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संस्कृति और वेदों की रक्षा जरूरी
Allahabad
Updated Sat, 15 Mar 2014 05:30 AM IST
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नैनी(ब्यूरो)। आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने भारतीय संस्कृति और वेदों की रक्षा का आह्वान किया है। शुक्रवार सुबह अरैल स्थित सच्चा आश्रम पहुंचे गुरु श्रीश्री रविशंकर ने छात्रों से कहा, भारतीय संस्कृति और वेदों की रक्षा सहित उसमें निहित ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी है, अन्यथा हमारी पहचान ही मिट जाएगी। इससे पहले सच्चा बाबा के समाधि स्थल पर जाकर उन्होंने नमन किया। आश्रम पहुंचने पर स्वामी गोपालजी, स्वामी चेतनजी, डॉ.चंद्रदेव आदि ने उनका स्वागत किया। छात्रों से मुलाकात के दौरान उन्होंने उन्हें धर्म-अध्यात्म और भारतीय संस्कृति के सूत्रों की सीख दी। इस अवसर पर संत करुणामयी, केशव मालवीय, शत्रुघ्न ब्रह्मचारी, सौरभ ब्रह्मचारी, जगदीश मिश्र, सुरेंद्र शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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