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पौने तीन करोड़ रुपये के बकाए कि खिलाफ कोर्ट पहुंचा चिश्वविद्यलय
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पौने तीन करोड़ बिजली बकाए के
खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा इविवि
0 पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम से जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। पौन तीन करोड़ रुपये के बिजली के बिल के बकाए पर जारी वसूली नोटिस को इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कुलसचिव के मार्फत दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिका पर न्यायमूर्ति भारती सप्रू और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है।
इससे पूर्व हाईकोर्ट ने 18 सितंबर 2018 को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और इलाहाबाद विश्वविद्यालय को आपस में बैठक कर मामला तय कर लेने का निर्देश दिया था। दोनों पक्षों में आपसी सहमति बनी मगर भुगतान नहीं होने पर बिजली विभाग ने वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी। विश्वविद्यालय का कहना है कि उसने आधा बकाया एक करोड़ 37 लाख रुपये जमा कर दिए हैं। बिजली विभाग चौबीस घंटे आपूर्ति का अपना वादा नहीं निभा रहा है। उल्टे विश्वविद्यालय का खाता सीज करने जा रहा है। प्रदेश सरकार के अधिवक्ता बीपी सिंह कछवाह का कहना था कि विश्वविद्यालय ने सहमति के बावजूद बकाया भुगतान नहीं किया है। विश्वविद्यालय बिल का भुगतान नहीं करता है और 24 घंटे आपूर्ति के लिए दबाव बनाया जाता है। कोर्ट ने जवाब मांगते हुए दो सप्ताह के बाद सुनवाई के लिए कहा है।
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खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा इविवि
0 पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम से जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। पौन तीन करोड़ रुपये के बिजली के बिल के बकाए पर जारी वसूली नोटिस को इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कुलसचिव के मार्फत दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिका पर न्यायमूर्ति भारती सप्रू और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है।
इससे पूर्व हाईकोर्ट ने 18 सितंबर 2018 को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और इलाहाबाद विश्वविद्यालय को आपस में बैठक कर मामला तय कर लेने का निर्देश दिया था। दोनों पक्षों में आपसी सहमति बनी मगर भुगतान नहीं होने पर बिजली विभाग ने वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी। विश्वविद्यालय का कहना है कि उसने आधा बकाया एक करोड़ 37 लाख रुपये जमा कर दिए हैं। बिजली विभाग चौबीस घंटे आपूर्ति का अपना वादा नहीं निभा रहा है। उल्टे विश्वविद्यालय का खाता सीज करने जा रहा है। प्रदेश सरकार के अधिवक्ता बीपी सिंह कछवाह का कहना था कि विश्वविद्यालय ने सहमति के बावजूद बकाया भुगतान नहीं किया है। विश्वविद्यालय बिल का भुगतान नहीं करता है और 24 घंटे आपूर्ति के लिए दबाव बनाया जाता है। कोर्ट ने जवाब मांगते हुए दो सप्ताह के बाद सुनवाई के लिए कहा है।
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