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पचास प्रतिशत पद प्रोन्नति से भरने को चुनौती
Updated Thu, 27 Jul 2017 08:22 PM IST
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इंटर कॉलेजों में 50 प्रतिशत पद प्रोन्नति से भरने पर जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने इंटरमीडिएट कॉलेजों में पचास फीसदी पद प्रोन्नति से और पचास फीसदी सीधी भर्ती से भरने के नियम पर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर प्रोन्नति से पद भरने की वैधानिकता को चुनौती दी गई है। कोर्ट ने सरकार से जानना चाहा है कि क्या आधे पद प्रोन्नति से भरने का नियम वैधानिक है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को इस मामले में आठ अगस्त तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अशर्फीलाल की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण टंडन और ऋतुराज अवस्थी की पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा है कि यह एक गंभीर मामला है जिसका पूरे प्रदेश पर असर पड़ेगा। कोर्ट ने जानना चाहा है कि क्या पचास प्रतिशत सीटें प्रोन्नति से भरने का नियम संविधान के अनुच्छेद 14 में दिए समानता के अधिकार का हनन नहीं करता है। याची का कहना है कि सुप्रीमकोर्ट ने यूपी पावर कारपोरेशन के केस में प्रोन्नति में आरक्षण लागू करने को अवैध करार दिया है अब यदि प्रोन्नति से पचास प्रतिशत पद भरे जाएंगे तो उसमें आरक्षण भी लागू करना होगा जो सुप्रीमकोर्ट के आदेश के विपरीत होगा। कोर्ट ने इस पर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश देते हुए आठ अगस्त की तिथि नियत की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने इंटरमीडिएट कॉलेजों में पचास फीसदी पद प्रोन्नति से और पचास फीसदी सीधी भर्ती से भरने के नियम पर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर प्रोन्नति से पद भरने की वैधानिकता को चुनौती दी गई है। कोर्ट ने सरकार से जानना चाहा है कि क्या आधे पद प्रोन्नति से भरने का नियम वैधानिक है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को इस मामले में आठ अगस्त तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अशर्फीलाल की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण टंडन और ऋतुराज अवस्थी की पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा है कि यह एक गंभीर मामला है जिसका पूरे प्रदेश पर असर पड़ेगा। कोर्ट ने जानना चाहा है कि क्या पचास प्रतिशत सीटें प्रोन्नति से भरने का नियम संविधान के अनुच्छेद 14 में दिए समानता के अधिकार का हनन नहीं करता है। याची का कहना है कि सुप्रीमकोर्ट ने यूपी पावर कारपोरेशन के केस में प्रोन्नति में आरक्षण लागू करने को अवैध करार दिया है अब यदि प्रोन्नति से पचास प्रतिशत पद भरे जाएंगे तो उसमें आरक्षण भी लागू करना होगा जो सुप्रीमकोर्ट के आदेश के विपरीत होगा। कोर्ट ने इस पर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश देते हुए आठ अगस्त की तिथि नियत की है।
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