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अंबेडकर बस्ती से बेदखल लोगों को आवास देने पर जवाब तलब

Fri, 10 Nov 2017 09:02 PM IST
Updated Fri, 10 Nov 2017 09:02 PM IST
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अंबेडकर बस्ती से बेदखल लोगों को आवास देने पर जवाब तलब
अंबेडकर बस्ती से बेदखल लोगों को आवास देने पर जवाब तलब
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0 हाईकोर्ट ने वैल्पिक आवास देने पर प्रदेश सरकार से मांगी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
नैनी की अंबेडकर बस्ती से गत दिनों बेदखल किए गए लोगों को वैकल्पिक आवास देने के मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जानकारी मांगी है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या बेदखल किए गए लोगों को कांशीराम आवास योजना के तहत आवास दिया जा सकता है और इस योजना में सरकार के पास कितने आवास रिक्त हैं। एक सप्ताह में यह जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा है।

यमुनापार संघर्ष समिति के अध्यक्ष भगवती प्रसाद पांडेय और देवेंद्र तिवारी की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की पीठ सुनवाई कर रही है। अधिवक्ता विजय चंद्र श्रीवास्तव का कहना था कि 29 अक्तूबर 2017 को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया को जमीन का कब्जा सौंपने के लिए अंबेडकर बस्ती के करीब 60 आवास ढहा दिए गए। बस्ती के लोगों को अपना पक्ष रखने का भी मौका नहीं दिया गया। जबकि ये लोग काफी वर्षों से यहां रह रहे हैं और उनके आधार कार्ड, राशन कार्ड, पैन कार्ड आदि भी यहीं के पते पर बने हैं। जमीन टीएसएल की है जिसे स्टील अथॉरिटी को पट्टे पर दी गई है। अधिवक्ता का कहना था कि कांशीराम आवास योजना के तहत बने काफी मकान खाली पड़े हैं। अंबेडकर बस्ती से उजाड़े गए लोगों को वहां आवास आवंटित किया जा सकता है। पीड़ितों को 45 हजार रुपये का अनुदान भी दिया गया था, मगर अभी तक आवास आवंटित नहीं किया गया।
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