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अब नए सदस्य ही करेंगे ऑनलाइन परीक्षा पर फैसला
Updated Fri, 09 Nov 2018 09:33 PM IST
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अब नए सदस्य ही करेंगे ऑनलाइन परीक्षा पर फैसला
0 आयोग और एजेंसियों के बीच करार में आड़े आ रहीं शर्तें
0 एक्ट में भी नहीं है ऑनलाइन परीक्षा कराए जाने का प्रावधान
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने कुछ माह पहले योजना बनाई थी कि परीक्षाएं ऑनलाइन कराई जाएंगी। प्रयोग के तौर पर छोटी परीक्षाओं से इसे लागू करने की तैयारी थी, लेकिन यह व्यवस्था अब तक लागू नहीं हो सकी। इसकी एक वजह यह है कि ऑनलाइन परीक्षा का प्रावधान आयोग के एक्ट में भी नहीं है और आयोग ने एजेंसियों के सामने कुछ ऐसी कठिन शर्तें रख दी थीं, जिनके आधार पर काम करने के लिए एजेंसियां तैयार नहीं। आयोग में जल्द ही सात नए सदस्यों की नियुक्ति होनी है। ऐसे में दारोमदार अब नए सदस्यों पर होगा कि ऑनलाइन परीक्षा के लिए आयोग की बैठक में प्रस्ताव लाते हैं या नहीं।
केंद्र में तमाम भर्ती संस्थाओं की ओर से ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में यह व्यवस्था लागू नहीं है। ऑनलाइन परीक्षा के आयोजन से परिणाम समय पर आ जाता है और नियुक्तियों की प्रक्रिया भी तय समय पर पूरी हो जाती है। यूपीएससी ने भी इसी तर्ज पर कुछ परीक्षाओं के ऑनलाइन आयोजन की तैयारी की थी और इसके लिए कुछ एजेंसियों से संपर्क भी किया गया था। सूत्रों के मुताबिक बातचीत काफी हद तक सफल भी रही और एजेंसियां परीक्षाएं कराने को तैयार भी थीं, लेकिन वे आयोग के 1985 के एक्ट में शामिल कुछ शर्तों के तहत अनुबंध करने को राजी नहीं थीं।
आयोग के एक्ट में ऑनलाइन परीक्षा के आयोजन का प्रावधान भी नहीं है। ऐसे में एक्ट में संशोधन की जरूरत पड़ेगी। इसके अलावा आयोग ने जब ऑनलाइन परीक्षा की योजना बनाई, उसके बाद अन्य भर्ती संस्थाओं में गड़बड़ी के कुछ ऐसे मामले सामने आए कि आयोग के अफसर इस योजना को आगे ले जाने से कतराने लगे। पहले एसएससी की परीक्षाओं और इसके बाद 68500 शिक्षक भर्ती में एजेंसियों की लापरवाही से बड़ी गड़बड़ियां सामने आईं। इन मामलों के सामने आने के बाद ऑनलाइन परीक्षा आयोग के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। आयोग में जल्द ही सात नए सदस्यों की नियुक्ति होनी है। उनकी नियुक्ति के बाद ही कोरम पूरा होगा और इसके बाद आयोग के सदस्यों पर निर्भर करेगा कि ऑनलाइन परीक्षाएं होंगी या नहीं।
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0 आयोग और एजेंसियों के बीच करार में आड़े आ रहीं शर्तें
0 एक्ट में भी नहीं है ऑनलाइन परीक्षा कराए जाने का प्रावधान
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने कुछ माह पहले योजना बनाई थी कि परीक्षाएं ऑनलाइन कराई जाएंगी। प्रयोग के तौर पर छोटी परीक्षाओं से इसे लागू करने की तैयारी थी, लेकिन यह व्यवस्था अब तक लागू नहीं हो सकी। इसकी एक वजह यह है कि ऑनलाइन परीक्षा का प्रावधान आयोग के एक्ट में भी नहीं है और आयोग ने एजेंसियों के सामने कुछ ऐसी कठिन शर्तें रख दी थीं, जिनके आधार पर काम करने के लिए एजेंसियां तैयार नहीं। आयोग में जल्द ही सात नए सदस्यों की नियुक्ति होनी है। ऐसे में दारोमदार अब नए सदस्यों पर होगा कि ऑनलाइन परीक्षा के लिए आयोग की बैठक में प्रस्ताव लाते हैं या नहीं।
केंद्र में तमाम भर्ती संस्थाओं की ओर से ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में यह व्यवस्था लागू नहीं है। ऑनलाइन परीक्षा के आयोजन से परिणाम समय पर आ जाता है और नियुक्तियों की प्रक्रिया भी तय समय पर पूरी हो जाती है। यूपीएससी ने भी इसी तर्ज पर कुछ परीक्षाओं के ऑनलाइन आयोजन की तैयारी की थी और इसके लिए कुछ एजेंसियों से संपर्क भी किया गया था। सूत्रों के मुताबिक बातचीत काफी हद तक सफल भी रही और एजेंसियां परीक्षाएं कराने को तैयार भी थीं, लेकिन वे आयोग के 1985 के एक्ट में शामिल कुछ शर्तों के तहत अनुबंध करने को राजी नहीं थीं।
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आयोग के एक्ट में ऑनलाइन परीक्षा के आयोजन का प्रावधान भी नहीं है। ऐसे में एक्ट में संशोधन की जरूरत पड़ेगी। इसके अलावा आयोग ने जब ऑनलाइन परीक्षा की योजना बनाई, उसके बाद अन्य भर्ती संस्थाओं में गड़बड़ी के कुछ ऐसे मामले सामने आए कि आयोग के अफसर इस योजना को आगे ले जाने से कतराने लगे। पहले एसएससी की परीक्षाओं और इसके बाद 68500 शिक्षक भर्ती में एजेंसियों की लापरवाही से बड़ी गड़बड़ियां सामने आईं। इन मामलों के सामने आने के बाद ऑनलाइन परीक्षा आयोग के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। आयोग में जल्द ही सात नए सदस्यों की नियुक्ति होनी है। उनकी नियुक्ति के बाद ही कोरम पूरा होगा और इसके बाद आयोग के सदस्यों पर निर्भर करेगा कि ऑनलाइन परीक्षाएं होंगी या नहीं।
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