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आईएएस परीक्षा से संबंधित खबरें
Updated Sun, 29 Apr 2018 01:28 AM IST
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पैटर्न बलदने से बेहतर परिणाम के आसार
0 यूपी के छात्र एक साथ कर सकेंगे आईएएस-पीसीएस की तैयारी
0 वक्त की होगी बचत, तैयारी करने के लिए मिलेगा अधिक समय
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
पीसीएस परीक्षा में पैटर्न के बाद अगले साल से आईएएस की परीक्षा में यूपी के छात्रों की भागीदारी बढ़ने के पूरे आसार हैं। प्रतियोगियों को अब सिविल सेवा परीक्षा के लिए अलग से तैयारी नहीं करनी होगी। दोनों परीक्षाओं की तैयारियां एक साथ की जा सकेंगी और वक्त की बचत भी होगी।
पीसीएस मुख्य परीक्षा का नया पाठ्यक्रम वर्ष 2018 की परीक्षा से लागू किया जाना है। पीसीएस और आईएएस का पैटर्न अब एक समान हो गया है। पीसीएस में भी अब सामान्य अध्ययन के चार प्रश्नपत्र होंगे और प्रत्येक प्रश्नपत्र में दीर्घ उत्तरी प्रकार के सवाल होंगे, जैसा की आईएएस की परीक्षा में होता है। पहले पीसीएस की मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के दो प्रश्नपत्र होते थे और दोनों में बहुविकल्पीय प्रकार के सवाल पूछे जाते थे। इसके अलावा आईएएस की तरह पीसीएस मुख्य परीक्षा में भी एक ही वैकल्पिक विषय होगा। पहले प्रतियोगी छात्रों को पीसीएस और आईएएस परीक्षा के लिए अलग-अलग तैयारी करनी होती थी। परीक्षार्थियों को तैयारी के लिए अधिकतम छह माह का समय मिलता था, लेकिन अब प्रतियोगी अब पूरे साल एक ही पैटर्न पर तैयारी कर सकेंगे। यानी उन्हें तैयारी करने के लिए दोगुना समय मिलेगा। ऐसे में अगले साल से आईएएस परीक्षा के चयनितों में यूपी के अभ्यर्थियों की भागीदारी बढ़ने के पूरे आसार हैं।
नौकरी के साथ बढ़ा तैयारी का चलन
0 रोजगार संकट के दौर में कोई मौका नहीं गवाना चाहते युवा
0 आईएएस में ज्यादातर चयनित पहले से कहीं कर रहे नौकरी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
रोजगार संकट के दौर में नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का चलन तेजी से बढ़ा है। युवा सरकारी नौकरी पाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं, सो जहां भी चयन हुआ ज्वाइन कर लिया और इसके साथ परीक्षाओं की तैयारी में भी लगे रहे।
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सिविल सेवा परीक्षा का शुक्रवार को जारी परिणाम में इसके जीते-जागते उदाहरण हैं। आठवीं रैंक हासिल करने वाले अनुभव सिंह को पिछली बार 683वीं रैंक मिली थी और उन्हें भारतीय राजस्व सेवा के तहत इनकम टैक्स विभाग मिला। हालांकि, तैयारी और बेहतर परिणाम के लिए उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान छुट्टी ले ली और दूसरे प्रयास में लबी छलांग लगाई। इसी तरह 161वीं रैंक के साथ चयनित अरविंद प्रताप सिंह हंडिया में नायब तहसीलदार हैं। उनका चयन पीसीएस-2013 में हुआ था और जुलाई-2016 में उन्होंने नायब तहसीलदार के पद पर ज्वाइन किया। 810वीं रैंक के साथ चयनित करेली की शीरत फातिमा भी सरकारी स्कूल में टीचर हैं। वहीं, 654वीं रैंक हासिल करने वाले विक्रम गंगावार ट्रेजरी अफसर हैं। उनका चयन पीसीएस-2015 में भी हुआ था। उन्होंने नौकरी ज्वाइन की और सिविल सेवा की तैयारी भी करते रहे। चंदौली के एसडीएम दीप्ति देव यादव ने भी नौकरी में रहते हुए तैयारी की और इस बार आईएएस की परीक्षा में उन्हें 766वीं रैंक हासिल हुई।
फोटो
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दूसरे ही प्रयास में सफल रहे देवेंद्र
इलाहाबाद। देवेंद्र दत्त यादव को आईएएस में 984वीं रैंक हासिल हुई है। मूलत: जौनपुर के रहने वाले देवेंद्र ने प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक की पढ़ाई जौनपुर में ही पूरी की लेकिन इलाहाबाद के दारागंज इलाके में रहकर उन्होंने लंबे समय तक रहकर तैयारी की। आईएएस की परीक्षा में उनका विषय दर्शनशास्त्र था। देवेंद्र ने पहले दारागंज में रहकर तैयारी की और इसके बाद कोंचिंग के लिए दिल्ली चले गए। दूसरे ही प्रयास में देवेंद्र को सफलता मिल गई।
फोटो
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स्कूल पहुंचे अनुभव, प्रिंसिपल ने दी बधाई
इलाहाबाद। आईएएस में आठवीं रैंक हासिल करने हंडिया के अनुभव सिंह ने शुक्रवार को बीबीएस इंटर कॉलेज पहुंचे। अनुभव ने कक्षा नौ से इंटर तक की पढ़ाई इसी कॉलेज से पूरी की थी। कॉलेज पहुंचने पर प्रिंसिपल रणजीत सिंह समेत शिक्षक एवं छात्रों ने गर्मजोशी से अनुभव का स्वागत किया। प्रिंसिपल ने अपने शिष्य अनुभव को मिठाई खिलाई और चयन के लिए बधाई भी दी। छह मई को अनुभव कॉलेज में रहेंगे और छात्रों को टिप्स देंगे।
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0 यूपी के छात्र एक साथ कर सकेंगे आईएएस-पीसीएस की तैयारी
0 वक्त की होगी बचत, तैयारी करने के लिए मिलेगा अधिक समय
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
पीसीएस परीक्षा में पैटर्न के बाद अगले साल से आईएएस की परीक्षा में यूपी के छात्रों की भागीदारी बढ़ने के पूरे आसार हैं। प्रतियोगियों को अब सिविल सेवा परीक्षा के लिए अलग से तैयारी नहीं करनी होगी। दोनों परीक्षाओं की तैयारियां एक साथ की जा सकेंगी और वक्त की बचत भी होगी।
पीसीएस मुख्य परीक्षा का नया पाठ्यक्रम वर्ष 2018 की परीक्षा से लागू किया जाना है। पीसीएस और आईएएस का पैटर्न अब एक समान हो गया है। पीसीएस में भी अब सामान्य अध्ययन के चार प्रश्नपत्र होंगे और प्रत्येक प्रश्नपत्र में दीर्घ उत्तरी प्रकार के सवाल होंगे, जैसा की आईएएस की परीक्षा में होता है। पहले पीसीएस की मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के दो प्रश्नपत्र होते थे और दोनों में बहुविकल्पीय प्रकार के सवाल पूछे जाते थे। इसके अलावा आईएएस की तरह पीसीएस मुख्य परीक्षा में भी एक ही वैकल्पिक विषय होगा। पहले प्रतियोगी छात्रों को पीसीएस और आईएएस परीक्षा के लिए अलग-अलग तैयारी करनी होती थी। परीक्षार्थियों को तैयारी के लिए अधिकतम छह माह का समय मिलता था, लेकिन अब प्रतियोगी अब पूरे साल एक ही पैटर्न पर तैयारी कर सकेंगे। यानी उन्हें तैयारी करने के लिए दोगुना समय मिलेगा। ऐसे में अगले साल से आईएएस परीक्षा के चयनितों में यूपी के अभ्यर्थियों की भागीदारी बढ़ने के पूरे आसार हैं।
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नौकरी के साथ बढ़ा तैयारी का चलन
0 रोजगार संकट के दौर में कोई मौका नहीं गवाना चाहते युवा
0 आईएएस में ज्यादातर चयनित पहले से कहीं कर रहे नौकरी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
रोजगार संकट के दौर में नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का चलन तेजी से बढ़ा है। युवा सरकारी नौकरी पाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं, सो जहां भी चयन हुआ ज्वाइन कर लिया और इसके साथ परीक्षाओं की तैयारी में भी लगे रहे।
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सिविल सेवा परीक्षा का शुक्रवार को जारी परिणाम में इसके जीते-जागते उदाहरण हैं। आठवीं रैंक हासिल करने वाले अनुभव सिंह को पिछली बार 683वीं रैंक मिली थी और उन्हें भारतीय राजस्व सेवा के तहत इनकम टैक्स विभाग मिला। हालांकि, तैयारी और बेहतर परिणाम के लिए उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान छुट्टी ले ली और दूसरे प्रयास में लबी छलांग लगाई। इसी तरह 161वीं रैंक के साथ चयनित अरविंद प्रताप सिंह हंडिया में नायब तहसीलदार हैं। उनका चयन पीसीएस-2013 में हुआ था और जुलाई-2016 में उन्होंने नायब तहसीलदार के पद पर ज्वाइन किया। 810वीं रैंक के साथ चयनित करेली की शीरत फातिमा भी सरकारी स्कूल में टीचर हैं। वहीं, 654वीं रैंक हासिल करने वाले विक्रम गंगावार ट्रेजरी अफसर हैं। उनका चयन पीसीएस-2015 में भी हुआ था। उन्होंने नौकरी ज्वाइन की और सिविल सेवा की तैयारी भी करते रहे। चंदौली के एसडीएम दीप्ति देव यादव ने भी नौकरी में रहते हुए तैयारी की और इस बार आईएएस की परीक्षा में उन्हें 766वीं रैंक हासिल हुई।
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दूसरे ही प्रयास में सफल रहे देवेंद्र
इलाहाबाद। देवेंद्र दत्त यादव को आईएएस में 984वीं रैंक हासिल हुई है। मूलत: जौनपुर के रहने वाले देवेंद्र ने प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक की पढ़ाई जौनपुर में ही पूरी की लेकिन इलाहाबाद के दारागंज इलाके में रहकर उन्होंने लंबे समय तक रहकर तैयारी की। आईएएस की परीक्षा में उनका विषय दर्शनशास्त्र था। देवेंद्र ने पहले दारागंज में रहकर तैयारी की और इसके बाद कोंचिंग के लिए दिल्ली चले गए। दूसरे ही प्रयास में देवेंद्र को सफलता मिल गई।
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स्कूल पहुंचे अनुभव, प्रिंसिपल ने दी बधाई
इलाहाबाद। आईएएस में आठवीं रैंक हासिल करने हंडिया के अनुभव सिंह ने शुक्रवार को बीबीएस इंटर कॉलेज पहुंचे। अनुभव ने कक्षा नौ से इंटर तक की पढ़ाई इसी कॉलेज से पूरी की थी। कॉलेज पहुंचने पर प्रिंसिपल रणजीत सिंह समेत शिक्षक एवं छात्रों ने गर्मजोशी से अनुभव का स्वागत किया। प्रिंसिपल ने अपने शिष्य अनुभव को मिठाई खिलाई और चयन के लिए बधाई भी दी। छह मई को अनुभव कॉलेज में रहेंगे और छात्रों को टिप्स देंगे।