प्रयागराज : अधिवक्ता बुआ के कत्ल के लिए दी दो लाख की सुपारी, पुलिस ने वारदात से पहले ही दबोचा
बुद्धराज सिंह उर्फ राज सिंह कोहड़िया थाना शंकरगढ़ का रहने वाला है। उसके पिता कमलाकर सिंह का अपनी अधिवक्ता बहन, भाई रत्नाकर व पिता रामहितकारी से पैतृक 35 बीघा जमीन में हिस्सेदारी को लेकर विवाद चल रहा है।
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शंकरगढ़ में संपत्ति के विवाद में एक युवक ने अपनी अधिवक्ता बुआ की हत्या की साजिश रच डाली। गैंगस्टर से डील तय की और दो लाख की सुपारी भी दे डाली। वारदात अंजाम दी जाती इससे पहले ही एसओजी यमुनापार को भनक लग गई और टीम ने साजिशकर्ता समेत तीन को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को जेल भेज दिया गया है।
बुद्धराज सिंह उर्फ राज सिंह कोहड़िया थाना शंकरगढ़ का रहने वाला है। उसके पिता कमलाकर सिंह का अपनी अधिवक्ता बहन, भाई रत्नाकर व पिता रामहितकारी से पैतृक 35 बीघा जमीन में हिस्सेदारी को लेकर विवाद चल रहा है। बहन शहर में रहकर कचहरी में वकालत करती है। इसी विवाद को लेकर बुद्धराज ने अपनी बुआ की हत्या की साजिश रची।
उसने इस साजिश में अपने दोस्त रोहित केसरवानी निवासी ग्राम जारी बाजार थाना कौंधियारा को भी शामिल किया। इसके बाद बुआ की हत्या के लिए करछना के गैंगस्टर भूमिराज सिंह को दो लाख की सुपारी दी। नैनी में बुलाकर 50 हजार एडवांस भी दिए लेकिन भूमिराज ने पूरी रकम मिलने से पहले ही वारदात अंजाम देने को कहा। उधर इसी दौरान इस साजिश की भनक एसओजी यमुनापार प्रभारी रणजीत सिंह को मिली तो वह मयटीम सुरागरशी में जुट गए।
भाड़े के हत्यारों को बुलाया गया था
मुखबिर के जरिए रविवार को पता चला कि बुद्धराज ने सुपारी की शेष रकम देने के लिए भाड़े के हत्यारे भूमिराज को शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन पर बुलाया है। इस पर एसओजी टीम ने वहां पहुंचकर जाल बिछा दिया। कुछ देर बाद बुद्धराज ने अपने मित्र रोहित से लेकर 1.5 लाख रुपये भूमिराज को थमा दिए। जिस पर एसओजी टीम ने तीनों को हिरासत में ले लिया और थाने ले गई। वहां पूछताछ में तीनों ने हत्या की साजिश की बात कबूल ली जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
एसीपी बारा संतोष सिंह ने बताया कि तीनों के कब्जे से सुपारी के तौर पर दिए गए 1.5 लाख नकद, दो तमंचा, चार कारतूस, तीन मोबाइल व एक बाइक बरामद की गई है। तीनों को जेल भेज दिया गया है।
सुपारी लेने वाले पर दर्ज हैं 12 मुकदमे
सुपारी लेने वाले भूमिराज सिंह पर 12 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। इसमें हत्या का प्रयास, बमबाजी, फायरिंग, रंगदारी मांगने, आयुध अधिनियम समेत अन्य मुकदमे शामिल हैं। उस पर गैंगस्टर भी लग चुका है। कई बार जेल भी जा चुका है।