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महिला संरक्षण अधीक्का के निलंबन पर रोक
Updated Wed, 14 Jun 2017 08:03 PM IST
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महिला संरक्षण गृह अधीक्षका के निलंबन पर रोक
जांच जारी रखने की सरकार को हाईकोर्ट ने दी छूट
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने राजकीय संरक्षण गृह (महिला) आगरा की अधीक्षिका स्मिता सिंह के निलंबन पर रोक लगा दी है। हालांकि कोर्ट ने प्रदेश सरकार को इस मामले में अपनी जांच रखने की छूट दी है। कोर्ट ने सरकार से चार सप्ताह में इस मामले में जवाब मांगा है। याचिका के अगली तिथि पर सूचीबद्ध होने तक निलंबन आदेश पर रोक लगी रहेगी।
स्मिता सिंह की याचिका पर न्यायमूर्ति कृष्णमुरारी और न्यायमूर्ति एसडी सिंह की पीठ ने सुनवाई की। याची का कहना था कि उसके खिलाफ की गई कार्रवाई अवैध है क्योंकि याची को 29 मई 2017 को संरक्षण गृह से मुक्त की गई 43 लड़कियों के मामले में जांच का निर्देश दिया गया था। उसने अपनी जांच रिपोर्ट 30 मई को सौंप दी। इसके बावजूद उसे निलंबित कर दिया गया। निलंबन आदेश जारी करने से पहले कोई अनुशासनात्मक जांच भी नहीं कराई गई। निलंबन की कार्रवाई एकतरफा है। कोर्ट ने याची की ओर से की गई दलील में बल पाते हुए निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है। प्रदेश सरकार को इस मामले में चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने की मोहलत दी है।
उल्लेखनीय है कि संरक्षण गृह में इलाहाबाद के रेड लाइट एरिया से पकड़ कर भेजी गई करीब 50 लड़कियां रखी गई थी। इनमें से कुछ की रिहाई का आदेश कोर्ट ने दिया था मगर करीब 43 लड़कियों को बिना किसी आदेश के रिहा कर दिया गया। इसकी शिकायत पर डीएम आगरा ने मामले की जांच अधीक्षिका को सौंपी थी। बाद में उनको निलंबित कर दिया गया था।
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महिला संरक्षण गृह अधीक्षका के निलंबन पर रोक
जांच जारी रखने की सरकार को हाईकोर्ट ने दी छूट
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने राजकीय संरक्षण गृह (महिला) आगरा की अधीक्षिका स्मिता सिंह के निलंबन पर रोक लगा दी है। हालांकि कोर्ट ने प्रदेश सरकार को इस मामले में अपनी जांच रखने की छूट दी है। कोर्ट ने सरकार से चार सप्ताह में इस मामले में जवाब मांगा है। याचिका के अगली तिथि पर सूचीबद्ध होने तक निलंबन आदेश पर रोक लगी रहेगी।
स्मिता सिंह की याचिका पर न्यायमूर्ति कृष्णमुरारी और न्यायमूर्ति एसडी सिंह की पीठ ने सुनवाई की। याची का कहना था कि उसके खिलाफ की गई कार्रवाई अवैध है क्योंकि याची को 29 मई 2017 को संरक्षण गृह से मुक्त की गई 43 लड़कियों के मामले में जांच का निर्देश दिया गया था। उसने अपनी जांच रिपोर्ट 30 मई को सौंप दी। इसके बावजूद उसे निलंबित कर दिया गया। निलंबन आदेश जारी करने से पहले कोई अनुशासनात्मक जांच भी नहीं कराई गई। निलंबन की कार्रवाई एकतरफा है। कोर्ट ने याची की ओर से की गई दलील में बल पाते हुए निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है। प्रदेश सरकार को इस मामले में चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने की मोहलत दी है।
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उल्लेखनीय है कि संरक्षण गृह में इलाहाबाद के रेड लाइट एरिया से पकड़ कर भेजी गई करीब 50 लड़कियां रखी गई थी। इनमें से कुछ की रिहाई का आदेश कोर्ट ने दिया था मगर करीब 43 लड़कियों को बिना किसी आदेश के रिहा कर दिया गया। इसकी शिकायत पर डीएम आगरा ने मामले की जांच अधीक्षिका को सौंपी थी। बाद में उनको निलंबित कर दिया गया था।
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