Mahakumbh : मौनी अमावस्या पर रिकॉर्ड 222 मेला स्पेशल समेत चलीं 441 ट्रेनें, सबसे ज्यादा एनसीआर ने चलाईं
मौनी अमावस्या पर प्रयागराज के स्टेशनों से तकरीबन 200 स्पेशल ट्रेन चलाए जाने की तैयारी की गई, लेकिन भीड़ ज्यादा होने की वजह से प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज छिवकी, प्रयाग, प्रयागराज रामबाग, सूबेदारगंज, नैनी, फाफामऊ एवं प्रयागराज रामबाग स्टेशन से 222 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया।
विस्तार
मौनी अमावस्या पर रेलवे ने रिकॉर्ड 441 ट्रेनों का संचालन किया। खास बात यह रही कि 441 में से 222 मेला स्पेशल ट्रेनें रहीं। इसमें से अधिकांश मेला स्पेशल का ऑन डिमांड संचालन किया गया। यानी जिस रूट पर यात्रियों की ज्यादा भीड़ रही उस रूट पर रेलवे ने स्पेशल ट्रेन चला दी। सर्वाधिक 46 मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन पंडित दीन दयाल उपाध्याय रूट पर किया गया।
मौनी अमावस्या पर प्रयागराज के स्टेशनों से तकरीबन 200 स्पेशल ट्रेन चलाए जाने की तैयारी की गई, लेकिन भीड़ ज्यादा होने की वजह से प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज छिवकी, प्रयाग, प्रयागराज रामबाग, सूबेदारगंज, नैनी, फाफामऊ एवं प्रयागराज रामबाग स्टेशन से 222 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। महाकुंभ के सबसे बड़े स्नान पर्व पर प्रयागराज जंक्शन से 104, छिवकी से 23, नैनी से 17 और सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन से 13, उत्तर रेलवे के प्रयाग स्टेशन से 23, फाफामऊ स्टेशन से पांच और पूर्वोत्तर रेलवे के रामबाग स्टेशन से नौ व झूंसी स्टेशन से 28 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया।
पहली बार झूंसी से चलीं 28 ट्रेनें
यह पहला मौका था जब झूंसी स्टेशन से रिकॉर्ड 28 मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ अशोक कुमार का कहना है कि मौनी अमावस्या पर 2019 के कुंभ की तुलना में झूंसी और रामबाग स्टेशन से चार गुना अधिक ट्रेनें चलाई गईं। 2019 में मौनी अमावस्या पर चार दिनों में 36 मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया था, जबकि इस बार एक दिन में ही 37 मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं।
एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि एनसीआर के स्टेशनों से 280 ट्रेनें चलाई गईं। इसमें पांच विस्तारित ट्रेनें, पांच रिंगरेल भी शामिल रहीं। रूट वार बात करें तो कानपुर की ओर 30, पंडित दीन दयाल उपाध्याय की ओर 46, सतना-मानिकपुर की तरफ 30, अयोध्या के लिए दस और वाराणसी रूट पर छह मेला स्पेशल ट्रेनेें एनसीआर द्वारा चलाई गईं।
42 घंटे में चलीं 335 मेला स्पेशल ट्रेनें
मौनी अमावस्या पर प्रयागराज पहुंचे श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 42 घंटे में रेलवे द्वारा 335 मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा चुका है। महाकुंभ मेला अवधि में अब तक दो हजार स्पेशल ट्रेनें चलाई जा चुकी हैं। मौनी अमावस्या के अगले दिन यानी बृहस्पतिवार को प्रयागराज के सभी स्टेशनों से 113 स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया गया। इसमें प्रयागराज जंक्शन से 57, प्रयागराज छिवकी से तीन, नैनी से छह, सूबेदारगंज से पांच, प्रयाग से 11, फाफामऊ से पांच, प्रयागराज रामबाग से सात और झूंसी से 19 स्पेशल ट्रेनें शाम छह बजे तक चलाई गईं।
जंक्शन पर खुसरोबाग से ही दिया गया प्रवेश
प्रयागराज जंक्शन पर बुधवार की तरह बृहस्पतिवार को भी यात्रियों को खुसरोबाग सेे ही प्रवेश दिया गया। इसका फायदा यह रहा कि यहां रेलवे द्वारा क्राउड मैनेजमेंट बेहतर तरीके से कर लिया गया। जंक्शन के किसी भी यात्री आश्रय स्थल पर भीड़ नहीं हुई और लगातार यात्रियों को स्पेशल ट्रेनों में बैठाया जाता रहा।
कई मेला स्पेशल ट्रेन निरस्त होने से बढ़ी श्रद्धालुओं की दिक्कत
मौनी अमावस्या केे बाद रेलवे जहां एक ओर ऑन डिमांड स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर पूर्व में घोषित मेला स्पेशल ट्रेनों का निरस्तीकरण भी कर रहा है। इस वजह से उन श्रद्धालुओं को ज्यादा दिक्कत हो रही है जिन्होंने प्रयागराज आने के लिए ट्रेनों में अपने रिजर्वेशन करवा रखे हैं। अब ट्रेन निरस्त होने की सूचना मिलने की वजह से वह परेशान है कि क्या करें।
देवरिया से आए भानू निषाद और उनकेे पुत्र रिंकू निषाद का उदाहरण लें तो मौनी अमावस्या के एक दिन पूर्व ही वह प्रयागराज पहुंचे। उन्होंने वापसी का रिजर्वेशन चौरीचौरा एक्सप्रेस में करवा रखा था, लेकिन सूचना मिली कि ट्रेन निरस्त है। बाद में वह पैदल ही झूंसी के लिए रवाना हुए, ताकि वहां से वह बस द्वारा देवरिया पहुंच सके। इसी तरह बुधवार नेता जी एक्सप्रेस के निरस्त होने की वजह से गया से प्रयागराज पहुंचे कृष्ण जी श्रीवास्तव ने खूसरोबाग आश्रय स्थल पर रात गुजारी।
वह बृहस्पतिवार को स्पेशल ट्रेन से पंडित दीन दयाल उपाध्याय के लिए रवाना हुए। इस बीच रेलवे ने पूर्व में घोषित कुछ और ट्रेनों को भी निरस्त किया है। इसमें 04109-04110 गोविंदपुरी -प्रयागराज-गोविंदपुरी 31 जनवरी को, 01809-08110 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी -प्रयागराज छिवकी 31 जनवरी को, 01811-01812 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी -प्रयागराज छिवकी 31जनवरी, 01815 ग्वालियर - प्रयागराज छिवकी 31जनवरी , 01816 प्रयागराज छिवकी - ग्वालियर एक फरवरी, 01817 बीना - प्रयागराज छिवकी, 31 जनवरी , 01818 प्रयागराज छिवकी - बीना एक फरवरी, 04117-04118 प्रयागराज-अयोध्या कैंट 31 जनवरी को निरस्त रहेगी।
मौनी पर तीन दिन में चलीं 1009 ट्रेनें, 24.73 लाख यात्रियों ने किया सफर
मौनी अमावस्या पर रेलवे ने रिकाॅर्ड संख्या में ट्रेनें चलाईं। 28 से 30 जनवरी तक शहर स्थित पूर्वोत्तर रेेलवे, उत्तर मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे के स्टेशनों से 1009 ट्रेनों की आवाजाही हुई। इनसे 24.73 लाख यात्रियों ने सफर किया। प्रयागराज जंक्शन, छिवकी, प्रयाग, रामबाग, फाफामऊ, झूंसी, सूबेदारगंज एवं नैनी स्टेशन से 488 स्पेशल और 521 रूटीन ट्रेनों का संचालन हुआ। पर्व के एक दिन पहले 28 जनवरी को 284 व 29 जनवरी को 387 और पर्व के एक बाद 30 जनवरी को 338 ट्रेनें चलाई गईं।
इन तीनों दिवसों पर प्रयागराज के स्टेशनों से क्रमश: 80, 233 एवं 175 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। इस तरह से स्पेशल ट्रेनों से 19.52 लाख यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचा गया। वहीं, रूटीन ट्रेनों से इस अवधि में 5.21 लाख यात्रियों ने सफर किया। जोनल वार ट्रेनों के संचालन में उत्तर मध्य रेलवे ने 28 से 30 जनवरी की अवधि में 727, उत्तर रेलवे एवं पूर्वोत्तर रेलवे ने 141-141 ट्रेनों का संचालन किया। इसमें स्पेशल ट्रेनों की संख्या क्रमश: 317, 62 एवं 109 रही। इस बीच शुक्रवार को भी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाता रहा। शाम छह बजे तक 51 स्पेशल ट्रेनें प्रयागराज जंक्शन एवं शहर के अन्य स्टेशनों से चलाई जा चुकी थीं।