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घायल संक्रमित को अस्पताल वालों ने नहीं किया भर्ती, एंबुलेंस में तोड़ा दम
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दुनका। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई 65 वर्षीय महिला कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद कोई अस्पताल उसे भर्ती करने को तैयार नहीं हुआ। परिवार के लोग देर रात तक उन्हें लेकर इस अस्पताल से उस अस्पताल भटकते रहे। अंतत: एंबुलेंस में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
शीशगढ़ के गांव जियानगला में रहने वाली नत्थो देवी शुक्रवार को अपने बेटे देवीदास के साथ बाइक पर मीरगंज के एक गांव में अपने रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने गई थीं और शाम को घर लौट रही थीं। धनेटा-शीशगढ़ मार्ग पर सुल्तानपुर गांव के पास पीछे से एक टेंपो ने टक्कर मारी तो नत्थो देवी बाइक से उछलकर सड़क पर जा गिरीं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक एंबुलेंस बुलाकर नत्थो देवी को अस्पताल भिजवाया। बेटे देवीदास के मुताबिक वह घायल मां को लेकर हाईवे पर एक निजी मेडिकल कॉलेज पहुंचे जहां स्टाफ ने उन्हें भर्ती करने से साफ इनकार कर दिया।
परिवार के लोग इसके बाद उन्हें मिनी बाईपास पर एक निजी अस्पताल ले गए जहां भर्ती करने से पहले उनकी कोरोना जांच की गई तो वह पॉजिटिव निकलीं। इस पर अस्पताल वालों ने उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार के लोग नत्थो देवी को लेकर शहर के अस्पतालों के चक्कर काटते रहे लेकिन कोई अस्पताल उन्हें भर्ती करने को तैयार नहीं हुआ। देर रात नत्थो देवी ने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया।
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शीशगढ़ के गांव जियानगला में रहने वाली नत्थो देवी शुक्रवार को अपने बेटे देवीदास के साथ बाइक पर मीरगंज के एक गांव में अपने रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने गई थीं और शाम को घर लौट रही थीं। धनेटा-शीशगढ़ मार्ग पर सुल्तानपुर गांव के पास पीछे से एक टेंपो ने टक्कर मारी तो नत्थो देवी बाइक से उछलकर सड़क पर जा गिरीं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक एंबुलेंस बुलाकर नत्थो देवी को अस्पताल भिजवाया। बेटे देवीदास के मुताबिक वह घायल मां को लेकर हाईवे पर एक निजी मेडिकल कॉलेज पहुंचे जहां स्टाफ ने उन्हें भर्ती करने से साफ इनकार कर दिया।
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परिवार के लोग इसके बाद उन्हें मिनी बाईपास पर एक निजी अस्पताल ले गए जहां भर्ती करने से पहले उनकी कोरोना जांच की गई तो वह पॉजिटिव निकलीं। इस पर अस्पताल वालों ने उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार के लोग नत्थो देवी को लेकर शहर के अस्पतालों के चक्कर काटते रहे लेकिन कोई अस्पताल उन्हें भर्ती करने को तैयार नहीं हुआ। देर रात नत्थो देवी ने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया।
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