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एलटी ग्रेड
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पुलिस ने एलटी ग्रेड प्रदर्शनकारियों को हटाया
परीक्षा परिणाम घोषित करने की मांग को लेकर लोक सेवा आयोग अध्यक्ष से मिलने पहुंचे परीक्षार्थियों को रोका
प्रयागराज। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का परिणाम घोषित करने की मांग को लेकर बुधवार शाम को प्रतियोगी छात्रों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के आवास के सामने प्रदर्शन किया। प्रतियोगी छात्र आयोग के अध्यक्ष से मिलने की कोशिश कर रहे थे। चुनाव आचार संहिता का हवाला देकर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पहले आयोग के सामने और बाद में अध्यक्ष के आवास के सामने से हटाकर धरना खत्म करवाया।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा जुलाई में हुई थी, परीक्षा के आठ महीने बीत जाने के बाद भी परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुआ। परीक्षार्थियों का आरोप है कि वह शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे जबकि पुलिस एवं प्रशासन ने धरना स्थगित करने के लिए बाध्य किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार की निंदा की, उनका कहना था कि मनमाने तरीके से सरकार ने उनका धरना खत्म करवाया। आंदोलनकारियों की अगुवाई कर रहे अनिल पाल का कहना है कि आयोग की ओर से विधिक अड़चन की बात कहकर गुमराह करने की कोशिश हो रही है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन के दबाव में भले ही धरना खत्म कर दिया हो परंतु जल्द ही बैठक करके आंदोलन की नई रणनीति तय की जाएगी। धरना प्रदर्शन में विक्की खान, कुलदीप यादव, नितिन चौधरी, विकास सिंह, ज्योति सिंह, राजेंद्र सिंह यादव, विनोद शर्मा, दिनेश राय, प्रदीप तिवारी, उमाशंकर सिंह, सुरेंद्र चैरसिया, राम नरेश, अरविंद यादव, आयुश पांडेय, पंकज जलज सिंह आदि मौजूद रहे।
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परीक्षा परिणाम घोषित करने की मांग को लेकर लोक सेवा आयोग अध्यक्ष से मिलने पहुंचे परीक्षार्थियों को रोका
प्रयागराज। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का परिणाम घोषित करने की मांग को लेकर बुधवार शाम को प्रतियोगी छात्रों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के आवास के सामने प्रदर्शन किया। प्रतियोगी छात्र आयोग के अध्यक्ष से मिलने की कोशिश कर रहे थे। चुनाव आचार संहिता का हवाला देकर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पहले आयोग के सामने और बाद में अध्यक्ष के आवास के सामने से हटाकर धरना खत्म करवाया।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा जुलाई में हुई थी, परीक्षा के आठ महीने बीत जाने के बाद भी परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुआ। परीक्षार्थियों का आरोप है कि वह शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे जबकि पुलिस एवं प्रशासन ने धरना स्थगित करने के लिए बाध्य किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार की निंदा की, उनका कहना था कि मनमाने तरीके से सरकार ने उनका धरना खत्म करवाया। आंदोलनकारियों की अगुवाई कर रहे अनिल पाल का कहना है कि आयोग की ओर से विधिक अड़चन की बात कहकर गुमराह करने की कोशिश हो रही है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन के दबाव में भले ही धरना खत्म कर दिया हो परंतु जल्द ही बैठक करके आंदोलन की नई रणनीति तय की जाएगी। धरना प्रदर्शन में विक्की खान, कुलदीप यादव, नितिन चौधरी, विकास सिंह, ज्योति सिंह, राजेंद्र सिंह यादव, विनोद शर्मा, दिनेश राय, प्रदीप तिवारी, उमाशंकर सिंह, सुरेंद्र चैरसिया, राम नरेश, अरविंद यादव, आयुश पांडेय, पंकज जलज सिंह आदि मौजूद रहे।
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