{"_id":"5e9210338ebc3e6fab4124e9","slug":"13-thousond-laborers-received-full-months-salary-city-desk-news-ald273127715","type":"story","status":"publish","title_hn":"13 हजार मजदूरों को मिला पूरे महीने का वेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
13 हजार मजदूरों को मिला पूरे महीने का वेतन
विज्ञापन
कारखानों तथा दुकानाें पर तैनात करीब 13 हजार मजदूरों को मार्च का पूरा वेतन दिया गया है। सरकार के आदेश के क्रम में लॉकडाउन की वजह से कंपनी बंद होने के दौरान का भी वेतन दिया गया है। वेतन पाने वालों में नौ हजार से अधिक मजदूर दुकानों पर नियुक्त हैं।
जिले में कुल 230 कंपनियां हैं। इनमें 183 कारखाने हैं। शेष पेट्रोल पंप एवं अन्य संस्थान हैं। पेट्रोल पंपों के अलावा आवश्यक सेवाओं वाली कंपनियों को खोला गया है। हालांकि, काम कम होने की वजह से इनमें भी श्रमिकों की संख्या कम कर दी गई है। इसके विपरीत सरकार का आदेश है कि सभी को पूरा वेतन दिया जाए। श्रम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार इनमें तैनात 3423 कर्मचारियों को वेतन के रूप में 31 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। इसी तरह से 419 दुकानों का भी सर्वे किया जा चुका है। इन पर तैनात 9219 मजदूरों को भी 30 करोड़ रुपये वेतन के रूप में दिए गए हैं। उपायुक्त श्रम राकेश द्विवेदी ने बताया कि कंपनी तथा दुकान के मालिकों से संपर्क किया जा रहा है। सभी को वेतन दिलाना सुनिश्चित कराया जाएगा।
सुरक्षाकर्मियों को नहीं मिला वेतन, श्रम विभाग में गुहार
हाशिमपुर रोड स्थित एक चिकित्सीय संस्थान में तैनात 52 सुरक्षाकर्मियाें को मार्च का वेतन अभी तक नहीं मिला है। सभी निजी सिक्योरिटी एजेंसी से संबद्ध हैं और वहीं से वेतन नहीं मिला है। गार्डों ने इसकी शिकायत श्रम विभाग में की। अफसरों के हस्तक्षेप के बाद एजेंसी ने सोमवार को वेतन जारी करने का आश्वासन दिया है। इसी तरह से एक निजी संस्थान में नियुक्त कर्मचारी ने भी वेतन नहीं मिलने की शिकायत की है। अफसरों ने नियोक्ता से संपर्क किया और वेतन देने के लिए दबाव बनाया।
विज्ञापन
लॉकडाउन की वजह से भुगतान में परेशानी
जिले में कुल दुकानाें तथा निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या का कोई विवरण अभी तक तैयार नहीं किया गया है। ऐसे में यह कह पाना है मुश्किल है कि सभी कर्मचारियों, मजदूरों को वेतन मिला है या नहीं। हालांकि, अफसरों का कहना है कि अभी तक करीब 50 फीसदी संस्थानों से संपर्क हुआ है। कहीं से वेतन संबंधित कोई शिकायत नहीं आई है। उनका यह भी कहना है कि लॉकडाउन की वजह से कंपनियों के संचालकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह से उन्हें पास जारी करने में भी परेशानी आ रही है।
1500 से अधिक प्रवासी मजदूरों का भेजा डिटेल
0 भट्ठों तथा कई अन्य निर्माण कार्यों में लगे हजारों मजदूर यहां फंस गए हैं। इनमें आसपास के जिलों के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार आदि राज्यों के भी हैं। केंद्र सरकार के निर्देा पर इन प्रवासी मजदूरों का विवरण तैयार किया जा रहा है। उनके नाम, पता आदि के अलावा आधार कार्ड की भी फीडिंग की जा रही है। यहां अभी तक 1500 से अधिक मजदूरों के डिटेल ऑनलाइन किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
जिले में कुल 230 कंपनियां हैं। इनमें 183 कारखाने हैं। शेष पेट्रोल पंप एवं अन्य संस्थान हैं। पेट्रोल पंपों के अलावा आवश्यक सेवाओं वाली कंपनियों को खोला गया है। हालांकि, काम कम होने की वजह से इनमें भी श्रमिकों की संख्या कम कर दी गई है। इसके विपरीत सरकार का आदेश है कि सभी को पूरा वेतन दिया जाए। श्रम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार इनमें तैनात 3423 कर्मचारियों को वेतन के रूप में 31 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। इसी तरह से 419 दुकानों का भी सर्वे किया जा चुका है। इन पर तैनात 9219 मजदूरों को भी 30 करोड़ रुपये वेतन के रूप में दिए गए हैं। उपायुक्त श्रम राकेश द्विवेदी ने बताया कि कंपनी तथा दुकान के मालिकों से संपर्क किया जा रहा है। सभी को वेतन दिलाना सुनिश्चित कराया जाएगा।
विज्ञापन
सुरक्षाकर्मियों को नहीं मिला वेतन, श्रम विभाग में गुहार
हाशिमपुर रोड स्थित एक चिकित्सीय संस्थान में तैनात 52 सुरक्षाकर्मियाें को मार्च का वेतन अभी तक नहीं मिला है। सभी निजी सिक्योरिटी एजेंसी से संबद्ध हैं और वहीं से वेतन नहीं मिला है। गार्डों ने इसकी शिकायत श्रम विभाग में की। अफसरों के हस्तक्षेप के बाद एजेंसी ने सोमवार को वेतन जारी करने का आश्वासन दिया है। इसी तरह से एक निजी संस्थान में नियुक्त कर्मचारी ने भी वेतन नहीं मिलने की शिकायत की है। अफसरों ने नियोक्ता से संपर्क किया और वेतन देने के लिए दबाव बनाया।
विज्ञापन
लॉकडाउन की वजह से भुगतान में परेशानी
जिले में कुल दुकानाें तथा निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या का कोई विवरण अभी तक तैयार नहीं किया गया है। ऐसे में यह कह पाना है मुश्किल है कि सभी कर्मचारियों, मजदूरों को वेतन मिला है या नहीं। हालांकि, अफसरों का कहना है कि अभी तक करीब 50 फीसदी संस्थानों से संपर्क हुआ है। कहीं से वेतन संबंधित कोई शिकायत नहीं आई है। उनका यह भी कहना है कि लॉकडाउन की वजह से कंपनियों के संचालकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह से उन्हें पास जारी करने में भी परेशानी आ रही है।
1500 से अधिक प्रवासी मजदूरों का भेजा डिटेल
0 भट्ठों तथा कई अन्य निर्माण कार्यों में लगे हजारों मजदूर यहां फंस गए हैं। इनमें आसपास के जिलों के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार आदि राज्यों के भी हैं। केंद्र सरकार के निर्देा पर इन प्रवासी मजदूरों का विवरण तैयार किया जा रहा है। उनके नाम, पता आदि के अलावा आधार कार्ड की भी फीडिंग की जा रही है। यहां अभी तक 1500 से अधिक मजदूरों के डिटेल ऑनलाइन किए जा चुके हैं।