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मियाद को बचे 72 घंटे, सड़कें खस्ताहाल
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मियाद को बचे 72 घंटे, सड़कें खस्ताहाल
कमिश्नर ने दिए हैं 15 तक मरम्मत करने के निर्देश
अल्लापुर, मीरापुर, बैरहना, अलोपीबाग में हालत खराब
प्रयागराज। बारिश में उखड़ी सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को पाटने के लिए दिए गए समय की मियाद पूरी होने में सिर्फ 72 घंटे बचे हैं। कार्रवाई के खौफ से संबंधित विभागों ने मुख्य मार्गों पर तो पैचिंग कार्य कराया लेकिन कई मोहल्लों में खस्ताहाल सड़कों की तरफ देखा भी नहीं।
शहर के अल्लापुर, अलोपीबाग, बैरहना, मीरापुर, अतरसुइया, करेलाबाग, राजरूपपुर समेत कई मोहल्लों में सड़कों का हाल खराब है। वहीं सिविल लाइंस, सीएमपी, बालसन, लीडर रोड समेत कई इलाकों में नगर निगम, पीडीए, पीडब्ल्यूडी विभाग ने पैचिंग कार्य कराया है। मुख्य सड़कें तो गड्ढा मुक्त करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अधिकांश मोहल्लों की आंतरिक सड़कें अभी भी उखड़ी हैं।
कमिश्नर डॉ. आशीष गोयल ने बारिश के बाद करीब एक महीने पहले 15 नवंबर तक सड़कों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था। पहले सुस्ती फिर समीक्षा बैठक में कार्रवाई की चेतावनी के बाद चेते अफसरों ने सड़क मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूरी कराई है। जहां बड़े गड्ढे थे, उन्हें सुर्खी-गिट्टी डालकर भरा तो गया लेकिन पैचिंग नहीं की गई। अल्लापुर में लगभग सभी मुख्य मार्ग उखड़े हैं। मीरापुर में साठ फीट रोड के पास तो सड़क पर चलना मुश्किल है। इसी तरह नए यमुना पुल के सामने वाली सड़क अभी तक उखड़ी पड़ी है। राजरूपपुर में कुंभ के दौरान बनाई गई सड़क को अफसर देखने ही नहीं पहुंचे हैं। पार्षद अखिलेश सिंह का कहना है कि शायद अफसरों को किसी बड़े हादसे का इंतजार हैं। भारी वाहनों के दबाव के बीच लोग खतरे के बीच रास्ता तय कर रहे हैं।
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00गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की लापरवाही
शहर के जिन इलाकों में कुंभ से पहले गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से सीवरेज कार्य कराया गया, वहां सड़कों या गलियों को पूर्व स्थिति में नहीं लाया जा सका है। कुंभ के दौरान अन्य विभागों ने अपनी लाज बचाने का काम कराए और बाद में नगर निगम ने मरम्मत कराई। अब लाइन जोड़ने के लिए मीरापुर समेत अन्य मोहल्लों में खोदी जा रही सड़कों पर गड्ढा पाटकर मिट्टी-गिट्टी का टीला बनाकर छोड़ा जा रहा है। इस लापरवाही की तरफ इकाई के अफसर भी नजर नहीं डाल रहे हैं।
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कमिश्नर ने दिए हैं 15 तक मरम्मत करने के निर्देश
अल्लापुर, मीरापुर, बैरहना, अलोपीबाग में हालत खराब
प्रयागराज। बारिश में उखड़ी सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को पाटने के लिए दिए गए समय की मियाद पूरी होने में सिर्फ 72 घंटे बचे हैं। कार्रवाई के खौफ से संबंधित विभागों ने मुख्य मार्गों पर तो पैचिंग कार्य कराया लेकिन कई मोहल्लों में खस्ताहाल सड़कों की तरफ देखा भी नहीं।
शहर के अल्लापुर, अलोपीबाग, बैरहना, मीरापुर, अतरसुइया, करेलाबाग, राजरूपपुर समेत कई मोहल्लों में सड़कों का हाल खराब है। वहीं सिविल लाइंस, सीएमपी, बालसन, लीडर रोड समेत कई इलाकों में नगर निगम, पीडीए, पीडब्ल्यूडी विभाग ने पैचिंग कार्य कराया है। मुख्य सड़कें तो गड्ढा मुक्त करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अधिकांश मोहल्लों की आंतरिक सड़कें अभी भी उखड़ी हैं।
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कमिश्नर डॉ. आशीष गोयल ने बारिश के बाद करीब एक महीने पहले 15 नवंबर तक सड़कों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था। पहले सुस्ती फिर समीक्षा बैठक में कार्रवाई की चेतावनी के बाद चेते अफसरों ने सड़क मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूरी कराई है। जहां बड़े गड्ढे थे, उन्हें सुर्खी-गिट्टी डालकर भरा तो गया लेकिन पैचिंग नहीं की गई। अल्लापुर में लगभग सभी मुख्य मार्ग उखड़े हैं। मीरापुर में साठ फीट रोड के पास तो सड़क पर चलना मुश्किल है। इसी तरह नए यमुना पुल के सामने वाली सड़क अभी तक उखड़ी पड़ी है। राजरूपपुर में कुंभ के दौरान बनाई गई सड़क को अफसर देखने ही नहीं पहुंचे हैं। पार्षद अखिलेश सिंह का कहना है कि शायद अफसरों को किसी बड़े हादसे का इंतजार हैं। भारी वाहनों के दबाव के बीच लोग खतरे के बीच रास्ता तय कर रहे हैं।
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00गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की लापरवाही
शहर के जिन इलाकों में कुंभ से पहले गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से सीवरेज कार्य कराया गया, वहां सड़कों या गलियों को पूर्व स्थिति में नहीं लाया जा सका है। कुंभ के दौरान अन्य विभागों ने अपनी लाज बचाने का काम कराए और बाद में नगर निगम ने मरम्मत कराई। अब लाइन जोड़ने के लिए मीरापुर समेत अन्य मोहल्लों में खोदी जा रही सड़कों पर गड्ढा पाटकर मिट्टी-गिट्टी का टीला बनाकर छोड़ा जा रहा है। इस लापरवाही की तरफ इकाई के अफसर भी नजर नहीं डाल रहे हैं।