{"_id":"8-33696","slug":"Allahabad-33696-8","type":"story","status":"publish","title_hn":"-मंदिर में अधिवक्ता से महिला सिपाही की बदसलूकी के बाद बढ़ा झगड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
-मंदिर में अधिवक्ता से महिला सिपाही की बदसलूकी के बाद बढ़ा झगड़ा
Allahabad
Updated Sat, 31 Aug 2013 05:35 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद। दारागंज स्थित बेणीमाधव मंदिर में बुधवार रात जन्माष्टमी के अवसर पर भीड़ को संभालने का अनुरोध करने पर महिला सिपाही और दरोगा ने वकील से बदसलूकी की। उनकी चेन और पैसे भी छीन लिए। शिकायत पर इंस्पेक्टर ने भी अपशब्द कहे। धमकी दी। इससे नाराज कई वकील बृहस्पतिवार सुबह दारागंज थाने मुकदमा लिखाने पहुंचे तो इंस्पेक्टर ने फिर बदसलूकी कर दी। मामता तूल पकड़ा तो सीओ आ गए। एसएसपी के आदेश पर सीओ ने इंस्पेक्टर, दरोगा, महिला सिपाही और दो अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ लूट, गालीगलौज, मारपीट, धमकी का केस लिखाया।
बेणीमाधव मंदिर में बुधवार रात जन्माष्टमी पर भक्तों की भीड़ थी। अधिवक्ता शैलेंद्र अवस्थी भी वहां व्यवस्था में जुटे थे। इतनी भीड़ के बावजूद सिर्फ एक महिला सिपाही सुनीता शुक्ला की तैनाती थी। वह भी एक कोने में बैठी थी। अधिवक्ता शैलेंद्र ने सिपाही सुनीता से भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए कहा तो वह उनसे उलझ गई। आरोप है कि सिपाही से उनसे अक्खड़ लहजे में बात की। तू-तड़ाक करने के बाद वह मंदिर से चली गई। कुछ देर बाद दरोगा अजय कुमार ने दो सिपाहियों के साथ आकर अधिवक्ता शैलेंद्र को मंदिर के बाहर बुलाया। धमकी दी कि उन्हें लाठी मारकर हवालात में बंद कर दिया जाएगा। उनके बीच भी झड़प हो गई। आरोप है कि शालीनता से बात करने के लिए कहने पर दरोगा और सिपाहियों ने गालियां देते हुए उनसे मारपीट की। गले से सोने की चेन और जेब से 51 सौ रुपये छीन ल्रिए। शोरगुल सुनकर मंदिर में आरती कर रहे जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व महामंत्री शीतला प्रसाद मिश्र भी बाहर आ गए। पुलिसवालों ने उन्हें भी धमकाया। भीड़ ने विरोध किया तो पुलिसवाले वहां से भाग गए। शैलेंद्र अवस्थी के साथ शीतला प्रसाद मिश्रा, कांग्रेस नेता निशांत त्रिपाठी आदि ने थाने जाकर इंस्पेक्टर एनके पांडेय से दरोगा और सिपाहियों की शिकायत की। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने भी तल्ख लहजे में बात की। धमकी दी कि वकीलों को बंद कर दिया जाएगा। इंस्पेक्टर एनके पांडेय कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। उन्होंने तो कहा कि थाने में काफी फोर्स है। वकील गए नहीं तो उन्हें सबक सिखा दिया जाएगा। बेणीमाधव मंदिर में कृष्ण जन्म और पूजा का वक्त हो रहा था इसलिए अधिवक्ताओं ने तय किया कि इस मसले में बृहस्पतिवार को थाने जाकर पुलिसवालों पर एफआईआर के लिए जोर लगाया जाएगा।
बृहस्पतिवार सुबह शीतला प्रसाद मिश्र, अनिल तिवारी, सीपी उपाध्याय, राजेश पांडेय समेत कई अधिवक्ताओं के साथ शैलेंद्र अवस्थी दारागंज थाने पहुंचे। इंस्पेक्टर को थानेे आने के लिए फोन किया गया तो उन्होंने फिर ऊलजलूल बोल दिया। इंस्पेक्टर थाने नहीं आए तो एसएसपी उमेश श्रीवास्तव से शिकायत की गई। एसएसपी के आदेश पर सीओ प्रथम समरबहादुर पहुंच गए। उन्होंने इंस्पेक्टर एनके पांडेय को थाने बुलाया। वकीलों का आरोप है कि सीओ के सामने भी इंस्पेक्टर का व्यवहार नहीं बदला। वह वकीलों को हवालात में बंद करने की धमकी देते रहे। वकील आक्रोशित हुए तो सीओ ने इंस्पेक्टर को हटाया। फिर अधिवक्ता शैलेंद्र अवस्थी की अर्जी पर इंस्पेक्टर एनके पांडेय, दरोगा अजय कुमार, महिला सिपाही संगीता शुक्ला समेत दो अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ धारा 323, 394, 504, 506 के तहत मुकदमा लिखा गया। शैलेंद्र का कहना है कि वह हाईकोर्ट में इस मसले में याचिका भी दायर करेंगे। वकीलों का कहना है कि दोषी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो मामला और तूल पकड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेणीमाधव मंदिर में बुधवार रात जन्माष्टमी पर भक्तों की भीड़ थी। अधिवक्ता शैलेंद्र अवस्थी भी वहां व्यवस्था में जुटे थे। इतनी भीड़ के बावजूद सिर्फ एक महिला सिपाही सुनीता शुक्ला की तैनाती थी। वह भी एक कोने में बैठी थी। अधिवक्ता शैलेंद्र ने सिपाही सुनीता से भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए कहा तो वह उनसे उलझ गई। आरोप है कि सिपाही से उनसे अक्खड़ लहजे में बात की। तू-तड़ाक करने के बाद वह मंदिर से चली गई। कुछ देर बाद दरोगा अजय कुमार ने दो सिपाहियों के साथ आकर अधिवक्ता शैलेंद्र को मंदिर के बाहर बुलाया। धमकी दी कि उन्हें लाठी मारकर हवालात में बंद कर दिया जाएगा। उनके बीच भी झड़प हो गई। आरोप है कि शालीनता से बात करने के लिए कहने पर दरोगा और सिपाहियों ने गालियां देते हुए उनसे मारपीट की। गले से सोने की चेन और जेब से 51 सौ रुपये छीन ल्रिए। शोरगुल सुनकर मंदिर में आरती कर रहे जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व महामंत्री शीतला प्रसाद मिश्र भी बाहर आ गए। पुलिसवालों ने उन्हें भी धमकाया। भीड़ ने विरोध किया तो पुलिसवाले वहां से भाग गए। शैलेंद्र अवस्थी के साथ शीतला प्रसाद मिश्रा, कांग्रेस नेता निशांत त्रिपाठी आदि ने थाने जाकर इंस्पेक्टर एनके पांडेय से दरोगा और सिपाहियों की शिकायत की। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने भी तल्ख लहजे में बात की। धमकी दी कि वकीलों को बंद कर दिया जाएगा। इंस्पेक्टर एनके पांडेय कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। उन्होंने तो कहा कि थाने में काफी फोर्स है। वकील गए नहीं तो उन्हें सबक सिखा दिया जाएगा। बेणीमाधव मंदिर में कृष्ण जन्म और पूजा का वक्त हो रहा था इसलिए अधिवक्ताओं ने तय किया कि इस मसले में बृहस्पतिवार को थाने जाकर पुलिसवालों पर एफआईआर के लिए जोर लगाया जाएगा।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार सुबह शीतला प्रसाद मिश्र, अनिल तिवारी, सीपी उपाध्याय, राजेश पांडेय समेत कई अधिवक्ताओं के साथ शैलेंद्र अवस्थी दारागंज थाने पहुंचे। इंस्पेक्टर को थानेे आने के लिए फोन किया गया तो उन्होंने फिर ऊलजलूल बोल दिया। इंस्पेक्टर थाने नहीं आए तो एसएसपी उमेश श्रीवास्तव से शिकायत की गई। एसएसपी के आदेश पर सीओ प्रथम समरबहादुर पहुंच गए। उन्होंने इंस्पेक्टर एनके पांडेय को थाने बुलाया। वकीलों का आरोप है कि सीओ के सामने भी इंस्पेक्टर का व्यवहार नहीं बदला। वह वकीलों को हवालात में बंद करने की धमकी देते रहे। वकील आक्रोशित हुए तो सीओ ने इंस्पेक्टर को हटाया। फिर अधिवक्ता शैलेंद्र अवस्थी की अर्जी पर इंस्पेक्टर एनके पांडेय, दरोगा अजय कुमार, महिला सिपाही संगीता शुक्ला समेत दो अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ धारा 323, 394, 504, 506 के तहत मुकदमा लिखा गया। शैलेंद्र का कहना है कि वह हाईकोर्ट में इस मसले में याचिका भी दायर करेंगे। वकीलों का कहना है कि दोषी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो मामला और तूल पकड़ सकता है।
विज्ञापन