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Prayagraj Flood : कानपुर गंगा बैराज से छोड़ा जा रहा 2.95 लाख क्यूसेक पानी, प्रयागराज में बढ़ा बाढ़ का खतरा

Thu, 20 Aug 2026 12:51 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 20 Aug 2026 12:51 PM IST
सार

Prayagraj Flood : गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर के बीच कानपुर गंगा बैराज से छोड़े जा रहे पानी ने प्रयागराज की चिंता बढ़ा दी है। कानपुर बैराज से 2,95,637 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड गंगा में छोड़ा जा रहा है। मानसूनी बारिश और नरौरा डैम समेत सहायक नदियों से लगातार पानी आने से बैराज के सभी 30 गेट खोल दिए गए हैं।

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2.95 lakh cusecs of water being released from the Kanpur Ganga Barrage; flood risk rises in Prayagraj.
प्रयागराज में बारिश के बाद कई इलाकों में हुआ जल भराव। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर के बीच कानपुर गंगा बैराज से छोड़े जा रहे पानी ने प्रयागराज की चिंता बढ़ा दी है। कानपुर बैराज से 2,95,637 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड गंगा में छोड़ा जा रहा है। मानसूनी बारिश और नरौरा डैम समेत सहायक नदियों से लगातार पानी आने से बैराज के सभी 30 गेट खोल दिए गए हैं। ऐसे में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

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केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में यमुना का जलस्तर नैनी में 59 सेंटीमीटर और छतनाग में 57 सेंटीमीटर बढ़ा। गंगा फाफामऊ में भी 36 सेंटीमीटर बढ़ी। शाम चार बजे तक दोनों नदियां चार घंटे में नैनी में नौ, छतनाग में आठ और फाफामऊ में चार सेंटीमीटर बढ़ गईं।

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खतरे के निशान से 4.34 मीटर नीचे, लेकिन पानी की बढ़त जारी

बुधवार शाम चार बजे गंगा फाफामऊ में 80.39 मीटर, यमुना नैनी में 79.89 मीटर और छतनाग में 79.47 मीटर दर्ज की गई। एसटीपी बक्शी बांध पर जलस्तर 80.05 मीटर रहा। प्रयागराज में बाढ़ का खतरे का निशान 84.734 मीटर है। यानी फाफामऊ में गंगा अभी खतरे के निशान से करीब 4.34 मीटर नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ता जलस्तर और ऊपर से आने वाला पानी शहर के लिए चिंता का कारण है।

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संगम पर बढ़ सकता है दबाव

कानपुर से छोड़ा गया पानी गंगा की धारा के साथ आगे बढ़ेगा। प्रयागराज पहुंचने पर इसका असर गंगा के साथ संगम क्षेत्र में भी पड़ सकता है। यहां गंगा और यमुना का संगम होने के कारण दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर कछारी क्षेत्रों और नदी किनारे बसे इलाकों पर दिखाई दे सकता है। खासकर निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका बढ़ सकती है।

खोले गए बैराज के सभी 30 गेट

कानपुर गंगा बैराज में अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब बताया गया है। लगातार बारिश और ऊपरी जलाशयों से पानी आने के कारण बैराज के सभी 30 गेट खोलकर करीब 2.95 लाख क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा है। बैराज से छोड़े जाने वाला पानी कौशाम्बी और प्रयागराज में गंगा के कछारी इलाके में बाढ़ का खतरा लेकर आ सकता है।

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