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यमुना किनारे अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट सख्त
Updated Thu, 13 Jul 2017 09:07 PM IST
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यमुना के बाढ़ क्षेत्र में निर्माण से हाईकोर्ट नाराज
0 मथुरा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष और नगर आयुक्त से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने मथुरा में यमुना के बाढ़ क्षेत्र में आने वाले इलाकों में अवैध निर्माण होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और नगर आयुक्त से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है कि जब अवैध निर्माणों को सात साल पहले नोटिस दिया गया था तो फिर इनको ध्वस्त क्यों नहीं किया गया।
मधु मंगल दास शुक्ला की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की पीठ ने 21 जुलाई तक हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अधिकारियों से इस संबंध में की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा तलब किया है। नगर आयुक्त से भी पूछा है कि यमुना सीधे गिरने वाले नालों को रोकने और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरु करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। अगली सुनवाई पर आदेश की अनुपालन रिपोर्ट भी पेश करनी होगी। ब्यूरो
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0 मथुरा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष और नगर आयुक्त से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने मथुरा में यमुना के बाढ़ क्षेत्र में आने वाले इलाकों में अवैध निर्माण होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और नगर आयुक्त से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है कि जब अवैध निर्माणों को सात साल पहले नोटिस दिया गया था तो फिर इनको ध्वस्त क्यों नहीं किया गया।
मधु मंगल दास शुक्ला की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की पीठ ने 21 जुलाई तक हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अधिकारियों से इस संबंध में की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा तलब किया है। नगर आयुक्त से भी पूछा है कि यमुना सीधे गिरने वाले नालों को रोकने और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरु करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। अगली सुनवाई पर आदेश की अनुपालन रिपोर्ट भी पेश करनी होगी। ब्यूरो
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