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घाटालेबाज कंपनी निदेशकों की गिरफ्तारी पर रोक से इंकार
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घोटालेबाज निदेशकों की
गिरफ्तारी पर रोक से इंकार
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने सहारनपुर की कारपोरेट कंपनियों के निदेशकों नसीम अहमद और उनके परिवार के अन्य लोगों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। इन सभी पर फर्जी कंपनियां बनाकर 78.75 करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप है। नसीम के अलावा बानो बेगम, फरीदा बेगम और मोहम्मद इकबाल ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए याचिका दाखिल की थी।
याचिका पर न्यायमूर्ति एनए मुनीस और न्यायमूर्ति वीके श्रीवास्तव की पीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि याचीगण पर घोटाले के काफी गंभीर आरोप हैं। सीबीआई के अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश ने याचिका का विरोध किया। मामले के अनुसार याचीगण सहारनपुर के मिर्जापुर गांव के रहने वाले हैं। नई दिल्ली में इनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज है। सुप्रीमकोर्ट के हस्तक्षेप पर याचीगण के खिलाफ ईडी और सीबीआई ने जांच शुरू की। सीबीआई के अधिवक्ता का कहना था कि याचीगण ने 17 कारपोरेट कंपनियों में जमा 1253.33 लाख रुपये की 40 फीसदी रकम अन्य खातों में ट्रांसफर कर हड़प ली है। बचाव में कहा गया कि कई एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए।
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घोटालेबाज निदेशकों की
गिरफ्तारी पर रोक से इंकार
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने सहारनपुर की कारपोरेट कंपनियों के निदेशकों नसीम अहमद और उनके परिवार के अन्य लोगों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। इन सभी पर फर्जी कंपनियां बनाकर 78.75 करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप है। नसीम के अलावा बानो बेगम, फरीदा बेगम और मोहम्मद इकबाल ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए याचिका दाखिल की थी।
याचिका पर न्यायमूर्ति एनए मुनीस और न्यायमूर्ति वीके श्रीवास्तव की पीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि याचीगण पर घोटाले के काफी गंभीर आरोप हैं। सीबीआई के अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश ने याचिका का विरोध किया। मामले के अनुसार याचीगण सहारनपुर के मिर्जापुर गांव के रहने वाले हैं। नई दिल्ली में इनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज है। सुप्रीमकोर्ट के हस्तक्षेप पर याचीगण के खिलाफ ईडी और सीबीआई ने जांच शुरू की। सीबीआई के अधिवक्ता का कहना था कि याचीगण ने 17 कारपोरेट कंपनियों में जमा 1253.33 लाख रुपये की 40 फीसदी रकम अन्य खातों में ट्रांसफर कर हड़प ली है। बचाव में कहा गया कि कई एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए।
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