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कैदी ने जेल में फांसी लगाई
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हत्या, हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी ने बुधवार दोपहर में केंद्रीय कारागार नैनी में गमछे के फंदे से फांसी लगा ली। जेल कर्मियों ने देखा तो आनन-फानन में उसे फंदे से उतारकर पहले जेल अस्पताल और फिर वहां से एसआरएन हास्पिटल ले गए। जहां दोपहर में तीन बजे के करीब उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचायतनामा करके पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया और उसके घरवालों को सूचना भेज दी।
मूलत: मिर्जापुर जनपद के कोतवाली देहात अंतर्गत खजुरी गांव निवासी संतोष गुप्ता (47) पुत्र रामचंद्र गुप्ता को फतेहपुर जनपद के खागा कोतवाली में दर्ज हत्या और हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में अपर सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट से 22 जनवरी 2010 को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। उसे 05 अक्तूबर 2013 को फतेहपुर जिला कारागार से नैनी सेंट्रल जेल लाया गया था। बुधवार को दोपहर में करीब 12.45 बजे वह अपनी बैरक के पीछे बने शौचालय में लगी पानी की टंकी में लगे लोहे के पाइप में गमछा बांधकर उसी के फंदे से फांसी पर लटक गया। वहां तैनात हेड जेल वार्डन संजय कुमार द्विवेदी एवं सुखराम ने देखा तो नंबरदारों को बुलाकर उसे तत्काल फंदे से नीचे उतारा गया। उसके बाद उसे लाद फांदकर जेल अस्पताल पहुंचाया गया।
जहां उसकी हालत गंभीर देख एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। एसआरएन अस्पताल में दोपहर 2.56 बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पता चलने पर नैनी पुलिस पहुंच गई। जांच पड़ताल के बाद उसके शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। जेल प्रशासन के मुताबिक संतोष गुप्ता मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। इससे पहले भी वह दो बार आत्महत्या की कोशिश कर चुका था। उसके घरवालों को पुलिस के जरिए सूचना भेज दी गई है।
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मूलत: मिर्जापुर जनपद के कोतवाली देहात अंतर्गत खजुरी गांव निवासी संतोष गुप्ता (47) पुत्र रामचंद्र गुप्ता को फतेहपुर जनपद के खागा कोतवाली में दर्ज हत्या और हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में अपर सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट से 22 जनवरी 2010 को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। उसे 05 अक्तूबर 2013 को फतेहपुर जिला कारागार से नैनी सेंट्रल जेल लाया गया था। बुधवार को दोपहर में करीब 12.45 बजे वह अपनी बैरक के पीछे बने शौचालय में लगी पानी की टंकी में लगे लोहे के पाइप में गमछा बांधकर उसी के फंदे से फांसी पर लटक गया। वहां तैनात हेड जेल वार्डन संजय कुमार द्विवेदी एवं सुखराम ने देखा तो नंबरदारों को बुलाकर उसे तत्काल फंदे से नीचे उतारा गया। उसके बाद उसे लाद फांदकर जेल अस्पताल पहुंचाया गया।
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जहां उसकी हालत गंभीर देख एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। एसआरएन अस्पताल में दोपहर 2.56 बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पता चलने पर नैनी पुलिस पहुंच गई। जांच पड़ताल के बाद उसके शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। जेल प्रशासन के मुताबिक संतोष गुप्ता मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। इससे पहले भी वह दो बार आत्महत्या की कोशिश कर चुका था। उसके घरवालों को पुलिस के जरिए सूचना भेज दी गई है।
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