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दुकानदारों को बर्दाश्त नहीं पॉलीथिन पर रोक
Allahabad
Updated Thu, 25 Apr 2013 02:28 PM IST
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इलाहाबाद। नगर निगम की ओर से पॉलीथिन और प्लास्टिक के खिलाफ शुरू किया गया अभियान दुकानदारों को रास नहीं आ रहा है। मंगलवार को कटरा में जागरूकता अभियान के दौरान चाय और चाट के दुकानदार नगर निगम के अधिकारियों और संस्था के कार्यकर्ताओं से भिड़ गए। बवाल बढ़ता इसके पहले आसपास के दुकानदारों ने मामला संभाला। कार्रवाई का विरोध करने वाले दुकानदारों को चिह्नित कर लिया गया है। उनके खिलाफ एफआईआर एवं जुर्माने की कार्रवाई होगी।
नगर निगम के एचआरडी ऑफिसर राजकुमार द्विवेदी के नेतृत्व में ग्लोबल ग्रीन संस्था के कार्यकर्ता दिन में कटरा में पॉलीथिन के खिलाफ अभियान चलाने पहुंचे। कार्रवाई मनमोहन पार्क चौराहा से शुरू हुई। यहां हनुमान मंदिर के सामने चाय की दुकान के सामने बड़ी संख्या में प्लास्टिक के गिलास बिखरे थे। दस्ते में शामिल श्री द्विवेदी एवं संस्था के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने दुकानदार से प्लास्टिक के गिलास न इस्तेमाल करने को कहा। इस पर वह भड़क गया और अभद्रता करने लगा। दुकानदार ने दस्ते पर हमला करने का भी प्रयास किया। हालांकि आसपास मौजूद दुकानदारों ने मामला संभाला।
यहां से करीब पचास मीटर दूर एक चाट के ठेले पर काफी मात्रा में पॉलीथिन मिलने पर अधिकारियों ने उसे समझाने का प्रयास किया तो वह भी उलझ गया। चाट कारोबारी ने पहले पॉलीथिन फैक्ट्रियों को बंद कराने की बात करते हुए अधिकारियों से गाली-गलौज शुरू कर दी। यहां भी दूसरे दुकानदारों ने मामला शांत कराया। श्री द्विवेदी के मुताबिक दुकानदारों को चिन्हित कर लिया गया है। उनके खिलाफ कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगा। साथ ही नोटिस भेजकर जुर्माना वसूला जाएगा।
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पॉलीथिन के खिलाफ अब तक चलाए गए सभी अभियान फ्लॉप होने के बाद नगर निगम ने नए सिरे से कवायद शुरू की है। पॉलीथिन के खिलाफ ग्राहकों और दुकानदारों को जागरूक करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने पर्यावरण विभाग के तीन अधिकारियों के साथ तीन संस्थाओं को लगाया है। तीनों अधिकारी इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट नगर आयुक्त को देंगे।
नगर निगम पॉलीथिन के खिलाफ पिछले दो वर्ष से अभियान चला रहा है लेकिन इसका प्रभावी असर नहीं है। महाकुंभ के दौरान अभियान में कुछ तेजी आई। दारागंज, सोहबतियाबाग, बैरहना, कीडगंज, अल्लापुर आदि में अभियान चलाकर लोगों को पॉलीथिन का प्रयोग न करने के लिए जागरूक किया गया लेकिन इसका रत्ती भर असर नहीं हुआ और मेला क्षेत्र से जुड़े मोहल्लों में ही धड़ल्ले से पॉलीथिन का प्रयोग होता रहा। मेला खत्म होने के बाद पॉलीथिन के खिलाफ अभियान भी ठंडे बस्ते में चला गया।
वर्तमान में दुकानदारों में इसे लेकर किसी तरह का खौफ नहीं है। न ही वह इसके खतरों को गंभीरता से ले रहे हैं। पॉलीथिन के खतरों को लेकर ग्राहकों की मानसिकता भी नहीं बदल रही है। वह भी दुकानदारों से सामान पॉलीथिन में ही रखकर देने को कहते हैं। ग्राहकों की इस मानसिकता को बदलने के लिए नगर निगम ने नई पहल की है। पहले चरण में नगर निगम ने जोन दो के लिए जन जागरण शिक्षा सेवा संस्थान, जोन तीन के लिए ग्लोबल ग्रीन संस्था और जोन चार के लिए श्री ऋषि ज्ञान योग प्रसार समिति को पॉलीथिन के प्रति ग्राहकों और दुकानदारों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है। इन संस्थाओं के साथ निगम के एचआरडी ऑफिसर शशिकांत तिवारी, राजकुमार द्विवेदी एवं पर्यावरण अधिकारी डॉ.मुकेश शर्मा को लगाया गया है। जोन से जुड़े बाजारों में संस्थाओं के सदस्य एवं अधिकारी प्रतिदिन अभियान चलाएंगे और हर हफ्ते नगर आयुक्त को रिपोर्ट देंगे। नगर आयुक्त आर विक्रम सिंह के मुताबिक पहले चरण में जागरूकता अभियान पूरा होने के बाद सख्ती की जाएगी।
पॉलीथिन पर रोक लगाने के लिए नगर निगम या जिला प्रशासन की ओर से अब तक सख्ती नहीं की गई है। इस वजह से भी इस पर प्रभावी रोक नहीं लग रही है। हालांकि पिछले वर्ष अक्टूबर-नवंबर में कई मोहल्लों में अभियान के दौरान पॉलीथिन और प्लास्टिक का सामान जब्त करने पर अधिकारियों की दुकानदार से झड़प हो गई। पुलिस फोर्स न होने के कारण अधिकारियों को पीछे हटना पड़ा। ऐसे में पॉलीथिन का प्रयोग बंद कराना बड़ी चुनौती है।
शहर में फैक्ट्रियां बंद होने के बाद अब पॉलीथिन कानपुर, वाराणसी, दिल्ली से इलाहाबाद पहुंच रही है। इसके साथ प्लास्टिक, थर्मोकोल के गिलास, प्लेट, चम्मच आदि भी बड़ी मात्रा में बाहर से आ रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए भी अब तक कड़े कदम नहीं उठाए गए हैं।
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नगर निगम के एचआरडी ऑफिसर राजकुमार द्विवेदी के नेतृत्व में ग्लोबल ग्रीन संस्था के कार्यकर्ता दिन में कटरा में पॉलीथिन के खिलाफ अभियान चलाने पहुंचे। कार्रवाई मनमोहन पार्क चौराहा से शुरू हुई। यहां हनुमान मंदिर के सामने चाय की दुकान के सामने बड़ी संख्या में प्लास्टिक के गिलास बिखरे थे। दस्ते में शामिल श्री द्विवेदी एवं संस्था के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने दुकानदार से प्लास्टिक के गिलास न इस्तेमाल करने को कहा। इस पर वह भड़क गया और अभद्रता करने लगा। दुकानदार ने दस्ते पर हमला करने का भी प्रयास किया। हालांकि आसपास मौजूद दुकानदारों ने मामला संभाला।
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यहां से करीब पचास मीटर दूर एक चाट के ठेले पर काफी मात्रा में पॉलीथिन मिलने पर अधिकारियों ने उसे समझाने का प्रयास किया तो वह भी उलझ गया। चाट कारोबारी ने पहले पॉलीथिन फैक्ट्रियों को बंद कराने की बात करते हुए अधिकारियों से गाली-गलौज शुरू कर दी। यहां भी दूसरे दुकानदारों ने मामला शांत कराया। श्री द्विवेदी के मुताबिक दुकानदारों को चिन्हित कर लिया गया है। उनके खिलाफ कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगा। साथ ही नोटिस भेजकर जुर्माना वसूला जाएगा।
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पॉलीथिन के खिलाफ अब तक चलाए गए सभी अभियान फ्लॉप होने के बाद नगर निगम ने नए सिरे से कवायद शुरू की है। पॉलीथिन के खिलाफ ग्राहकों और दुकानदारों को जागरूक करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने पर्यावरण विभाग के तीन अधिकारियों के साथ तीन संस्थाओं को लगाया है। तीनों अधिकारी इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट नगर आयुक्त को देंगे।
नगर निगम पॉलीथिन के खिलाफ पिछले दो वर्ष से अभियान चला रहा है लेकिन इसका प्रभावी असर नहीं है। महाकुंभ के दौरान अभियान में कुछ तेजी आई। दारागंज, सोहबतियाबाग, बैरहना, कीडगंज, अल्लापुर आदि में अभियान चलाकर लोगों को पॉलीथिन का प्रयोग न करने के लिए जागरूक किया गया लेकिन इसका रत्ती भर असर नहीं हुआ और मेला क्षेत्र से जुड़े मोहल्लों में ही धड़ल्ले से पॉलीथिन का प्रयोग होता रहा। मेला खत्म होने के बाद पॉलीथिन के खिलाफ अभियान भी ठंडे बस्ते में चला गया।
वर्तमान में दुकानदारों में इसे लेकर किसी तरह का खौफ नहीं है। न ही वह इसके खतरों को गंभीरता से ले रहे हैं। पॉलीथिन के खतरों को लेकर ग्राहकों की मानसिकता भी नहीं बदल रही है। वह भी दुकानदारों से सामान पॉलीथिन में ही रखकर देने को कहते हैं। ग्राहकों की इस मानसिकता को बदलने के लिए नगर निगम ने नई पहल की है। पहले चरण में नगर निगम ने जोन दो के लिए जन जागरण शिक्षा सेवा संस्थान, जोन तीन के लिए ग्लोबल ग्रीन संस्था और जोन चार के लिए श्री ऋषि ज्ञान योग प्रसार समिति को पॉलीथिन के प्रति ग्राहकों और दुकानदारों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है। इन संस्थाओं के साथ निगम के एचआरडी ऑफिसर शशिकांत तिवारी, राजकुमार द्विवेदी एवं पर्यावरण अधिकारी डॉ.मुकेश शर्मा को लगाया गया है। जोन से जुड़े बाजारों में संस्थाओं के सदस्य एवं अधिकारी प्रतिदिन अभियान चलाएंगे और हर हफ्ते नगर आयुक्त को रिपोर्ट देंगे। नगर आयुक्त आर विक्रम सिंह के मुताबिक पहले चरण में जागरूकता अभियान पूरा होने के बाद सख्ती की जाएगी।
पॉलीथिन पर रोक लगाने के लिए नगर निगम या जिला प्रशासन की ओर से अब तक सख्ती नहीं की गई है। इस वजह से भी इस पर प्रभावी रोक नहीं लग रही है। हालांकि पिछले वर्ष अक्टूबर-नवंबर में कई मोहल्लों में अभियान के दौरान पॉलीथिन और प्लास्टिक का सामान जब्त करने पर अधिकारियों की दुकानदार से झड़प हो गई। पुलिस फोर्स न होने के कारण अधिकारियों को पीछे हटना पड़ा। ऐसे में पॉलीथिन का प्रयोग बंद कराना बड़ी चुनौती है।
शहर में फैक्ट्रियां बंद होने के बाद अब पॉलीथिन कानपुर, वाराणसी, दिल्ली से इलाहाबाद पहुंच रही है। इसके साथ प्लास्टिक, थर्मोकोल के गिलास, प्लेट, चम्मच आदि भी बड़ी मात्रा में बाहर से आ रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए भी अब तक कड़े कदम नहीं उठाए गए हैं।