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एचआईवी पीड़ितों के इलाज पर जवाब तलब
Updated Wed, 05 Jul 2017 08:43 PM IST
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एसआरएन में एचआईवी पीड़ितों के इलाज पर जवाब तलब
इलाहाबाद। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में एचआईवी पीड़ित मरीजों को उचित इलाज और निशुल्क दवाएं नहीं मिलने को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने अस्पताल के अधीक्षक से कहा है कि वह हलफनामा दाखिल कर बताएं कि अस्पताल में एचआईवी पॉजिटिव मरीजों के इलाज की क्या सुविधाएं हैं। क्या अस्पताल आने वाले मरीजों को दवाएं और अन्य जरूरी सुविधाएं मिल पा रही हैं। विधि छात्रों शिवेश रघुवंशी और अन्य की याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता ने सुनवाई की। मामले पर 16 अगस्त को अगली सुनवाई होगी।
याचिका पर छात्र ईशान मिश्र ने पक्ष रखा। याची का कहना था कि विधि छात्रों की एक टीम ने अस्पताल के एचआईवी विभाग का निरीक्षण किया। यहां प्रतिदिन करीब 150 से 200 मरीज आते हैं मगर अस्पताल में इन मरीजों को इलाज और जांच की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल के पास पर्याप्त जांच उपकरण नहीं हैं। जो हैं वह भी ठीक से काम नहीं करते। मरीजों को निशुल्क दवा देने की व्यवस्था है मगर दवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। कोर्ट ने इस मामले पर सीएमएस को छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
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इलाहाबाद। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में एचआईवी पीड़ित मरीजों को उचित इलाज और निशुल्क दवाएं नहीं मिलने को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने अस्पताल के अधीक्षक से कहा है कि वह हलफनामा दाखिल कर बताएं कि अस्पताल में एचआईवी पॉजिटिव मरीजों के इलाज की क्या सुविधाएं हैं। क्या अस्पताल आने वाले मरीजों को दवाएं और अन्य जरूरी सुविधाएं मिल पा रही हैं। विधि छात्रों शिवेश रघुवंशी और अन्य की याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता ने सुनवाई की। मामले पर 16 अगस्त को अगली सुनवाई होगी।
याचिका पर छात्र ईशान मिश्र ने पक्ष रखा। याची का कहना था कि विधि छात्रों की एक टीम ने अस्पताल के एचआईवी विभाग का निरीक्षण किया। यहां प्रतिदिन करीब 150 से 200 मरीज आते हैं मगर अस्पताल में इन मरीजों को इलाज और जांच की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल के पास पर्याप्त जांच उपकरण नहीं हैं। जो हैं वह भी ठीक से काम नहीं करते। मरीजों को निशुल्क दवा देने की व्यवस्था है मगर दवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। कोर्ट ने इस मामले पर सीएमएस को छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
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