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बिनस अधिग्रहण जमीन कब्जाने वाले अफसरों पर कार्रवाई का आदेश
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बिना अधिग्रहण जमीन कब्जा करने
वाले अफसरों पर कार्रवाई का आदेश
0 हाईकोर्ट का सख्त रुख, मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए कहा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। बिना भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही किए किसानों की जमीनें कब्जाने वाले अधिकारियों पर हाईकोर्ट ने सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव से कहा कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना किसानों की भूमिधरी की जमीन सड़क निर्माण या दूसरे विकास कार्यों के लिए लेने वाले अफसरों पर कार्रवाई करें। अदालत का कहना है कि संपत्ति का अधिकार भले ही मूल अधिकार नहीं है, मगर यह एक संवैधानिक अधिकार है। कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना किसी की जमीन नहीं ली जा सकती है।
कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण कानून का पालन करते हुए मुआवजा देने के बाद ही जमीनें अधिग्र्रहीत करने के नियम का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा है। इस आदेश की प्रति प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और प्राधिकरणों को भेजे जाने का निर्देश दिया गया है। प्रयागराज के सिकंदरा शीतलापुर गांव की गायत्री देवी और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।
याची की जमीन बिना अधिग्र्रहण और बिना मुआवजा दिए सड़क निर्माण के लिए ले ली गई। इसके खिलाफ उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। कोर्ट ने याची से कहा कि वह अपनी शिकायत का प्रत्यावेदन दे और एसडीएम वित्त उसकी जांच कर चार माह में अपनी रिपोर्ट डीएम को देंगे। रिपोर्ट मिलने के एक माह के भीतर डीएम रिपोर्ट पर निर्णय लें। कोर्ट ने कहा कि 12 मई 2016 के शासनादेश का कड़ाई से पालन किया जाए और जमीन का अधिग्रहण निर्धारित कानून के तहत मुआवजा देकर ही किया जाए।
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बिना अधिग्रहण जमीन कब्जा करने
वाले अफसरों पर कार्रवाई का आदेश
0 हाईकोर्ट का सख्त रुख, मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए कहा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। बिना भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही किए किसानों की जमीनें कब्जाने वाले अधिकारियों पर हाईकोर्ट ने सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव से कहा कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना किसानों की भूमिधरी की जमीन सड़क निर्माण या दूसरे विकास कार्यों के लिए लेने वाले अफसरों पर कार्रवाई करें। अदालत का कहना है कि संपत्ति का अधिकार भले ही मूल अधिकार नहीं है, मगर यह एक संवैधानिक अधिकार है। कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना किसी की जमीन नहीं ली जा सकती है।
कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण कानून का पालन करते हुए मुआवजा देने के बाद ही जमीनें अधिग्र्रहीत करने के नियम का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा है। इस आदेश की प्रति प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और प्राधिकरणों को भेजे जाने का निर्देश दिया गया है। प्रयागराज के सिकंदरा शीतलापुर गांव की गायत्री देवी और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।
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याची की जमीन बिना अधिग्र्रहण और बिना मुआवजा दिए सड़क निर्माण के लिए ले ली गई। इसके खिलाफ उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। कोर्ट ने याची से कहा कि वह अपनी शिकायत का प्रत्यावेदन दे और एसडीएम वित्त उसकी जांच कर चार माह में अपनी रिपोर्ट डीएम को देंगे। रिपोर्ट मिलने के एक माह के भीतर डीएम रिपोर्ट पर निर्णय लें। कोर्ट ने कहा कि 12 मई 2016 के शासनादेश का कड़ाई से पालन किया जाए और जमीन का अधिग्रहण निर्धारित कानून के तहत मुआवजा देकर ही किया जाए।
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