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फंस सकती है 29 जुलाई को होने वाली एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती
Updated Thu, 19 Jul 2018 02:00 AM IST
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फंस सकती है 29 जुलाई को होने वाली एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती
0 बीएड पास टीईटी बेरोजगारों ने छठवीं कक्षा से आठवीं तक पढ़ाने के लिए टीईटी अनिवार्य करने की मांग की
0 राजकीय इंटर कॉलेजों के लिए मार्च 2018 में विज्ञापित 10768 पदों की भर्ती फंसी
उमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। राजकीय इंटर कॉलेजों के लिए होने वाली एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती एक बार फिर विवादों की भेंट चढ़ सकती है। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 29 जुलाई को प्रस्तावित है। चयन बोर्ड की ओर से जीव विज्ञान सहित टीजीटी के छह विषयों के पद खत्म कर दिए जाने के बाद अब टीईटी पास बीएड बेरोजगारों ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा स्थगित कर नियमों में बदलाव की मांग की है जबकि लोक सेवा आयोग इस परीक्षा को हर हाल में 29 जुलाई को कराने को लेकर प्रतिबद्ध है। दूसरी ओर बीएड टीईटी उच्च प्राथमिक बेरोजगार संघ ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए टीईटी अनिवार्य करने की मांग की है। 2014 में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती प्रमाण पत्रों के फर्जीवाड़े के भेंट चढ़ गई थी।
बीएड टीईटी उच्च प्राथमिक बेरोजगार संघ का कहना है कि राजकीय इंटर कॉलेजों में होने वाली एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती से चयनित शिक्षक छठीं कक्षा से लेकर दसवीं तक के बच्चों को पढ़ाते हैं, सरकार ने छठीं से लेकर आठवीं तक के बच्चों के लिए एनसीटीई के मानकों के अनुसार टीईटी अनिवार्य किया है। आरटीआई से इस बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जवाब दिया है कि एलटी ग्रेड व प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक छठीं से आठवीं तक की कक्षाओं में शिक्षण कार्य करते हैं। सरकार की ओर से 1989 में सीटी ग्रेड समाप्त कर देने के बाद इन कक्षाओं में एलटी ग्रेड शिक्षक ही पढ़ाते हैं। छठीं से आठवीं तक पढ़ाने के लिए किसी दूसरी श्रेणी के शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती। ऐसे में इन कक्षाओं को पढ़ाने के लिए टीईटी अनिवार्य होना चाहिए। एनसीटीई ने छठीं से आठवीं तक पढ़ाने के लिए बिना टीईटी नियुक्ति करने से मना कर दिया है।
क्या कहता है एनसीटीई का नियम
केंद्र एवं राज्य सरकार के अधीन एवं मान्यता प्राप्त सभी प्रकार के विद्यालयों तथा इंटर कॉलेजों में जहां पहली से आठवीं तक कक्षाएं चलती हैं, इन कक्षाओं में शिक्षण केलिए शिक्षकों की नियुक्ति में अभ्यर्थियों केलिए टीईटी पास होना अनिवार्य है। इन तमाम तथ्यों को लेकर उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ में याचिका विचाराधीन है, 20 जुलाई को इस प्रकरण पर कोर्ट में सुनवाई भी है।
0 बीएड पास टीईटी बेरोजगारों ने छठवीं कक्षा से आठवीं तक पढ़ाने के लिए टीईटी अनिवार्य करने की मांग की
0 राजकीय इंटर कॉलेजों के लिए मार्च 2018 में विज्ञापित 10768 पदों की भर्ती फंसी
उमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। राजकीय इंटर कॉलेजों के लिए होने वाली एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती एक बार फिर विवादों की भेंट चढ़ सकती है। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 29 जुलाई को प्रस्तावित है। चयन बोर्ड की ओर से जीव विज्ञान सहित टीजीटी के छह विषयों के पद खत्म कर दिए जाने के बाद अब टीईटी पास बीएड बेरोजगारों ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा स्थगित कर नियमों में बदलाव की मांग की है जबकि लोक सेवा आयोग इस परीक्षा को हर हाल में 29 जुलाई को कराने को लेकर प्रतिबद्ध है। दूसरी ओर बीएड टीईटी उच्च प्राथमिक बेरोजगार संघ ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए टीईटी अनिवार्य करने की मांग की है। 2014 में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती प्रमाण पत्रों के फर्जीवाड़े के भेंट चढ़ गई थी।
बीएड टीईटी उच्च प्राथमिक बेरोजगार संघ का कहना है कि राजकीय इंटर कॉलेजों में होने वाली एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती से चयनित शिक्षक छठीं कक्षा से लेकर दसवीं तक के बच्चों को पढ़ाते हैं, सरकार ने छठीं से लेकर आठवीं तक के बच्चों के लिए एनसीटीई के मानकों के अनुसार टीईटी अनिवार्य किया है। आरटीआई से इस बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जवाब दिया है कि एलटी ग्रेड व प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक छठीं से आठवीं तक की कक्षाओं में शिक्षण कार्य करते हैं। सरकार की ओर से 1989 में सीटी ग्रेड समाप्त कर देने के बाद इन कक्षाओं में एलटी ग्रेड शिक्षक ही पढ़ाते हैं। छठीं से आठवीं तक पढ़ाने के लिए किसी दूसरी श्रेणी के शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती। ऐसे में इन कक्षाओं को पढ़ाने के लिए टीईटी अनिवार्य होना चाहिए। एनसीटीई ने छठीं से आठवीं तक पढ़ाने के लिए बिना टीईटी नियुक्ति करने से मना कर दिया है।
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क्या कहता है एनसीटीई का नियम
केंद्र एवं राज्य सरकार के अधीन एवं मान्यता प्राप्त सभी प्रकार के विद्यालयों तथा इंटर कॉलेजों में जहां पहली से आठवीं तक कक्षाएं चलती हैं, इन कक्षाओं में शिक्षण केलिए शिक्षकों की नियुक्ति में अभ्यर्थियों केलिए टीईटी पास होना अनिवार्य है। इन तमाम तथ्यों को लेकर उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ में याचिका विचाराधीन है, 20 जुलाई को इस प्रकरण पर कोर्ट में सुनवाई भी है।
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