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चीख भी न सका मासूम, लपक ली मौत
Allahabad
Updated Tue, 23 Apr 2013 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। शहर के मजीदिया इस्लामिया इंटर कालेज के अध्यापक कमाल अहमद सिद्दीकी के घर मातम पसरा है। लापरवाही कहें या बदकिस्मती, पलभर में ही परिवार की खुशियां छिन गईं। प्लास्टिक की बड़ी बाल्टी में डूबने से शिक्षक के डेढ़ साल के बेटे की सासें थम गईं। मासूम राहिल नल के पास खेल रहा था। खेलते-खेलते वह बाल्टी में भरे पानी पर हाथ मारने लगा। इसी बीच वह सिर के बल बाल्टी में गिर गया। मासूम का आधा शरीर बाल्टी के बाहर ही लटका रहा जबकि सिर पानी में डूब गया। डेढ़ साल का बच्चा चीख भी नहीं सका। पल भर में मौत ने उसे लपक लिया। मां शाइस्ता दौड़ीं लेकिन बच्चे की सांसें थम चुकी थीं। हादसे से पूरा परिवार बदहवास सा रोता चीखता रहा। राहिल इतना चंचल था कि घरवालों केसाथ पड़ोसी भी उसे खिलाने पहुंचते थे। दर्दनाक घटना से शिक्षक के घर मातम पसरा है। औद्योगिक थाना क्षेत्र के पूर्वा खास रामपुर में रहने वाले कमाल अहमद सिद्दीकी अटाला स्थित एमआईसी कालेज में शिक्षक हैं। उनकेतीन बच्चों में डेढ़ साल का राहिल सबसे चहेता था। राहिल घर के फर्श पर खेलता रहता था। रविवार को भी वह खेल रहा था और खेलते-खेलते पानी के बाल्टी की तरफ चला गया। राहिल नल खोलकर हाथ पर पानी गिरा रहा था और खुश हो रहा था। नल के नीचे बाल्टी रखी थी। उसमें आधा पानी भरा था। हाथ से पानी छूने के चक्कर में राहिल सिर के बल बाल्टी में लटक गया। वह पैर चलाता रहा लेकिन सिर पानी में डूब गया और मासूम ने वहीं दम तोड़ दिया। राहिल चीख नहीं सका इसलिए पास में ही मौजूद लोगों को भी पता नहीं चला। थोड़ी देर बाद उसे लचका देख मां दौड़ी लेकिन तब तक राहिल की सांसें थम चुकी थीं। राहिल की मौत से पूरा परिवार बिलख पड़ा। घर में चीखें गूंजने लगीं। राहिल केचाचा परवेज अहमद रामपुर के कालेज में अध्यापक हैं। परवेज पूरी बात बताते-बताते बिलख पड़े। कहा, वह इतना चंचल था कि हर कोई उसे गोद में लिए बगैर मानता ही नहीं था।
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