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पीसीएस मेंस के अभ्यर्थियों को झटका
Allahabad
Updated Thu, 05 Jun 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। पीसीएस-2013 मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों को कई स्तर पर झटका लगा है। सैकड़ों अभ्यर्थियों का फार्म जालसाजों द्वारा भर दिए जाने से दुविधा की स्थिति बन गई है। बहुत कम समय मिलने तथा दो बड़ी भर्ती परीक्षाएं पीसीएस मेंस और लोअर इंटरव्यू एक साथ पड़ने से पीसीएस अभ्यर्थियों के सामने तैयारी बड़ी चुनौती है। अब फार्म में गड़बड़ी की वजह से वे उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं।
लोअर सबऑर्डिनेट-2009 का साक्षात्कार 11 जून से शुरू होगा, जो 26 जुलाई तक चलेगा। जबकि, मुख्य परीक्षा एक जुलाई से है। कई तिथियां आपस में टकरा रही हैं। चूंकि दोनों भर्तियों के लिए योग्यता तथा परीक्षा प्रारूप एक जैसा है इसलिए लाखों प्रतियोगी दोनों भर्तियों की परीक्षा में शामिल हुए और कई शुरुआती परीक्षाओं में सफल भी हुए हैं। अब इन्हें पीसीएस मेंस तथा लोअर सबऑर्डिनेट दोनों में शामिल होना है। इसके अलावा पीसीएस मेंस के अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए भी मात्र 38 दिन मिले हैं। उधर मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों का फार्म किसी और ने भर दिया है। खास यह कि जालसाजों ने उनके विषय कोड ही बदल दिए हैं। ऐसे में प्रतियोगी तैयारी के बजाय संशोधन कराने के लिए आयोग और थाने का चक्कर काट रहे हैं। आयोग के अफसरों के रुख से साफ है कि विषय में संशोधन कराना आसान नहीं होगा। इसके लिए अभ्यर्थियों को पहले सिद्ध करना होगा कि उनके साथ धोखा हुआ है। ऐसे में अभ्यर्थियों के सामने अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। इतना ही नहीं जालसाजों ने कई के परीक्षा केंद्र भी बदल दिए हैं। इससे उन्हें अब दूसरे जिले में परीक्षा भी देनी पड़ सकती है। इस खेल के पीछे अभ्यर्थी भर्ती फंसाने की साजिश भी देख रहे हैं। आलोक, राकेश आदि पीड़ित अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रतियोगियों का एक तबका आयोग को बदनाम कर भर्तियों को एक बार फिर लंबित करने की कोशिश में जुटा है।
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लोअर सबऑर्डिनेट-2009 का साक्षात्कार 11 जून से शुरू होगा, जो 26 जुलाई तक चलेगा। जबकि, मुख्य परीक्षा एक जुलाई से है। कई तिथियां आपस में टकरा रही हैं। चूंकि दोनों भर्तियों के लिए योग्यता तथा परीक्षा प्रारूप एक जैसा है इसलिए लाखों प्रतियोगी दोनों भर्तियों की परीक्षा में शामिल हुए और कई शुरुआती परीक्षाओं में सफल भी हुए हैं। अब इन्हें पीसीएस मेंस तथा लोअर सबऑर्डिनेट दोनों में शामिल होना है। इसके अलावा पीसीएस मेंस के अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए भी मात्र 38 दिन मिले हैं। उधर मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों का फार्म किसी और ने भर दिया है। खास यह कि जालसाजों ने उनके विषय कोड ही बदल दिए हैं। ऐसे में प्रतियोगी तैयारी के बजाय संशोधन कराने के लिए आयोग और थाने का चक्कर काट रहे हैं। आयोग के अफसरों के रुख से साफ है कि विषय में संशोधन कराना आसान नहीं होगा। इसके लिए अभ्यर्थियों को पहले सिद्ध करना होगा कि उनके साथ धोखा हुआ है। ऐसे में अभ्यर्थियों के सामने अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। इतना ही नहीं जालसाजों ने कई के परीक्षा केंद्र भी बदल दिए हैं। इससे उन्हें अब दूसरे जिले में परीक्षा भी देनी पड़ सकती है। इस खेल के पीछे अभ्यर्थी भर्ती फंसाने की साजिश भी देख रहे हैं। आलोक, राकेश आदि पीड़ित अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रतियोगियों का एक तबका आयोग को बदनाम कर भर्तियों को एक बार फिर लंबित करने की कोशिश में जुटा है।
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