासन ने उपलब्ध नहीं कराया। साथ ही बंदी रक्षकों को भी सख्त हिदायत थी कि उसके किसी भी सवाल को जवाब न दिया जाए। जेल प्रशासन उसकी हरकतों की पूरी जानकारी उच्चाधिकारियों को देता रहा।
पिता व चाचा की हत्या की सूचना पर चीखा और फफक पड़ा उमर
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या की सूचना भले ही पूरे देश में रात को फैल गई थी। पर, लखनऊ जेल के हाईसिक्योरिटी बैरक में बंद माफिया के बेटे उमर को इसकी जानकारी रविवार तड़के सहरी के बाद हुई। हत्या की सूचना मिलते ही वह जोर-जोर से कई बार चीखा, फिर फफक कर रोने लगा। कुछ देर में बेसुध होकर जमीन पर गिर गया। सुरक्षाकर्मियों ने पानी के छींटे डाल तो होश में आया। किसी तरह उसे समझाकर शांत कराया गया। उमर अधिकारियों, कर्मचारियों से बार-बार पूछता रहा कि कैसे उसके पिता व चाचा की हत्या हुई।