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अखाड़ा परिषद भी मंदिर के लिए सरकार पर दबाव बनाएगा, बैठक प्रस्तावित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Sun, 02 Dec 2018 06:06 PM IST
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अखाड़ा परिषद
- फोटो : AmarUjala
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद भी अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने के वास्ते सरकार पर दबाव बनाएगा। इसी मंशा से अयोध्या में 4 या 5 दिसंबर को लाखों नगाओं के साथ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के साधु संत महामंडलेश्वर की बैठक प्रस्तावित है।
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इसके लिए श्री महंत धर्मदास और अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत हरि गिरि को प्रशासन से अनुमति लेने के लिए अधिकृत किया गया है। यदि प्रशासन से अनुमति मिली तो अयोध्या में 4 या 5 दिसंबर को अखाड़ा परिषद के सदस्यों का नगाओं के साथ जमावड़ा हो सकता है।
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मेले की व्यवस्था को लेकर अखाड़ा परिषद बेहद नाराज है। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के मुताबिक महामंडलेश्वरों को जो भूमि दी गई है वह उनकी आवश्यकता से बहुत कम है। अगर सभी के साथ 100-100 लोग भी आए तो यह संख्या बढ़ सकती है। इसी तरह अखाड़ा परिषद ने गंगा के इस पार से उस पार जाने के लिए पांच की जगह 10 पंटून पुल बनाने की मांग की है ताकि किसी तरह की भगदड़ या कोई अव्यवस्था न होने पाए।
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अखाड़ा परिषद ने अकबर के किले में कैद अक्षय वट और सरस्वती कूप का दर्शन भी आम श्रद्धालुओं के लिए सुलभ कराने की मांग की है। परिषद ने कहा है कि अक्षय को अविलंब मुक्त किया जाए और यह व्यवस्था न सिर्फ कुंभ के लिए बल्कि हमेशा के लिए लागू हो। इससे पर्यटन और धार्मिक दोनों ही दृष्टिओं से लोगों को लाभ मिलेगा।
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने प्रत्येक सेक्टर में प्रशासन के कार्यालय बनाए जाने पर भी नाराजगी जाहिर की है। परिषद ने कहा कि इससे हजारों बीघा जमीन कम पड़ गई है जिसके कारण असुविधा हो रही है। पहले तय किया गया था कि महामंडलेश्वर के पीछे किसी को जमीन नहीं दी जाएगी मगर अब मिलने वाली भूमि में कमी हो गई है।