फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   1989 Lok Sabha elections: Janata Dal workers used to roam from village to village making 'Chakra' from bamboo

1989 लोकसभा चुनाव : बांस की खपच्ची से ‘चक्र’ बनाकर गांव-गांव घूमते थे जनता दल के कार्यकर्ता

Sun, 07 Apr 2024 12:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 07 Apr 2024 12:07 PM IST
सार

इसके बाद रामपूजन ने भी इस पार्टी का दामन छोड़ दिया। फिर वीपी सिंह ने चुनाव आयोग में जनता दल का पंजीकरण करवाया तो पहली बार चुनाव चिह्न के रूप में उन्हें ‘चक्र’ आवंटित हुआ। लोग नया चुनाव चिह्न ‘चक्र ’ पहचान सकें, इसके लिए उन्होंने नामांकन के बाद अपने करीबियों के साथ मंथन किया।

विज्ञापन
1989 Lok Sabha elections: Janata Dal workers used to roam from village to village making 'Chakra' from bamboo
चुनाव चिन्ह चक्र। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फूलपुर लोकसभा का वर्ष 1989 का चुनाव बहुत ही दिलचस्प रहा है। तब पहली बार यहां त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला था। चुनाव में लगातार दूसरी बार रामपूजन पटेल की जीत हुई। तब वह जनता दल के टिकट पर निर्वाचित हुए थे।

विज्ञापन

हालांकि उन्हें अपने चुनाव चिह्न ‘चक्र’ के प्रचार के लिए खासी मशक्कत भी करनी पड़ी थी, क्योंकि तब यह चुनाव चिह्न नया था। उस दौरान उनके करीबियों ने बांस की टहनी और खपच्ची से बहुत सारे चक्र बनाए और उसे लेकर गांव-गांव घूमे।

विज्ञापन

और तो और बसपा ने पहली बार इस सीट पर जोर आजमाइश करते हुए बेनी माधव बिंद को प्रत्याशी बनाया, जिन्होंने कांग्रेस और जनता दल दोनों को टक्कर दी। बसपा को अपने पहले ही चुनाव में फूलपुर में एक लाख से ज्यादा वोट मिल गए। उस चुनाव में तब के वर्तमान सांसद रामपूजन पटेल ने अपना पाला बदलते हुए जनता दल से चुनाव लड़ा। दरअसल राजीव गांधी सरकार में रक्षा मंत्री वीपी सिंह ने बोफोर्स तोप मामले में कांग्रेस सरकार से इस्तीफा दे दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद रामपूजन ने भी इस पार्टी का दामन छोड़ दिया। फिर वीपी सिंह ने चुनाव आयोग में जनता दल का पंजीकरण करवाया तो पहली बार चुनाव चिह्न के रूप में उन्हें ‘चक्र’ आवंटित हुआ। लोग नया चुनाव चिह्न ‘चक्र ’ पहचान सकें, इसके लिए उन्होंने नामांकन के बाद अपने करीबियों के साथ मंथन किया। इस दौरान उन्हें कई सुझाव मिले। अंत में तय हुआ कि बांस की टहनी और उसी की खपच्ची से ‘चक्र’ बनाया जाए और चुनाव चिह्न के साथ गांव-गांव कार्यकर्ता घूमें।

रामपूजन के निर्देश पर कार्यकर्ताओं ने ऐसा ही किया। तब जनता दल में चुनाव संचालन टीम के सदस्य रहे वरिष्ठ समाजसेवी केके श्रीवास्तव कहते हैं, ‘चक्र ’ के साथ गांव-गांव कार्यकर्ता घूमे। चुनाव प्रचार के लिए जहां कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रजीत यादव वाहनों के बड़े काफिले के साथ, वहीं रामपूजन अपनी एंबेसडर कार से ही निकलते थे। उनके साथ अन्य वाहन नहीं होते थे। 1989 के चुनाव में फूलपुर सीट से कुल 12 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। चुनाव यहां भले ही त्रिकोणीय रहा, लेकिन जीत रामपूजन पटेल को ही मिली।

फूलपुर से लोस चुनाव 1989 का परिणाम

प्रत्याशी का नाम पार्टी मिले मत

राम पूजन पटेल जनता दल 198266

चंद्रजीत यादव कांग्रेस 165765

बेनी माधव बिंद बसपा 115521

तुलसी राम सरोज निर्दलीय 3756

श्रीराम जायसवाल डीडीपी 3066

मो. यूसुफ निर्दलीय 2585

दिवाकर शुक्ला निर्दलीय 1766

सुरेश चंद्रा निर्दलीय 1507

सदाशिव निर्दलीय 1442

आदित्य प्रसाद शुक्ला निर्दलीय 1442

राम प्रताप निर्दलीय 1415

राजपति निर्दलीय 1026

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed