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ट्रामा सेंटर में इलाज न करने की मंत्री से शिकायत
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:46 AM IST
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ट्रामा सेंटर में इलाज से इंकार की चिकित्सा मंत्री से शिकायत
0 अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी खबर, हाईकोर्ट के पूर्व संयुक्त सचिव ने मंत्री को भेजा पत्र
इलाहाबाद। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में हॉल ही में शुरू किए गए ट्रामा सेंटर में घायल होमगार्ड का इलाज करने का मामला चिकित्सा मंत्री आशुतोष टंडन तक पहुंच गया है। हाईकोर्ट के पूर्व संयुक्त सचिव अजय कुमार मिश्र ने अमर उजाला में प्रकाशित इस समाचार का संज्ञान लेते हुए मंत्री को पत्र लिखकर घटना की शिकायत की है। पत्र में अधिवक्ता ने लिखा है कि दुघर्टना में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को अच्छा इलाज उपलब्ध कराने के लिए ट्रामा सेंटर स्थापित किया गया है। इसके लिए उनके स्तर से काफी प्रयास किए गए।
हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करने सहित कई बार धरना-प्रदर्शन करने के बाद सेंटर शुरू हुआ मगर अब यहां यदि इसी प्रकार से घायल का इलाज करने से मना किया जाएगा तो सेंटर का उद्देश्य विफल हो जाएगा। अधिवक्ता का आरोप है कि अस्थि रोग के विभागाध्यक्ष द्वारा अपने अधीनस्थ सभी रेेजीडेंट डाक्टरों को ट्रामा सेंटर में काम करने से मना किया गया है जिसकी वजह से यह स्थिति आई है। पत्र में घटना की जांच कराने की मांग की गई है। उल्लेखनीय है कि झूंसी में सड़क दुघर्टना में घायल होमगार्ड दुर्गेश त्रिपाठी और चंद्रकेतु यादव को उपचार के लिए ट्रामा सेंटर लाया गया था मगर वहां कोई डाक्टर इलाज के लिए उपलब्ध नहीं हुआ। एसपी सिटी के हस्तक्षेप के बाद होमगार्डों का इलाज हो सका।
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0 अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी खबर, हाईकोर्ट के पूर्व संयुक्त सचिव ने मंत्री को भेजा पत्र
इलाहाबाद। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में हॉल ही में शुरू किए गए ट्रामा सेंटर में घायल होमगार्ड का इलाज करने का मामला चिकित्सा मंत्री आशुतोष टंडन तक पहुंच गया है। हाईकोर्ट के पूर्व संयुक्त सचिव अजय कुमार मिश्र ने अमर उजाला में प्रकाशित इस समाचार का संज्ञान लेते हुए मंत्री को पत्र लिखकर घटना की शिकायत की है। पत्र में अधिवक्ता ने लिखा है कि दुघर्टना में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को अच्छा इलाज उपलब्ध कराने के लिए ट्रामा सेंटर स्थापित किया गया है। इसके लिए उनके स्तर से काफी प्रयास किए गए।
हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करने सहित कई बार धरना-प्रदर्शन करने के बाद सेंटर शुरू हुआ मगर अब यहां यदि इसी प्रकार से घायल का इलाज करने से मना किया जाएगा तो सेंटर का उद्देश्य विफल हो जाएगा। अधिवक्ता का आरोप है कि अस्थि रोग के विभागाध्यक्ष द्वारा अपने अधीनस्थ सभी रेेजीडेंट डाक्टरों को ट्रामा सेंटर में काम करने से मना किया गया है जिसकी वजह से यह स्थिति आई है। पत्र में घटना की जांच कराने की मांग की गई है। उल्लेखनीय है कि झूंसी में सड़क दुघर्टना में घायल होमगार्ड दुर्गेश त्रिपाठी और चंद्रकेतु यादव को उपचार के लिए ट्रामा सेंटर लाया गया था मगर वहां कोई डाक्टर इलाज के लिए उपलब्ध नहीं हुआ। एसपी सिटी के हस्तक्षेप के बाद होमगार्डों का इलाज हो सका।
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