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एक लाख से अधिक वोटर आईकार्ड गायब
Allahabad
Updated Tue, 15 Jul 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। लोकसभा चुनाव के दौरान साढ़े पांच लाख नए मतदाता बने और इनके लिए नए रंगीन मतदाता पहचान पत्र भी जारी किए गए। मतदाता पहचान पत्र बनकर इलाहाबाद आए और जिला निर्वाचन कार्यालय ने तहसीलों में इसका वितरण कर दिया लेकिन एक लाख से अधिक वोटरों को पहचान पत्र नहीं मिले। वोटर अब भी तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं। वहां कहा जा रहा है कि अपने बीएलओ से संपर्क करें। बीएलओ का नाम और उनके फोन नंबर निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर दर्ज हैं लेकिन आयोग की वेबसाइट पर वह फोल्डर नहीं खुल रहा, जिसमें बीएलओ के नाम और फोन नंबर दर्ज हैं। तमाम वोटरों के पास बीएलओ के फोन नंबर पहले से थे। बीएलओ से संपर्क करने पर जवाब मिल रहा है कि वितरण के लिए उन्हें कार्ड नहीं दिए गए। सिविल लाइंस निवासी संतोष मिश्रा और सुरेंद्र मिश्रा शहर उत्तरी में बूथ नंबर 214 के वोटर हैं। दोनों को पहचान पत्र के रूप में वोटर आईकार्ड की जरूरत है। उन्होंने इस बार वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराने के लिए मतदाता पंजीकरण फॉर्म भी भरा और चुनाव से ठीक पहले उनकी वोटर पर्ची घर पहुंच गई लेकिन वोटर आईकार्ड नहीं मिला। जबकि प्रशासन का दावा था कि जितने नए मतदाताओं ने पंजीकरण कराया, उनके वोटर आईकार्ड भी बने और बांटे गए। यह तो एक उदाहरण है। चुनाव बीतने के दो माह बाद भी एक लाख से अधिक लोग वोटर आईकार्ड कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे हैं। बता दें इस लोकसभा चुनाव में पहली बार वोटरों के लिए रंगीन पहचान पत्र जारी किए गए। पहचान पत्र इलाहाबाद से बाहर बनाए गए। 31 मार्च 2014 तक प्रशासन को पहली खेप में दो लाख 64 हजार 389 और एक अप्रैल से तीन मई 2014 तक तीन लाख 10 हजार 385 रंगीन वोटर आईकार्ड प्राप्त हुए। कुल पांच लाख 74 हजार 774 वोटर आईकार्ड तहसीलों को बांट दिए गए ताकि तहसीलों के माध्यम से बूथ लेबल अफसरों (बीएलओ) और उनके जरिये सीधे वोटरों को कार्ड प्राप्त हो जाएं। सूत्रों का कहना है कि चुनाव से ठीक पहले लाखों की संख्या में प्राप्त हुए वोटर आईकार्ड को बांटने के लिए पर्याप्त समय नहीं रह गया था, सो बड़ी संख्या में कार्ड डम्प कर दिए गए। बीएलओ तक कार्ड पहुंचे लेकिन मतदाताओं को नहीं मिले। फिलहाल वोटर अब आईकार्ड के लिए तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं। तहसीलों में कोई जवाब देने वाला नहीं है। तहसील स्तर पर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए संबंधित अफसर वोटरों को बता रहे हैं कि अपने बीएलओ से संपर्क करें। बीएलओ के नाम और फोन नंबर निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर दिए हुए हैं लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद वेबसाइट भी शोपीस बन गई है। इस बारे में उपजिला निर्वाचन अधिकारी आरएन गुप्ता का दावा है कि सभी तहसीलों को वोटर आईकार्ड बांटे गए थे और सख्त निर्देश दिए गए थे कि बीएलओ घर-घर जाकर कार्ड पहुंचाएंगे। अगर कार्ड का वितरण नहीं हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
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