उपलब्धि : एलेक्सा देगा रेलकर्मियों के सभी सवालों का जवाब, जंक्शन पर सीआरबी ने किया अनावरण
शनिवार को प्रयागराज पहुंचे चेयरमैन रेलवे बोर्ड वीके त्रिपाठी ने जब ‘एलेक्सा सॉफ्टवेयर’ की खूबियां जानी तो उन्होंने उस सॉफ्टवेयर को बनाने वाले रेलकर्मियों की सराहना की। यह भी कहा कि इसका प्रयोग देश के अन्य रेलवे स्टेशन पर भी किया जाएगा।
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शनिवार को प्रयागराज पहुंचे चेयरमैन रेलवे बोर्ड वीके त्रिपाठी ने जब ‘एलेक्सा सॉफ्टवेयर’ की खूबियां जानी तो उन्होंने उस सॉफ्टवेयर को बनाने वाले रेलकर्मियों की सराहना की। यह भी कहा कि इसका प्रयोग देश के अन्य रेलवे स्टेशन पर भी किया जाएगा। इस दौरान सीआरबी ने ‘एलेक्सा सॉफ्टवेयर’ का अनावरण भी किया।
दरअसल जंक्शन पर रनिंग स्टाफ को रेल संरक्षा संबंधी नियमावली एवं अन्य जानकारियों के लिए अफसरों या वरिष्ठ कर्मचारियों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों ने ‘एलेक्सा सॉफ्टवेयर’ तैयार किया गया। यह लोको पायलटों और गार्डों के लिए एक कंप्यूटर आधारित परामर्श प्रणाली है, इसे ध्वनि नियंत्रण के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
इसके सामने खड़े होकर रेलकर्मी संरक्षा आदि से जुड़े जो भी सवाल पूछेंगे उसका जवाब उन्हें एलेक्सा द्वारा बोल कर दिया जाएगा। क्रू कंट्रोलर वासुदेव पांडेय की देखरेख में बने सॉफ्टवेयर की सीआरबी के साथ जीएम एनसीआर प्रमोद कुमार ने भी सराहना की।
सीआरबी ने कहा जंक्शन के पुनर्विकास का तेजी से हो काम
सीआरबी वीके त्रिपाठी ने प्रयागराज जंक्शन के निरीक्षण के दौरान स्टेशन पुनर्विकास योजना एवं यार्ड रीमॉडलिंग योजना की समीक्षा की। सीआरबी ने प्रयागराज जंक्शन के रीडेवलपमेंट का पूरा प्लान देखा।
उसका मैप देखने के बाद उन्होंने कहा कि यह कार्य अगले दो वर्ष के भीतर हो जाना चाहिए। यार्ड रीमॉडलिंग को लेकर प्रयागराज जंक्शन पर बनाए जाने वाले दो नए प्लेटफार्म कहां बनाए जा रहे हैं उसके बारे में भी उन्होंने अफसरों से जानकारी ली।
दो वर्ष में 160 किमी की रफ्तार से दौड़ने लगेंगी ट्रेनें
0 प्रयागराज जंक्शन का निरीक्षण करने के बाद सीआरबी ने एनसीआर मुख्यालय में अफसरों के साथ बैठक की। इस दौरान मिशन रफ्तार के तहत ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा किए जाने को लेकर उत्तर मध्य रेलवे के दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुुंबई रेलमार्ग में किए जा रहे कार्यों के बारे में उन्होंने जानकारी ली। यहां अफसरों ने बताया कि अगले दो वर्ष के भीतर एनसीआर के इन दोनों रेलमार्गों में ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा की हो जाएगी।
जंक्शन की लॉबी के निरीक्षण के दौरान सीआरबी ने डीजल लोको पॉयलट को इलेक्ट्रिक लोको में शिफ्ट की धीमी प्रक्रिया पर नाराजगी जताई। उन्होंने सीनियर डीईई ओपी राहुल त्रिपाठी को फटकार भी लगाई। दरअसल अधिकांश रेलखंडों के विद्युतीकरण हो जाने के बाद डीजल ड्राइवर को विद्युत इंजन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रयागराज में यह प्रक्रिया काफी धीमी चल रही है। यही बात सीआरबी को नागुवार लगी। उनकी फटकार जंक्शन पर चर्चा का विषय बन गई।
आरपीएफ द्वारा की गई अभद्रता की दिव्यांग ने की शिकायत
प्लेटफार्म नंबर एक पर निरीक्षण के दौरान नीलम फूड के पास सीआरबी का रास्ता महेंद्र सिंह नाम के एक दिव्यांग ने रोक दिया। इस दौरान दिव्यांग ने कहा कि वह नीलम फूड से पानी की बोतल खरीदने जा रहा था, लेकिन आरपीएफ कर्मियों ने उसे धक्का देते हुए स्टेशन से बाहर जाने को कहा। सीआरबी ने दिव्यांग की बात सुनने के बाद अफसरों से कार्रवाई करने को कहा। बाद में दिव्यांग के लिए व्हील चेयर मंगवाई गई और उसे वाहन स्टैंड तक लाकर छोड़ा गया।
वंदे भारत से फुट प्लेट करते प्रयागराज तक आए सीआरबी
सीआरबी दिन में 12 बजे वंदे भारत एक्सप्रेस से प्रयागराज जंक्शन पहुंचे। इस दौरान कानपुर से प्रयागराज जंक्शन तक उन्होंने फुट प्लेटिंग भी की। फुट प्लेटिंग के दौरान डीआरएम मोहित चंद्रा, मुख्य बिजली वितरण इंजीनियर संजीव कुमार आदि मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर सूबेदारगंज में सीआरबी को आरपीएफ ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।