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राजकोट से घर लौटते युवक को मार डाला
Allahabad
Updated Thu, 25 Apr 2013 02:28 PM IST
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हनुमानगंज। राजकोट में नौकरी करने वाले 26 वर्षीय संदीप राजभर की भदोही में घर लौटते समय हत्या कर दी गई। ट्रेन में सूरत से रवाना होने के तीसरे दिन उसका शव बुधवार सुबह यहां सरायइनायत इलाके में जीटी रोड पर मिला। सिर पर गहरी चोट थी। सामान गायब था। संदेह है कि ट्रेन से उतरने के बाद बदमाशों ने उसे किसी गाड़ी में बैठाया, फिर लूटपाट के बाद मारकर सड़क पर फेंक दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
बुधवार सुबह सरायइनायत इलाके में दूल्हापुर गांव के पास जीटी रोड पर लोगों ने युवक की लाश देखी तो थाने में बताया। पुलिस वहां पहुंची। शव का निरीक्षण किया। युवक के सिर पर दो गहरी चोट थी। जख्म ऐसे थे जैसे किसी वजनी औजार से मारा गया हो। जेब की तलाशी लेने पर पुलिस को दो मोबाइल फोन, 30 रुपये, राजकोट से वाराणसी का 21 अप्रैल का ट्रेन टिकट और मतदाता पहचान पत्र मिला। पता चला कि मृतक संदीप राजभर भदोही के बरदहा निवासी महेश राजभर का पुत्र था। पुलिस ने मोबाइल फोन के जरिए संदीप के घर में खबर दी। घंटे भर बाद भाई दिनेश और चाचा कमलेश समेत परिवार के लोग आ गए। संदीप दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई दिनेश शव देेख रोने लगा। उसने बताया कि संदीप गुजरात के राजकोट शहर में नौकरी करता था। उसने 21 को राजकोट से रवाना होने से पहले फोन से बताया था कि वह घर आ रहा है। संदीप की मौत में गहरा रहस्य है। उसे वाराणसी में ट्रेन से उतरकर भदोही जाना था। अनुमान है कि ट्रेन में साथ बैठे बदमाशों ने उसे अपनी गाड़ी से भदोही में घर पहुंचाने का भरोसा देकर इलाहाबाद में ही जंक्शन पर उतार लिया था। फिर उसे रास्ते में गाड़ी में मारने के बाद लाश सड़क पर फेंकी और बैग-्अटैची लूटकर भाग निकले। हालांकि पुलिस ने हत्या की छानबीन से बचने के चक्कर में वारदात को हादसा कहा मगर परिजन इसे लूट और कत्ल करार दे रहे हैं।
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बुधवार सुबह सरायइनायत इलाके में दूल्हापुर गांव के पास जीटी रोड पर लोगों ने युवक की लाश देखी तो थाने में बताया। पुलिस वहां पहुंची। शव का निरीक्षण किया। युवक के सिर पर दो गहरी चोट थी। जख्म ऐसे थे जैसे किसी वजनी औजार से मारा गया हो। जेब की तलाशी लेने पर पुलिस को दो मोबाइल फोन, 30 रुपये, राजकोट से वाराणसी का 21 अप्रैल का ट्रेन टिकट और मतदाता पहचान पत्र मिला। पता चला कि मृतक संदीप राजभर भदोही के बरदहा निवासी महेश राजभर का पुत्र था। पुलिस ने मोबाइल फोन के जरिए संदीप के घर में खबर दी। घंटे भर बाद भाई दिनेश और चाचा कमलेश समेत परिवार के लोग आ गए। संदीप दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई दिनेश शव देेख रोने लगा। उसने बताया कि संदीप गुजरात के राजकोट शहर में नौकरी करता था। उसने 21 को राजकोट से रवाना होने से पहले फोन से बताया था कि वह घर आ रहा है। संदीप की मौत में गहरा रहस्य है। उसे वाराणसी में ट्रेन से उतरकर भदोही जाना था। अनुमान है कि ट्रेन में साथ बैठे बदमाशों ने उसे अपनी गाड़ी से भदोही में घर पहुंचाने का भरोसा देकर इलाहाबाद में ही जंक्शन पर उतार लिया था। फिर उसे रास्ते में गाड़ी में मारने के बाद लाश सड़क पर फेंकी और बैग-्अटैची लूटकर भाग निकले। हालांकि पुलिस ने हत्या की छानबीन से बचने के चक्कर में वारदात को हादसा कहा मगर परिजन इसे लूट और कत्ल करार दे रहे हैं।
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