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पीसीएस ही नहीं, साधी भर्तियां भी निशाने पर
Updated Sun, 28 Jan 2018 01:08 AM IST
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पीसीएस ही नहीं, सीधी भर्तियां भी निशाने पर
0 आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2016 भी जांच के दायरे में
0 सीबीआई के आने की सूचना से यूपीपीएससी में बढ़ी हलचल
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
सीबीआई की टीम उत्तर प्रदेश लोेक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से पिछले पांच वर्षों में की गईं भर्तियों की जांच शुरू कर चुकी है। सीबीआई जांच शुरू होने के बाद कई दूसरी भर्ती परीक्षाओं में भी गड़बड़ी के मामले सामने आ सकते हैं। सीबीआई की टीम सोमवार को इलाहाबाद आ सकती है। इस सूचना से यूपीपीएससी में हलचल बढ़ गई है।
जन सूचना अधिकार के तहत यह बात आयोग के अफसर खुद मान चुके हैं कि पीसीएस 2012 और पीसीएस 2014 की कॉपियां नष्ट की जा चुकी हैं। ऐसे में सीबीआई इन परीक्षाओं से जुड़े कई दूसरे दस्तावेज भी खंगाल सकती है। हालांकि, गड़बड़ी के आरोप सिर्फ पीसीएस परीक्षा में ही नहीं लगे हैं। आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2016 का पेपर आउट होने के मामले में सीबीसीआईडी पहले से जांच कर रही है। अब यह परीक्षा सीबीआई जांच के दायरे में आ गई है। भर्तियों के लिए आयोजित लिखित परीक्षाओं तो कुछ पारदर्शिता भी होती है, जबकि सीधी भर्ती में धांधली की आशंका अधिक होती है और पिछले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने बड़े पैमाने पर सीधी भर्तियां कीं। इन भर्ती परीक्षाओं पर किसी की नजर नहीं गई। सीधे इंटरव्यू के माध्यम से यह भर्तियां कर दी गईं। ऐसे में न सिर्फ पीसीएस परीक्षा, बल्कि आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2016 और बड़े पैमाने पर हुईं सीधी भार्तियां भी सीबीआई के निशाने पर होंगी। पिछली सरकार में यह आरोप भी लगते रहे कि ज्यादातर परीक्षाओं में एक जाति विशेष के अभ्यर्थियों का चयन किया गया, सो इस दिशा में भी सीबीआई जांच मुड़ सकती है। सूत्रों का कहना है कि आयोग में तमाम पुरानी परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज अपडेट किए जा रहे हैं।
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0 आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2016 भी जांच के दायरे में
0 सीबीआई के आने की सूचना से यूपीपीएससी में बढ़ी हलचल
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
सीबीआई की टीम उत्तर प्रदेश लोेक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से पिछले पांच वर्षों में की गईं भर्तियों की जांच शुरू कर चुकी है। सीबीआई जांच शुरू होने के बाद कई दूसरी भर्ती परीक्षाओं में भी गड़बड़ी के मामले सामने आ सकते हैं। सीबीआई की टीम सोमवार को इलाहाबाद आ सकती है। इस सूचना से यूपीपीएससी में हलचल बढ़ गई है।
जन सूचना अधिकार के तहत यह बात आयोग के अफसर खुद मान चुके हैं कि पीसीएस 2012 और पीसीएस 2014 की कॉपियां नष्ट की जा चुकी हैं। ऐसे में सीबीआई इन परीक्षाओं से जुड़े कई दूसरे दस्तावेज भी खंगाल सकती है। हालांकि, गड़बड़ी के आरोप सिर्फ पीसीएस परीक्षा में ही नहीं लगे हैं। आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2016 का पेपर आउट होने के मामले में सीबीसीआईडी पहले से जांच कर रही है। अब यह परीक्षा सीबीआई जांच के दायरे में आ गई है। भर्तियों के लिए आयोजित लिखित परीक्षाओं तो कुछ पारदर्शिता भी होती है, जबकि सीधी भर्ती में धांधली की आशंका अधिक होती है और पिछले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने बड़े पैमाने पर सीधी भर्तियां कीं। इन भर्ती परीक्षाओं पर किसी की नजर नहीं गई। सीधे इंटरव्यू के माध्यम से यह भर्तियां कर दी गईं। ऐसे में न सिर्फ पीसीएस परीक्षा, बल्कि आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2016 और बड़े पैमाने पर हुईं सीधी भार्तियां भी सीबीआई के निशाने पर होंगी। पिछली सरकार में यह आरोप भी लगते रहे कि ज्यादातर परीक्षाओं में एक जाति विशेष के अभ्यर्थियों का चयन किया गया, सो इस दिशा में भी सीबीआई जांच मुड़ सकती है। सूत्रों का कहना है कि आयोग में तमाम पुरानी परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज अपडेट किए जा रहे हैं।
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