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21 साल बाद रेलवे के खलासियों को मिला न्याय

Sun, 24 Jun 2018 12:30 AM IST
Updated Sun, 24 Jun 2018 12:30 AM IST
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21 साल बाद रेलवे के खलासियों को मिला न्याय
गोरखपुर के ध्यानार्थ
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21 साल बाद रेलवे खलासियों को मिला न्याय
0 कैट ने दिया 1997 से सेवा नियमित करने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। रेलवे के गोरखपुर मंडल में कार्यरत खलासियों को 21 साल बाद न्याय मिल सका। उनकी सेवा पुरानी तिथि से नियमित करने की मांग स्वीकार करते हुए केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने उनकी सेवाएं 1997 से नियमित करने का आदेश दिया है। किशोरी और आठ अन्य की ओर से दाखिल अर्जी पर सुनवाई करते हुए कैट के न्यायिक सदस्य डा. मुर्तजा अली ने यह आदेश दिया है।
याचीगण का कहना था कि वह रेलवे में 1978 से 1981 के बीच खलासी नियुक्त हुए थे और बाद में उनको अस्थायी पद का दर्जा दे दिया गया। रेलवे बोर्ड ने तीन सितंबर 1996 को सभी जोन के जनरल मैनेजरों को पत्र जारी कर निर्देश दिया था कि ऐसे कैजुअल लेबर जो दिसंबर 1996 से रोल पर हैं उनको 1997-98 के रिक्तियों के सापेक्ष नियमित कर दिया जाए। नियमितिकरण के लिए स्क्रीनिंग के जरिए वरिष्ठता को आधार बनाया गया। इस आदेश के आधार पर याचीगण से अक्तूबर 2000 में सभी प्रमाणपत्र और सर्विस रिकार्ड जमा कर लिए गए। 16 खलासियों को नियमित करने के योग्य पाया गया मगर किसी को नियमित नहीं किया गया। याचीगण का स्क्रीनिंग टेस्ट 2004 में फिर से किया गया और इसके बाद 2004 से उनकी सेवा नियमित कर दी गई।
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याचिका में कहा गया कि अन्य सेंटरों पर जहां कर्मचारियों को बाद में नियमित किया गया मगर उनका नियमितिकरण 1997 से ही माना गया है जबकि याचीगण को 2004 से नियमित किया गया है। अधिकरण ने दलील स्वीकार करते हुए आदेश दिया है कि याचीगण को 1997 से ही नियमितिकरण का लाभ दिया जाए।
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